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Hapur News: स्याना अड्डे पर खड़ीं बसों को ईओ ने बाहर निकलवाया, गेट पर खुदवाए गड्ढे
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गढ़मुक्तेश्वर। स्याना अड्डे पर शुक्रवार को नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर खड़ी बसों को हटवा दिया। पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी ने कोतवाली पुलिसबल के साथ कार्रवाई करते हुए इस स्थान को अवैध कब्जा बताते हुए खाली करा दिया।
पालिका की इस कार्रवाई का बस चालकों, परिचालकों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जमकर विरोध किया। मौके पर काफी देर तक नोकझोंक होती रही, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई जारी रखी। ईओ पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि जिस स्थान को लोग बस स्टैंड के रूप में उपयोग कर रहे थे, वह वास्तव में नगर पालिका की पार्किंग भूमि है। पिछले करीब 20 वर्षों से यहां स्याना और बुलंदशहर रूट की बसें खड़ी हो रही थीं, लेकिन इसके लिए कोई विधिक व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पालिका को इस स्थान से किराया तो मिल रहा था, लेकिन अब बोर्ड द्वारा एक अप्रैल से नया प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके तहत बस संचालन पर रोक नहीं है, लेकिन अब बस चालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। नए नियमों के अनुसार, बस चालकों को प्रतिदिन पार्किंग शुल्क देना होगा, जो लगभग 60 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक बस के लिए वार्षिक लाइसेंस अनिवार्य किया गया है, जिसकी फीस करीब 2500 रुपये रखी गई है। बिना लाइसेंस और शुल्क के कोई भी बस इस स्थान पर खड़ी नहीं हो सकेगी। पालिका ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि दोबारा अवैध रूप से बसें खड़ी न हों, बुलडोजर की मदद से स्याना अड्डे के दोनों ओर गहरे गड्ढे खुदवा दिए।
वहीं, ईओ का कहना है कि यह कदम व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी बस चालक नियमों का पालन करेगा, उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुविधा दी जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्याना अड्डे पर बस संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जबकि यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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पालिका की इस कार्रवाई का बस चालकों, परिचालकों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जमकर विरोध किया। मौके पर काफी देर तक नोकझोंक होती रही, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई जारी रखी। ईओ पवित्रा त्रिपाठी ने बताया कि जिस स्थान को लोग बस स्टैंड के रूप में उपयोग कर रहे थे, वह वास्तव में नगर पालिका की पार्किंग भूमि है। पिछले करीब 20 वर्षों से यहां स्याना और बुलंदशहर रूट की बसें खड़ी हो रही थीं, लेकिन इसके लिए कोई विधिक व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पालिका को इस स्थान से किराया तो मिल रहा था, लेकिन अब बोर्ड द्वारा एक अप्रैल से नया प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके तहत बस संचालन पर रोक नहीं है, लेकिन अब बस चालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। नए नियमों के अनुसार, बस चालकों को प्रतिदिन पार्किंग शुल्क देना होगा, जो लगभग 60 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक बस के लिए वार्षिक लाइसेंस अनिवार्य किया गया है, जिसकी फीस करीब 2500 रुपये रखी गई है। बिना लाइसेंस और शुल्क के कोई भी बस इस स्थान पर खड़ी नहीं हो सकेगी। पालिका ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि दोबारा अवैध रूप से बसें खड़ी न हों, बुलडोजर की मदद से स्याना अड्डे के दोनों ओर गहरे गड्ढे खुदवा दिए।
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वहीं, ईओ का कहना है कि यह कदम व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी बस चालक नियमों का पालन करेगा, उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुविधा दी जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्याना अड्डे पर बस संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जबकि यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।