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खुलासा : प्राथमिक स्कूल के दो शिक्षकों ने तैयार किया बोर्ड ड्यूटी का फर्जी मुक्ति प्रमाणपत्र, फंसे
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हापुड़। झड़ीना स्थित प्राथमिक विद्यालय के दो शिक्षकों ने बोर्ड ड्यूटी का फर्जी मुक्ति प्रमाणपत्र बनाकर अपने स्कूल में जमा कर दिया। उपस्थिति लॉक के दौरान शक होने पर प्रधानाध्यापक ने जांच कराई तो यह दस्तावेज फर्जी निकले। इनमें 15 दिन की ड्यूटी दर्शायी गई थी, जबकि एक शिक्षक ने छह दिन में महज सात सत्र ही ड्यूटी की और दूसरे ने प्रमाण पत्र पर कूटरचित हस्ताक्षर किए। अब पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर, प्रधानाध्यापक ने बीएसए को सौंपी है।
प्रधानाध्यापक मनीष शर्मा के अनुसार प्राथमिक विद्यालय झड़ीना के अध्यापक सिद्धार्थ कुमार और आशीष चौहान की ड्यूटी गढ़मुक्तेश्वर के लाला बाबू बैजल मेमोरियल इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा में लगी थी। दोनों शिक्षकों से बार-बार बोर्ड ड्यूटी का मुक्ति प्रमाण पत्र मांगा गया, लेकिन उन्होंने उपलब्ध नहीं कराया।
उपस्थिति लॉक का समय नजदीक आया तो दोनों ने मुक्ति प्रमाण पत्र दिया। लेकिन यह देखने में फर्जी लग रहे थे, ओवराइटिंग भी हो रही थी। प्रधानाध्यापक ने शक होने पर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से संपर्क किया। प्रधानाचार्य द्वारा वास्तविक कार्य मुक्ति प्रमाण पत्र दिया गया, इससे फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया। क्योंकि दोनों में पूरी तरह भिन्नता थीं।
आरोप है कि शिक्षक सिद्धार्थ कुमार द्वारा जो प्रमाण पत्र दिया गया उसमें बोर्ड परीक्षा ड्यूटी की संख्या 15 दिन में 15 सत्र दर्शायी गई थी। जबकि इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा उपलब्ध कराए प्रमाण पत्र में बोर्ड परीक्षा ड्यूटी की संख्या छह दिन में सात सत्र अंकित थी, दोनों में कुल 9 दिन का कार्य अंतर पाया गया। शिक्षक द्वारा उपलब्ध कराए प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर भी फर्जी मिले।
वहीं, अध्यापक आशीष चौहान द्वारा जो प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया उसमें बोर्ड परीक्षा ड्यूटी की संख्या तो समान थी, लेकिन प्रमाण पत्र में इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर कूटरचित थे। कुल मिलाकर शिक्षकों ने पूरा वेतन पाने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया। दिलचस्प बात यह है कि 11 फरवरी को कोई पेपर नहीं था, फिर भी शिक्षक द्वारा इस दिन भी अपनी बोर्ड ड्यूटी दिखायी गई। अब पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर प्रधानाध्यापक ने बीएसए को सौंप दी है। इस प्रकरण में शिक्षक सिद्धार्थ कुमार का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों के आपसी मतभेद के कारण यह समस्या बनी है, मेरे द्वारा कोई गलत कार्य नहीं किया गया है।
प्रधानाध्यापक को उपलब्ध करा दिया है रिकॉर्ड
हमारे केंद्र पर ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का रिकॉर्ड उपलब्ध है, जोकि प्राथमिक स्कूल झड़ीना के प्रधानाध्यापक को उपलब्ध करा दिया है। उनके द्वारा प्रमाण पत्र की जो छायाप्रति उपलब्ध कराई गई है वह रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती हैं।-- -पुष्कर शर्मा, प्रधानाचार्य, लाला बाबू बैजल मेमोरियल इंटर कॉलेज।
मामला गंभीर, होगी जांच
यह प्रकरण संज्ञान में आया है, मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जा रही है। फर्जीवाड़ा मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गलत कार्य करने वाले बर्दाश्त नहीं होंगे। -रितु तोमर, बीएसए
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प्रधानाध्यापक मनीष शर्मा के अनुसार प्राथमिक विद्यालय झड़ीना के अध्यापक सिद्धार्थ कुमार और आशीष चौहान की ड्यूटी गढ़मुक्तेश्वर के लाला बाबू बैजल मेमोरियल इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा में लगी थी। दोनों शिक्षकों से बार-बार बोर्ड ड्यूटी का मुक्ति प्रमाण पत्र मांगा गया, लेकिन उन्होंने उपलब्ध नहीं कराया।
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उपस्थिति लॉक का समय नजदीक आया तो दोनों ने मुक्ति प्रमाण पत्र दिया। लेकिन यह देखने में फर्जी लग रहे थे, ओवराइटिंग भी हो रही थी। प्रधानाध्यापक ने शक होने पर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से संपर्क किया। प्रधानाचार्य द्वारा वास्तविक कार्य मुक्ति प्रमाण पत्र दिया गया, इससे फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया। क्योंकि दोनों में पूरी तरह भिन्नता थीं।
आरोप है कि शिक्षक सिद्धार्थ कुमार द्वारा जो प्रमाण पत्र दिया गया उसमें बोर्ड परीक्षा ड्यूटी की संख्या 15 दिन में 15 सत्र दर्शायी गई थी। जबकि इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा उपलब्ध कराए प्रमाण पत्र में बोर्ड परीक्षा ड्यूटी की संख्या छह दिन में सात सत्र अंकित थी, दोनों में कुल 9 दिन का कार्य अंतर पाया गया। शिक्षक द्वारा उपलब्ध कराए प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर भी फर्जी मिले।
वहीं, अध्यापक आशीष चौहान द्वारा जो प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया उसमें बोर्ड परीक्षा ड्यूटी की संख्या तो समान थी, लेकिन प्रमाण पत्र में इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर कूटरचित थे। कुल मिलाकर शिक्षकों ने पूरा वेतन पाने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया। दिलचस्प बात यह है कि 11 फरवरी को कोई पेपर नहीं था, फिर भी शिक्षक द्वारा इस दिन भी अपनी बोर्ड ड्यूटी दिखायी गई। अब पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर प्रधानाध्यापक ने बीएसए को सौंप दी है। इस प्रकरण में शिक्षक सिद्धार्थ कुमार का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों के आपसी मतभेद के कारण यह समस्या बनी है, मेरे द्वारा कोई गलत कार्य नहीं किया गया है।
प्रधानाध्यापक को उपलब्ध करा दिया है रिकॉर्ड
हमारे केंद्र पर ड्यूटी करने वाले शिक्षकों का रिकॉर्ड उपलब्ध है, जोकि प्राथमिक स्कूल झड़ीना के प्रधानाध्यापक को उपलब्ध करा दिया है। उनके द्वारा प्रमाण पत्र की जो छायाप्रति उपलब्ध कराई गई है वह रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती हैं।
मामला गंभीर, होगी जांच
यह प्रकरण संज्ञान में आया है, मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जा रही है। फर्जीवाड़ा मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गलत कार्य करने वाले बर्दाश्त नहीं होंगे। -रितु तोमर, बीएसए