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Hapur: रंजिश के चलते घर में घुसकर हमला, घायल किसान की उपचार के दौरान मौत, परिजनों के पुलिस पर गंभीर आरोप
Fri, 31 Jul 2026 06:34 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़
Published by: Digvijay Singh
Updated Fri, 31 Jul 2026 06:34 PM IST
सार
मौत की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, दोपहर बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन पर सही ढंग से कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए शव रखकर हंगामा किया। गांव में एहतियात की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात किया गया। शाम तक हंगामा जारी था।
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परिजनों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हापुड़ के सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर बुकलाना में पुराने विवाद की रंजिश में घर में घुसकर किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल किसान भीम सिह (55 साल) की मेरठ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार को मौत की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, दोपहर बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन पर सही ढंग से कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए शव रखकर हंगामा किया। गांव में एहतियात की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात किया गया। शाम तक हंगामा जारी था।
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गांव बुकलाना निवासी परविंद्र नागर ने बताया कि 22 जुलाई को गांव के ही नेमपाल ने शराब के नशे में उनके घर में घुसकर हंगामा किया था। उनके पिता भीम सिंह व परिजनों ने उसे शांत कराकर वहां से भेज दिया। जिसके कुछ देर बाद ही नेमपाल, ब्रह्मपाल, सुभाष, ओमपाल, प्रिंस, सतेंद्र, पप्पू और उनके कई साथी लाठी-डंडे, धारदार हथियार और तमंचे लेकर उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने हंगामा करते हुए उनके पिता, भाई सागर व अन्य परिजनों पर हमला कर दिया। वहीं 23 जुलाई को भी आरोपी पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर फायरिंग भी की। आरोपियों के हमले में घायल उनके पिता भीम सिंह, भाई सागर को चिकित्सकों ने मेरठ रेफर कर दिया था। जहां उनके पिता की उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह मौत हो गई।
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पुलिस पर लगाया त्वरित कार्रवाई न करने का आरोप
भीम सिंह की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में पहुंचने पर एकत्र होकर हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि 22 जुलाई की रात किए गए हमले की सूचना देने पर यदि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती, तो आरोपी दोबारा हमला नहीं कर सकते थे। वहीं, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा भी नहीं लगाई गई। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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