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Hapur News: जानलेवा हमले में घायल भीम सिंह ने तोड़ा दम, शव रखकर चार घंटे हंगामा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:19 PM IST
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Bhim Singh, injured in a murderous attack, succumbs; four-hour uproar ensues with his body placed at the scene
गांव अकबरपुर बुकलाना में भीम सिंह की मौत के बाद पहुंचे एएसपी विनीत भटनागर। संवाद
सिंभावली (हापुड़)। थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर बुकलाना में पुरानी रंजिश में घर में घुसकर किए गए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल किसान भीम सिंह (55 साल) की मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को शव गांव लाया गया तो परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। भीड़ को संभालने के लिए तीन थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद लोग अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए।
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ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो भीम सिंह की जान बच सकती थी। पुलिस ने शिकायत के बावजूद पहले दिन कार्रवाई नहीं की। गांव बुकलाना निवासी परविंद्र नागर ने बताया कि 22 जुलाई को गांव के ही नेमपाल ने शराब के नशे में उनके घर में घुसकर हंगामा किया था। उनके पिता भीम सिंह व परिजनों ने उसे शांत कराकर वहां से भेज दिया।
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इसके कुछ देर बाद ही नेमपाल, ब्रह्मपाल, सुभाष, ओमपाल, प्रिंस, सतेंद्र, पप्पू और उनके कई साथी लाठी-डंडे, धारदार हथियार और तमंचे लेकर उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने हंगामा करते हुए उनके पिता, भाई सागर व अन्य परिजनों पर हमला कर दिया। आरोप है कि मामले की शिकायत पीड़ितों ने रात में ही सिंभावली पुलिस से की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए।
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अगले दिन दोबारा आरोपियों ने किया हमला

परविंद्र नागर का आरोप है कि पुलिस की शिथिलता के कारण 23 जुलाई की सुबह दिन निकलते ही करीब सात बजे आरोपी पक्ष के लोगों ने एक बार फिर घर में घुसकर जमकर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग भी की। आरोपियों के इस हमले में घायल उनके पिता भीम सिंह, भाई सागर गंभीर रूप से घायल हो गए और चिकित्सकों ने मेरठ रेफर कर दिया था। वहां उनके पिता की उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह मौत हो गई।
शुक्रवार की दोपहर भीम सिंह का शव गांव पहुंचा तो हंगामा मच गया। ग्रामीण मामले में पुलिस की लापरवाही पर आक्रोशित होकर शव को ट्रैक्टर ट्राॅली में रखकर हाईवे 09 पर जाम लगाने के लिए चल दिए। मौत की सूचना पर पहले ही गांव को छावनी बना दिया गया था। सीओ राहुल यादव समेत तीन थानों की पुलिस गांव में जुटी थी। पुलिस ने लोगों को समझाते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन ग्रामीण शव को हाईवे पर ले जाने का प्रयास करते रहे।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह को भी मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को जैसे-तैसे समझाकर शांत किया। पुलिस ने ग्रामीणों की मांग के अनुसार आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, परिवार को सुरक्षा और आरोपियों पर भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग स्वीकार की।


पुलिस करती कार्रवाई तो बच जाती जान

परिजनों का आरोप था कि 22 जुलाई की रात किए गए हमले की सूचना देने पर यदि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती तो आरोपी दोबारा हमला नहीं कर सकते थे। आरोपियों को समय मिला और उन्होंने बाहरी बदमाशों को बुलाकर अगली सुबह पूरी तैयारी के साथ दोबारा हमला कर दिया। पुलिस पहले ही दिन गांव में पहुंचकर शांति व्यवस्था कायम करती और आरोपियों पर कार्रवाई करती तो भीम सिंह शायद जिंदा होते।



परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराई जाएगी और कार्रवाई होगी। इसके अलावा पुलिस ने एक आरोपी नेमपाल को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी की तलाश की जा रही है। - विनीत भटनागर, एएसपी

गांव अकबरपुर बुकलाना में भीम सिंह की मौत के बाद पहुंचे एएसपी विनीत भटनागर। संवाद

गांव अकबरपुर बुकलाना में भीम सिंह की मौत के बाद पहुंचे एएसपी विनीत भटनागर। संवाद

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