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Hapur News: तीन दिन शेष... करोड़ों का बजट खपाने के लिए माथापच्ची तेज
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हापुड़। वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति में तीन दिन शेष रह गए हैं। जिले के कई सरकारी विभागों के पास अभी भी करीब 50 करोड़ रुपये का बजट शेष बचा है। अकेले नगर पालिकाओं पर 15 वें वित्त का 15 करोड़, लोक निर्माण विभाग के खाते में करीब नौ करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, जिला विकास अधिकारी, क्रीड़ा अधिकारी सहित अन्य विभागों के खाते में भी बड़ी संख्या में धनराशि शेष है। करोड़ों के इस बजट को खपाने के लिए माथापच्ची तेज कर दी गई है।
संबंधित विभागों की ओर से हर रोज जिला कोषागार कार्यालय को भुगतान के लिए लाखों रुपये के बिल और वाउचर भेजे जा रहे हैं। इनकी जांच करने में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात जुटे हैं। बता दें कि जिले में कई विकास कार्य इस वित्तीय वर्ष में भी स्वीकृति होने के बाद अधूरे पड़े हैं, इसमें 15 वें वित्त आयोग से नगर पालिकाओं को सड़कों व नालियों के निर्माण के लिए प्राप्त करीब 15 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाइयों व डिस्पेंसरी की खरीद न कर पाने, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव पास न करा पाने सहित अन्य विभागों के मदों में धनराशि शेष है।
31 को खुलेंगे कोषागार व बैंक
विकास कार्य के लिए मिले बजट को विभाग समय से खर्च नहीं कर पाए हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि कामों का आवंटन कर बजट की स्वीकृति कराई जा रही है। इससे उनका बजट फिर से सरकार के खजाने में जाने से बच सके। वहीं, शासन के आदेश के बाद 31 मार्च को अवकाश के बावजूद कोषागार व बैंक खुले रहेंगे।
प्रमुख विभागों को मिला व खर्च बजट
27 मार्च तक के कोषागार कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो अति हिमीकृत वीर्य लैब के लिए मिला 4.70 करोड़ में से 1.60 करोड़ शेष, जिला पूर्ति विभाग को मिले 94 लाख में से 38 लाख शेष, पुलिस ऑफिस को मिले करीब दो करोड़ में से एक करोड़, चीफ मेडिकल ऑफिसर को मिले 3.40 करोड़ में से 57 लाख, जिला उप क्रीड़ा अधिकारी को मिले छह लाख में से सभी शेष, अधिशासी अभियंता को मिले 80 करोड़ में से 17 करोड़, वन विभाग को मिले 1.27 करोड़ में से 22 लाख शेष, प्रधानाचार्य आईटीआई को मिले 24 लाख में से सभी शेष और बेसिक शिक्षा अधिकारी विभाग को मिले करीब 18 करोड़ में से 4.56 करोड़ अभी भी शेष बचा है। इसके अलावा अन्य विभागों के पास भी बजट शेष है। लोक निर्माण विभाग को 118 करोड़ में से 109 करोड़ खर्च हो चुके हैं, इसमें नौ करोड़ का बजट शेष है। सभी विभागों के अधिकारी 30 मार्च तक बजट खत्म होने का दावा कर रहे हैं।
महावीर जयंती पर भी खुलेंगे बैंक और कोषागार
31 मार्च को वित्त वर्ष का अंतिम दिन है। इस दिन महावीर जयंती का सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद शासन ने कोषागारों और सरकारी लेनदेन वाले बैंकों को खुला रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बजट लैप्स होने से पहले नियमानुसार उसका उपयोग करें।
30 मार्च तक पूरा बजट होगा खत्म
शैलेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने बताया कि विभाग के पास करीब नौ करोड़ रुपये का बजट शेष है। यह शेष धनराशि 30 मार्च तक खर्च हो जाएगी। इसके बिल भुगतान के लिए तैयार कर लिए गए हैं।
एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि जिन विभागों के पास जिस मद में बजट शेष बचा है, उन्हें आदेश दिए गए हैं कि वह जल्द बिल और वाउचर बनाकर कोषागार कार्यालय को भेज दें। जिससे कि समय से उनका भुगतान हो सके।
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संबंधित विभागों की ओर से हर रोज जिला कोषागार कार्यालय को भुगतान के लिए लाखों रुपये के बिल और वाउचर भेजे जा रहे हैं। इनकी जांच करने में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात जुटे हैं। बता दें कि जिले में कई विकास कार्य इस वित्तीय वर्ष में भी स्वीकृति होने के बाद अधूरे पड़े हैं, इसमें 15 वें वित्त आयोग से नगर पालिकाओं को सड़कों व नालियों के निर्माण के लिए प्राप्त करीब 15 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवाइयों व डिस्पेंसरी की खरीद न कर पाने, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव पास न करा पाने सहित अन्य विभागों के मदों में धनराशि शेष है।
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31 को खुलेंगे कोषागार व बैंक
विकास कार्य के लिए मिले बजट को विभाग समय से खर्च नहीं कर पाए हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि कामों का आवंटन कर बजट की स्वीकृति कराई जा रही है। इससे उनका बजट फिर से सरकार के खजाने में जाने से बच सके। वहीं, शासन के आदेश के बाद 31 मार्च को अवकाश के बावजूद कोषागार व बैंक खुले रहेंगे।
प्रमुख विभागों को मिला व खर्च बजट
27 मार्च तक के कोषागार कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो अति हिमीकृत वीर्य लैब के लिए मिला 4.70 करोड़ में से 1.60 करोड़ शेष, जिला पूर्ति विभाग को मिले 94 लाख में से 38 लाख शेष, पुलिस ऑफिस को मिले करीब दो करोड़ में से एक करोड़, चीफ मेडिकल ऑफिसर को मिले 3.40 करोड़ में से 57 लाख, जिला उप क्रीड़ा अधिकारी को मिले छह लाख में से सभी शेष, अधिशासी अभियंता को मिले 80 करोड़ में से 17 करोड़, वन विभाग को मिले 1.27 करोड़ में से 22 लाख शेष, प्रधानाचार्य आईटीआई को मिले 24 लाख में से सभी शेष और बेसिक शिक्षा अधिकारी विभाग को मिले करीब 18 करोड़ में से 4.56 करोड़ अभी भी शेष बचा है। इसके अलावा अन्य विभागों के पास भी बजट शेष है। लोक निर्माण विभाग को 118 करोड़ में से 109 करोड़ खर्च हो चुके हैं, इसमें नौ करोड़ का बजट शेष है। सभी विभागों के अधिकारी 30 मार्च तक बजट खत्म होने का दावा कर रहे हैं।
महावीर जयंती पर भी खुलेंगे बैंक और कोषागार
31 मार्च को वित्त वर्ष का अंतिम दिन है। इस दिन महावीर जयंती का सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद शासन ने कोषागारों और सरकारी लेनदेन वाले बैंकों को खुला रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बजट लैप्स होने से पहले नियमानुसार उसका उपयोग करें।
30 मार्च तक पूरा बजट होगा खत्म
शैलेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने बताया कि विभाग के पास करीब नौ करोड़ रुपये का बजट शेष है। यह शेष धनराशि 30 मार्च तक खर्च हो जाएगी। इसके बिल भुगतान के लिए तैयार कर लिए गए हैं।
एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि जिन विभागों के पास जिस मद में बजट शेष बचा है, उन्हें आदेश दिए गए हैं कि वह जल्द बिल और वाउचर बनाकर कोषागार कार्यालय को भेज दें। जिससे कि समय से उनका भुगतान हो सके।