{"_id":"6a2d92b8978e315249075227","slug":"realization-of-the-supreme-being-is-possible-only-through-the-gurus-grace-radheshyam-hapur-news-c-306-1-gha1001-122695-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरु की कृपा से ही परमात्मा का बोध संभव : राधेश्याम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरु की कृपा से ही परमात्मा का बोध संभव : राधेश्याम
विज्ञापन
गढ़ के बारहदरी मैदान में सत्संग के दौरान प्रवचन करते संत निरंकारी मंडल से पधारे राधेश्याम। स्रोत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। नगर के प्राचीन बारहदरी मैदान में शनिवार की सुबह संत निरंकारी मिशन का सत्संग हुआ। जिसमें दिल्ली से आए प्रचारक राधेश्याम ने श्रोताओं को मिशन के बारे में बताया। कहा कि गुरु की कृपा से ही परमात्मा का बोध और ज्ञान की प्राप्ति संभव है।
राधेश्याम ने कहा कि सच्ची शांति, नम्रता और सहनशीलता ब्रह्मज्ञान से ही प्राप्त होती है। इसके अलावा मानव का उद्देश्य निरंकार प्रभु का साक्षात्कार कर जीवन को सार्थक बनाना ही होना चाहिए। प्रचारक ने प्रवचन के दौरान श्रोताओें को बताया कि प्रभु का साक्षात्कार हो जाने पर मनुष्य के जीवन में प्रेम, विनम्रता और सेवा भाव स्वयं ही उत्पन्न हो जाते हैं लेकिन निरंकार प्रभु का साक्षात्कार करने के लिए गुरु की आवश्यकता है। बिना गुरु ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है।
बताया कि संत निरंकारी मंडल मनुष्यों को सांसारिक मोह-माया को त्याग कर निरंकार प्रभु से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा जाति, धर्म, रंग, वर्ण समेत अन्य भेदभावों को दूर कर एक-दूसरे का सम्मान करने का संदेश संसार को दे रहा है। कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के नेतृत्व में समाज में आध्यात्मिक जागृति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देेने का प्रयास जारी है। इस मौके पर मांगेराम, विनोद, राजु मुखी, योगेश, लोकेश, राजीव, संतोष, सुषमा, शीला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
राधेश्याम ने कहा कि सच्ची शांति, नम्रता और सहनशीलता ब्रह्मज्ञान से ही प्राप्त होती है। इसके अलावा मानव का उद्देश्य निरंकार प्रभु का साक्षात्कार कर जीवन को सार्थक बनाना ही होना चाहिए। प्रचारक ने प्रवचन के दौरान श्रोताओें को बताया कि प्रभु का साक्षात्कार हो जाने पर मनुष्य के जीवन में प्रेम, विनम्रता और सेवा भाव स्वयं ही उत्पन्न हो जाते हैं लेकिन निरंकार प्रभु का साक्षात्कार करने के लिए गुरु की आवश्यकता है। बिना गुरु ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया कि संत निरंकारी मंडल मनुष्यों को सांसारिक मोह-माया को त्याग कर निरंकार प्रभु से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। इसके अलावा जाति, धर्म, रंग, वर्ण समेत अन्य भेदभावों को दूर कर एक-दूसरे का सम्मान करने का संदेश संसार को दे रहा है। कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के नेतृत्व में समाज में आध्यात्मिक जागृति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देेने का प्रयास जारी है। इस मौके पर मांगेराम, विनोद, राजु मुखी, योगेश, लोकेश, राजीव, संतोष, सुषमा, शीला आदि मौजूद रहे।