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Hapur News: ट्रांसफार्मरों के मांगे जीपीएस लोकेशन के फोटो, बैठी जांच
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सड़क किनारे रखा बिजली का ट्रांसफार्मर। संवाद
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हापुड़। आंधी-तूफान में 139 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने के मामले में ऊर्जा निगम के अधिकारियों द्वारा दैवीय आपदा राहत कोष से नुकसान की भरपाई संबंधी पत्राचार पर जवाब तलब किया गया है। अधीक्षण अभियंता ने तीनों डिवीजन से जीपीएस लोकेशन वाले फोटो मांगे हैं। बिना फोटो आईं कुछ फाइलें आपत्ति लगाकर वापस कर दी गई हैं।
दरअसल 30 अप्रैल से 29 मई के बीच पांच बार आंधी तूफान आए। इसमें अधिकारियों के अनुसार ऊर्जा निगम के 501 खंभे और 139 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। तीनों डिवीजन से आए डाटा को समायोजित करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट में नुकसान की भरपाई दैवीय आपदा राहत कोष से कराने को लेकर फाइल आगे बढ़ा दी गई।
एक ही साथ 139 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की बात हजम नहीं होने पर इसमें आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। पश्चिमांचल विद्युत जनकल्याण समिति के अध्यक्ष विनोद ने रिपोर्ट में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की। बहरहाल, अब इस प्रकरण में जांच शुरू हो गई है।
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अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र ने बताया कि दैवीय आपदा में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने के तीन कारण हैं, पहला लाइन पर पेड़ गिर जाना, दूसरा खंभे टूट जाना और तीसरा आकाशीय बिजली गिर जाना। इस प्रकरण में उच्चाधिकारियों से भी वार्ता हुई है।
तीनों डिवीजनों को पत्राचार कर क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों के जीपीएस फोटो मांगे गए हैं। अब बिना फोटो ऐसी फाइलें स्वीकार नहीं की जाएंगी। गलत कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस स्तर से भी लापरवाही सामने आएगी, कार्रवाई होगी।
पिछले दिनों आंधी में मुकीमपुर बिजलीघर से जुड़े क्षेत्र में कई खंभे क्षतिग्रस्त हुए थे, बुधवार को यह फाइल अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंची लेकिन इसमें टूटे खंभों के फोटो नहीं होने पर फाइल वापस भेज दी।
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दरअसल 30 अप्रैल से 29 मई के बीच पांच बार आंधी तूफान आए। इसमें अधिकारियों के अनुसार ऊर्जा निगम के 501 खंभे और 139 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। तीनों डिवीजन से आए डाटा को समायोजित करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। इस रिपोर्ट में नुकसान की भरपाई दैवीय आपदा राहत कोष से कराने को लेकर फाइल आगे बढ़ा दी गई।
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एक ही साथ 139 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की बात हजम नहीं होने पर इसमें आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। पश्चिमांचल विद्युत जनकल्याण समिति के अध्यक्ष विनोद ने रिपोर्ट में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की। बहरहाल, अब इस प्रकरण में जांच शुरू हो गई है।
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अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र ने बताया कि दैवीय आपदा में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने के तीन कारण हैं, पहला लाइन पर पेड़ गिर जाना, दूसरा खंभे टूट जाना और तीसरा आकाशीय बिजली गिर जाना। इस प्रकरण में उच्चाधिकारियों से भी वार्ता हुई है।
तीनों डिवीजनों को पत्राचार कर क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों के जीपीएस फोटो मांगे गए हैं। अब बिना फोटो ऐसी फाइलें स्वीकार नहीं की जाएंगी। गलत कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस स्तर से भी लापरवाही सामने आएगी, कार्रवाई होगी।
पिछले दिनों आंधी में मुकीमपुर बिजलीघर से जुड़े क्षेत्र में कई खंभे क्षतिग्रस्त हुए थे, बुधवार को यह फाइल अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंची लेकिन इसमें टूटे खंभों के फोटो नहीं होने पर फाइल वापस भेज दी।