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Hapur News: सूर्य घर योजना नहीं चढ़ सकी परवान, मात्र 1635 को मिला लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 25 Jan 2026 09:46 PM IST
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हापुड़। सौर ऊर्जा के जरिए घरों को राशन करने और बिजली की खपत को कम करके विद्युत बिल घटाने के उद्देश्य से लाई गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिले में परवान नहीं चढ़ सकी है। योजना के तहत जिले में अभी तक 1635 को ही लाभ मिल सका है, जबकि वर्ष 2027 तक 20 हजार लोगों को योजना का लाभ देना है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष वह 86 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर चुके हैं।
योजना को लेकर यह हालात तब हैं, जब योजना के प्रचार-प्रसार आदि के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं। लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही जिला स्तर पर भी लगातार योजना को लेकर मॉनीटरिंग होती रही है, लेकिन योजना को अमलीजामा पहनाने में विभागीय अधिकारी शुरू से ही पीछे हैं।
बता दें कि इस योजना की शुरूआत भविष्य में विद्युत बिलों के झंझटों से राहत दिलाने के लिए की गई थी। शुरूआत में योजना को लेकर काफी गंभीरता दिखाई गई, लेकिन धरातल पर अधिकारी योजना को उतार नहीं सके हैं।
विद्युत बिलों के समायोजन में परेशानी से दूरी बना रहे लोग--
सोलर पैनल के जरिए लोग जो बिजली यूनिट बना रहे हैं, उनका बिल में समायोजन कराने के लिए उन्हें ऊर्जा निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगा है, लेकिन नेट मीटर नहीं है। नेट मीटर में जितनी विद्युत खर्च करते हैं और सौर ऊर्जा से जो रीडिंग बना रहे हैं, उसकी जानकारी दर्ज हो जाती है। दिक्कत यह है कि स्मार्ट से नेट मीटर को बदलवाना पड़ता है। इस कारण यह दिक्कत अभी ज्यादा बन रही है।
ये है योजना--
- घरेलू स्वीकृत बिजली कनेक्शन के समान ऑन ग्रिड सोलर रुफटॉप लगाया जाएगा।
- एक से लेकर 10 किलोवॉट तक कनेक्शन की सुविधा।
- एक किलोवॉट रुफटॉप पैनल प्रतिदिन औसतन चार से पांच यूनिट बिजली का उत्पादन करता है।
- रुफटॉप सोलर पैनल से बनी बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसका नेट मीटरिंग के बाद बिल में समायोजन होता है।
किलोवाट के आधार पर है छूट का प्रावधान
एक किलोवाट तक सोलर सिस्टम के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है, इसमें 50 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत प्रदेश सरकार की सब्सिडी शामिल है। इसी तरह तीन किलोवाट के सोलर सिस्टम के लिए 60 प्रतिशत, पांच किलोवाट के सोलर सिस्टम में 36 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा किश्तों में भी जमा कराने की सुविधा भी मिलती है। योजना के लिए वेबसाइट http://pmsuryaghar.gov.in आवेदन कर लाभ लिया जा सकता है।
ये मिला है अनुदान--
क्षमता कुल लागत अनुदान
एक किलोवाट 65000 45000
दो किलोवाट 130000 90000
तीन किलोवाट 180000 108000
चार किलोवाट 240000 108000
पांच किलोवाट 275000 108000
कोट -
अभी तक वार्षिक लक्ष्य का 86 प्रतिशत पूरा कर लिया है। अब इसमें बदलाव हुआ है। ऐसा नहीं है कि 20 हजार लोगों को ही लाभ देना है। योजना में जितने लोग आवेदन करेंगे, उसमें सभी पात्रों को लाभ देना है।
- साक्षी शर्मा, डिप्टी कलक्टर व अधिकारी यूपीनेडा
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योजना को लेकर यह हालात तब हैं, जब योजना के प्रचार-प्रसार आदि के लिए विशेष शिविर लगाए गए हैं। लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही जिला स्तर पर भी लगातार योजना को लेकर मॉनीटरिंग होती रही है, लेकिन योजना को अमलीजामा पहनाने में विभागीय अधिकारी शुरू से ही पीछे हैं।
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बता दें कि इस योजना की शुरूआत भविष्य में विद्युत बिलों के झंझटों से राहत दिलाने के लिए की गई थी। शुरूआत में योजना को लेकर काफी गंभीरता दिखाई गई, लेकिन धरातल पर अधिकारी योजना को उतार नहीं सके हैं।
विद्युत बिलों के समायोजन में परेशानी से दूरी बना रहे लोग
सोलर पैनल के जरिए लोग जो बिजली यूनिट बना रहे हैं, उनका बिल में समायोजन कराने के लिए उन्हें ऊर्जा निगम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगा है, लेकिन नेट मीटर नहीं है। नेट मीटर में जितनी विद्युत खर्च करते हैं और सौर ऊर्जा से जो रीडिंग बना रहे हैं, उसकी जानकारी दर्ज हो जाती है। दिक्कत यह है कि स्मार्ट से नेट मीटर को बदलवाना पड़ता है। इस कारण यह दिक्कत अभी ज्यादा बन रही है।
ये है योजना
- घरेलू स्वीकृत बिजली कनेक्शन के समान ऑन ग्रिड सोलर रुफटॉप लगाया जाएगा।
- एक से लेकर 10 किलोवॉट तक कनेक्शन की सुविधा।
- एक किलोवॉट रुफटॉप पैनल प्रतिदिन औसतन चार से पांच यूनिट बिजली का उत्पादन करता है।
- रुफटॉप सोलर पैनल से बनी बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसका नेट मीटरिंग के बाद बिल में समायोजन होता है।
किलोवाट के आधार पर है छूट का प्रावधान
एक किलोवाट तक सोलर सिस्टम के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है, इसमें 50 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत प्रदेश सरकार की सब्सिडी शामिल है। इसी तरह तीन किलोवाट के सोलर सिस्टम के लिए 60 प्रतिशत, पांच किलोवाट के सोलर सिस्टम में 36 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा किश्तों में भी जमा कराने की सुविधा भी मिलती है। योजना के लिए वेबसाइट http://pmsuryaghar.gov.in आवेदन कर लाभ लिया जा सकता है।
ये मिला है अनुदान
क्षमता कुल लागत अनुदान
एक किलोवाट 65000 45000
दो किलोवाट 130000 90000
तीन किलोवाट 180000 108000
चार किलोवाट 240000 108000
पांच किलोवाट 275000 108000
कोट -
अभी तक वार्षिक लक्ष्य का 86 प्रतिशत पूरा कर लिया है। अब इसमें बदलाव हुआ है। ऐसा नहीं है कि 20 हजार लोगों को ही लाभ देना है। योजना में जितने लोग आवेदन करेंगे, उसमें सभी पात्रों को लाभ देना है।
- साक्षी शर्मा, डिप्टी कलक्टर व अधिकारी यूपीनेडा
