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Hapur News: पानी की योजना पर संकट के बादल... केंद्र सरकार ने पूछे सवाल
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दिल्ली रोड स्थित पानी की टंकी। संवाद
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हापुड़। जल निगम नगरीय की ओर से 120 मोहल्लों में प्रेशर से पानी पहुंचाने की योजना पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। निगम ने पुनर्गठन अमृत योजना-2.0 के तहत 253 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाने के लिए 110 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। प्रस्ताव को लखनऊ से स्वीकृति के बाद भारत सरकार को भेजा गया था। नगर पालिका और जल निगम के प्रस्ताव में अंतर मिलने पर भारत सरकार ने योजना का औचित्य पूछते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
नगर पालिका के जलकल विभाग ने शहर के जिन इलाकों में पेयजल लाइन नहीं है, उसे लेकर करीब पांच किलोमीटर लंबी लाइन बिछाने की योजना तैयार की थी। इसके बाद जल निगम नगरीय के अधिकारियों ने नया प्रस्ताव तैयार कर दिया। इसमें तहसील चौपला से लेकर, स्वर्ग आश्रम रोड, मीनाक्षी रोड, चंडी रोड, रेलवे रोड, फ्री गंज रोड, गढ़ रोड वाले इलाकों में 20 से 30 साल पुरानी जर्जर लाइन बदलने का हवाला दिया गया। इसमें बताया गया कि यह लाइनें 10 से 15 फुट की गहराई में पहुंच गईं हैं। 300 से अधिक लीकेज के कारण हर दिन पानी का नुकसान होता है। जल निगम नगरीय के प्रस्ताव में मोहल्लों में करीब 253 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाने, नलकूप और ओवरहेड टैंक बनाना भी शामिल है।
इस प्रस्ताव को लखनऊ मुख्यालय से स्वीकृति मिल गई थी। इसे अंतिम गजट और स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया। केंद्र सरकार ने नगर पालिका और जल निगम के प्रस्ताव में अंतर मिलने पर कई सवाल पूछे हैं। हालांकि, इसका जवाब जल निगम के अधिकारियों ने दिया है, लेकिन स्वीकृति मिलने पर संदेह जताया जा रहा है।
यह हैं अमृत योजना की गाइडलाइन
केंद्र सरकार की अमृत योजना की गाइडलाइन कहती है कि प्रेशर ऐसा हो कि पानी चार मंजिला भवन तक आसानी से पहुंच सके। इसके अलावा ओवरहेड टैंक की ऊंचाई 25 मीटर होनी चाहिए। इसी प्रकार पानी की पाइपलाइन की चौड़ाई को लेकर भी निर्देश हैं। जिन इलाकों को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है, वहां पानी की स्थिति बेहद खराब है। स्वर्ग आश्रम रोड पर अग्निशमन विभाग के कार्यालय में जो ओवरहेड टैंक बना है, उसमें कम प्रेशर के कारण पानी नहीं पहुंचता है। इसी प्रकार नगर पालिका परिसर में बने ओवरहेड टैंक की क्षमता भी कम है। गढ़ रोड के कई मोहल्लों में पानी का प्रेशर बहुत कम रहता है।
इन मोहल्लों में डाली जाएगी नई पेयजल लाइन
मोहल्ला रघुवीरगंज, गंगापुरा, जवाहर गंज, आर्य नगर, गीता कालोनी, राधिका बिहार, विवेक बिहार, कलक्टर गंज, श्रीनगर, शिवपुरी, रेवती कुंज, पटेल नगर, सीता गंज, देवलोक कालोनी, रामगंज, सीता गंज, पंजाबी कॉलोनी, किशनगंज, भगवानपुरी, पन्नापुरी, कन्हैयापुरा, हरजसपुरा, कवि नगर, असगरपुरा, मीनाक्षी रोड, शास्त्री नगर, नवज्योति कालोनी, मोरपुरा, शिवचरणपुरा, कासिम पुरा, न्यू शिवपुरी, त्यागी नगर, पक्का बाग, पन्नापुरी, प्रेमपुरा, इंद्रलोक, कृष्णा नगर, शास्त्री नगर, भगवती गंज, कोटला यूसुफ, गोपीपुरा, नूरबफान, नबी करीम, गांधी गंज, भीम नगर, निवाजीपुरा, सोटावाली आदि में कार्य होना है।
