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माघ पूर्णिमा: गंगानगरी में कम हुआ श्रद्धालुओं का आगमन, बारिश के कारण घाटों पर नहीं दिखाई दी भीड़
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:33 PM IST
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सार
हापुड़ जिले के ब्रजघाट पर माघी पूर्णिमा का स्नान बारिश ने फीका कर दिया। माघी पूर्णिमा पर रविवार को गंगानगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान था। लेकिन, बारिश के चलते श्रद्धालुओं का आगमन कम ही हुआ।
माघ पूर्णिमा पर स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में शनिवार की रात से लेकर रविवार की सुबह तक हुई झमाझम बारिश ने हापुड़ जिले के ब्रजघाट पर माघ पूर्णिमा का स्नान फीका कर दिया। माघ पूर्णिमा पर गंगानगरी समेत लठीरा और पुष्पावती पूठ के घाटों पर श्रद्धालु काफी कम पहुंचे। जिस कारण स्थानीय दुकानदार भी मायूस हुए।
माघी पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होने के साथ ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। इस कारण माघी पूर्णिमा पर रविवार को गंगानगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान था।
लेकिन, बारिश के चलते श्रद्धालुओं का आगमन कम ही हुआ। क्षेत्र के तीनों घाटों पर करीब 30 हजार श्रद्धालुओं ने पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान कर तीर्थ पुरोहितों से पूजन कराया और भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। वहीं, क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भी पूजा की।
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माघी पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होने के साथ ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। इस कारण माघी पूर्णिमा पर रविवार को गंगानगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान था।
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लेकिन, बारिश के चलते श्रद्धालुओं का आगमन कम ही हुआ। क्षेत्र के तीनों घाटों पर करीब 30 हजार श्रद्धालुओं ने पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान कर तीर्थ पुरोहितों से पूजन कराया और भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी। वहीं, क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में भी पूजा की।
दुकानदार हुए मायूस
अमावस्या और पूर्णिमा पर्व पर बाहरी श्रद्धालुओं का आगमन होने से गंगा नगरी में रोनक बढ़ने के साथ ही दुकानों पर भी खासी भीड़ होती है। लेकिन, रविवार को श्रद्धालुओं के कम पहुंचने के कारण स्थानीय दुकानदारों को भी मायूसी हाथ लगी।
अमावस्या और पूर्णिमा पर्व पर बाहरी श्रद्धालुओं का आगमन होने से गंगा नगरी में रोनक बढ़ने के साथ ही दुकानों पर भी खासी भीड़ होती है। लेकिन, रविवार को श्रद्धालुओं के कम पहुंचने के कारण स्थानीय दुकानदारों को भी मायूसी हाथ लगी।
नहीं लगा जाम, यातायात रहा सुचारू
श्रद्धालुओं का आगमन कम होने और हाईवे पर वाहनों की संख्या भी कम होने से सड़क जाम मुक्त रहीं। आवागमन सुचारू होने से राहगीरों और श्रद्धालुओं के साथ ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली
श्रद्धालुओं का आगमन कम होने और हाईवे पर वाहनों की संख्या भी कम होने से सड़क जाम मुक्त रहीं। आवागमन सुचारू होने से राहगीरों और श्रद्धालुओं के साथ ही पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली
