सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   After stepping into the world of crime, Udham Singh's close associate made him notorious.

Hapur News: अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद उधम सिंह की करीबी ने बनाया कुख्यात

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
After stepping into the world of crime, Udham Singh's close associate made him notorious.
विज्ञापन
हापुड़। मुरादाबाद में एनकाउंटर में मारा गया हाफिजपुर थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर कलां निवासी आशू चड्ढा उर्फ मोंटी वर्ष 2010 में हत्या के मामले में नामजद होने के बाद जेल गया था। जहां उसकी मुलाकात उधम सिंह के गुर्गों से हुई और वह अपराध के दलदल में फंसता चला गया। इसके बाद उसने लूट, डकैती और रंगदारी जैसे कई संगीन अपराध किए और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात बन गया। शाम को उसका शव गांव पहुंचा जहां गांव के ही श्मशान में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
Trending Videos

आशू उर्फ मोंटी तीन भाइयों में सबसे छोटा था। जब वह साढ़े तीन साल का था तभी उसकी मां का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। इसके बाद मोंटी को ततारपुर निवासी उसकी बुआ ने पाला। परिवार के लोगों की मानें तो 2010 में गांव में हुई पप्पू की हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन इस मामले में रंजिशन फंसाया गया था और इसी मुकदमे के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। इस मामले में वह करीब एक साल जेल में रहा और इस दौरान उसकी मुलाकात उधम सिंह गैंग के बदमाशों से हुई। जेल से छूटने के बाद उसने ताबड़तोड़ वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कुख्यात बदमाश बन गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाफिजपुर थाने के अलावा आशू पर जिले में करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और चोरी आदि के शामिल हैं। एक के बाद एक दिए गए अपराधों को अंजाम देने के बाद वह उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर बन गया। अब उसका गैंग के साथ कारोबारियाें से रंगदारी वसूलने का मुख्य धंधा बन गया था। ऐसे मामलों में आशू का नाम प्रकाश में आने के बाद एसटीएफ उसके पीछे लगी थी और उसकी तलाश में जुटी थी। हालांकि इससे पहले वर्ष 2025 में हाफिजपुर पुलिस ने उसे चोरी की बाइक और एक तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था, लेकिन इस मामले में उसे जल्दी ही जमानत मिल गई थी।
वर्ष 2014 में की थी सरुरपुर के चेतन की हत्या
पुलिस के अनुसार उधम सिंह गैंग में आने के बाद वर्ष 2014 में आशू ने सुमित जाट के साथ मिलकर मेरठ के हसनपुर रजापुर थाना सरूरपुर में चेतन की हत्या की थी। इसके अलावा उसने सुपारी लेकर मोदीपुरम स्थित कृषि विवि के डीन राजवीर सिंह पर भी गोलियां बराई थीं, हालांकि उनकी जान बच गई थी।

मुकदमों के कारण बिक गई 28 बीघा जमीन, आठ महीने पहले ही हुई थी शादी
आशू तीन भाइयों में अनुज और नीशू के बाद सबसे छोटा था। पिता भरत सिंह के नाम गांव में 28 बीघा जमीन आई थी लेकिन वर्ष 2010 के बाद अपराध की दुनिया से जुड़ने के बाद पिता की यह जमीन बिक गई और परिवार जैसे तैसे ही गुजर बसर कर रहा है। इसके अलावा आशू की शादी करीब आठ महीने पहले ही रायबरेली निवासी ऋचा के साथ हुई थी। वह फिलहाल गांव में नहीं रहती थी और आशू का भी गांव में बेहद कम ही आना जाना था। बताया जा रहा है कि वह अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में कहीं रहता था। बृहस्पतिवार शाम गांव के श्मशान में अंतिम संस्कार के साथ आशू के आपराधिक सफर का भी अंत हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed