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Hapur News: सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में हर तीसरे मरीज को बुखार
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गढ़ सीएचसी में पर्चा बनवाने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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हापुड़। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और उमस के बीच जिले में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहर से लेकर देहात तक बड़ी संख्या में लोग बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब हर तीसरे मरीज में बुखार के लक्षण सामने आ रहे हैं। कई घरों में एक साथ दो से तीन लोग बीमारी की चपेट में हैं।
जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग रही है। अपनी बारी के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और पहले से कमजोरी महसूस कर रहे मरीजों को हो रही है। यही कारण है कि अस्पतालों में बढ़ती मरीजों की संख्या के चलते ओपीडी पर भी दबाव बढ़ गया है। पंजीकरण काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्ष तक मरीजों की भीड़ दिखाई दे रही है।
सीएचसी में तैनात फिजिशियन डॉ. अशरफ ने बताया कि वायरल संक्रमण में बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश और थकान की शिकायत आम है। इन दिनों सीएचसी में आने वाले लगभग हर तीसरा मरीज बुखार की चपेट में है। मंगलवार को ओपीडी में करीब 125 मरीज बुखार से पीड़ित आए, इनमें से 12 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती किया गया है।
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उन्होंने बताया कि इस मौसम में लोगों को अपने आसपास सफाई रखने, मच्छरों से बचाव करने, पर्याप्त पानी पीने और बुखार होने पर समय पर जांच कराने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार बुखार रहने या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
गिर रहीं प्लेटलेट्स
बुखार के कई मरीजों में जांच के दौरान प्लेटलेट्स कम मिलने की शिकायत भी सामने आ रही है। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि केवल प्लेटलेट्स कम होने से डेंगू की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए चिकित्सकीय जांच और आवश्यक परीक्षण कराना जरूरी है। तेज बुखार, लगातार सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य असामान्य लक्षण होने पर मरीजों को खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेने की जरूरत है।
सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा का कहना है कि गंभीर मरीजों को सीएचसी और जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों के लिए सभी दवाएं उपलब्ध हैं।
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जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग रही है। अपनी बारी के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और पहले से कमजोरी महसूस कर रहे मरीजों को हो रही है। यही कारण है कि अस्पतालों में बढ़ती मरीजों की संख्या के चलते ओपीडी पर भी दबाव बढ़ गया है। पंजीकरण काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्ष तक मरीजों की भीड़ दिखाई दे रही है।
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सीएचसी में तैनात फिजिशियन डॉ. अशरफ ने बताया कि वायरल संक्रमण में बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश और थकान की शिकायत आम है। इन दिनों सीएचसी में आने वाले लगभग हर तीसरा मरीज बुखार की चपेट में है। मंगलवार को ओपीडी में करीब 125 मरीज बुखार से पीड़ित आए, इनमें से 12 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती किया गया है।
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उन्होंने बताया कि इस मौसम में लोगों को अपने आसपास सफाई रखने, मच्छरों से बचाव करने, पर्याप्त पानी पीने और बुखार होने पर समय पर जांच कराने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तेज बुखार को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार बुखार रहने या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।
गिर रहीं प्लेटलेट्स
बुखार के कई मरीजों में जांच के दौरान प्लेटलेट्स कम मिलने की शिकायत भी सामने आ रही है। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि केवल प्लेटलेट्स कम होने से डेंगू की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए चिकित्सकीय जांच और आवश्यक परीक्षण कराना जरूरी है। तेज बुखार, लगातार सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य असामान्य लक्षण होने पर मरीजों को खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से सलाह लेने की जरूरत है।
सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा का कहना है कि गंभीर मरीजों को सीएचसी और जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों के लिए सभी दवाएं उपलब्ध हैं।