अमीरुल हसन, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय ने बताया कि केंद्र सरकार ने योजना को लेकर कुछ सवाल पूछे हैं। जिसका जवाब दिया गया है। योजना लखनऊ मुख्यालय से पास हो चुकी है। जल्द ही योजना को अंतिम स्वीकृति केंद्र सरकार से मिलेगी। योजना खारिज नहीं की गई है।
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नगर पालिका के जलकल विभाग ने शहर के जिन इलाकों में पेयजल लाइन नहीं है, उसे लेकर करीब पांच किलोमीटर लंबी लाइन बिछाने की योजना तैयार की थी। इसके बाद जल निगम नगरीय के अधिकारियों ने नया प्रस्ताव तैयार कर दिया। इसमें तहसील चौपला से लेकर, स्वर्ग आश्रम रोड, मीनाक्षी रोड, चंडी रोड, रेलवे रोड, फ्री गंज रोड, गढ़ रोड वाले इलाकों में 20 से 30 साल पुरानी जर्जर लाइन बदलने का हवाला दिया गया। इसमें बताया गया कि यह लाइनें 10 से 15 फुट की गहराई में पहुंच गईं हैं। 300 से अधिक लीकेज के कारण हर दिन पानी का नुकसान होता है। जल निगम नगरीय के प्रस्ताव में मोहल्लों में करीब 253 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाने, नलकूप और ओवरहेड टैंक बनाना भी शामिल है।
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इस प्रस्ताव को लखनऊ मुख्यालय से स्वीकृति मिल गई थी। इसे अंतिम गजट और स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया। केंद्र सरकार ने नगर पालिका और जल निगम के प्रस्ताव में अंतर मिलने पर कई सवाल पूछे हैं। हालांकि, इसका जवाब जल निगम के अधिकारियों ने दिया है, लेकिन स्वीकृति मिलने पर संदेह जताया जा रहा है।
यह हैं अमृत योजना की गाइडलाइन
केंद्र सरकार की अमृत योजना की गाइडलाइन कहती है कि प्रेशर ऐसा हो कि पानी चार मंजिला भवन तक आसानी से पहुंच सके। इसके अलावा ओवरहेड टैंक की ऊंचाई 25 मीटर होनी चाहिए। इसी प्रकार पानी की पाइपलाइन की चौड़ाई को लेकर भी निर्देश हैं। जिन इलाकों को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है, वहां पानी की स्थिति बेहद खराब है। स्वर्ग आश्रम रोड पर अग्निशमन विभाग के कार्यालय में जो ओवरहेड टैंक बना है, उसमें कम प्रेशर के कारण पानी नहीं पहुंचता है। इसी प्रकार नगर पालिका परिसर में बने ओवरहेड टैंक की क्षमता भी कम है। गढ़ रोड के कई मोहल्लों में पानी का प्रेशर बहुत कम रहता है।
इन मोहल्लों में डाली जाएगी नई पेयजल लाइन
मोहल्ला रघुवीरगंज, गंगापुरा, जवाहर गंज, आर्य नगर, गीता कालोनी, राधिका बिहार, विवेक बिहार, कलक्टर गंज, श्रीनगर, शिवपुरी, रेवती कुंज, पटेल नगर, सीता गंज, देवलोक कालोनी, रामगंज, सीता गंज, पंजाबी कॉलोनी, किशनगंज, भगवानपुरी, पन्नापुरी, कन्हैयापुरा, हरजसपुरा, कवि नगर, असगरपुरा, मीनाक्षी रोड, शास्त्री नगर, नवज्योति कालोनी, मोरपुरा, शिवचरणपुरा, कासिम पुरा, न्यू शिवपुरी, त्यागी नगर, पक्का बाग, पन्नापुरी, प्रेमपुरा, इंद्रलोक, कृष्णा नगर, शास्त्री नगर, भगवती गंज, कोटला यूसुफ, गोपीपुरा, नूरबफान, नबी करीम, गांधी गंज, भीम नगर, निवाजीपुरा, सोटावाली आदि में कार्य होना है।
अमीरुल हसन, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय ने बताया कि केंद्र सरकार ने योजना को लेकर कुछ सवाल पूछे हैं। जिसका जवाब दिया गया है। योजना लखनऊ मुख्यालय से पास हो चुकी है। जल्द ही योजना को अंतिम स्वीकृति केंद्र सरकार से मिलेगी। योजना खारिज नहीं की गई है।