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Hapur News: गर्मी में डेढ़ गुना बढ़ी पानी की खपत, प्रतिदिन 65 एमएलडी पानी हो रहा खर्च
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हापुड़/पिलखुवा/गढ़मुक्तेश्वर। गर्मी के कारण पानी की खपत भी तेजी से बढ़कर डेढ़ गुना पहुंच गई है। शहर की तीन लाख की आबादी पर ही हर दिन 65 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी खर्च हो रहा है। इस कारण नगर पालिका के सिस्टम भी हांफ गए हैं। वहीं, बिजली की बढ़ती किल्लत के बाद नलकूपों पर जनरेटर लगाकर इनका संचालन भी कराया जा रहा है।
पालिका का जलकल विभाग प्रतिदिन 70 नलकूपों के माध्यम से शहरवासियों को पेयजल पहुंचाता है। तय समय सीमा में इन नलकूपों का संचालन करके पहले प्रतिदिन 42 एमएलडी पानी जमीन से निकाला जा रहा था, जबकि उस समय 60 एमएलडी पानी की जरूरत थी। पिछले कुछ दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की खपत भी बढ़ी है। यह खपत डेढ़ गुना तक पहुंच गई है। इस कारण पालिका को अब नलकूपों का संचालन 20 घंटे तक करना पड़ रहा है, जबकि पहले दिन में तीन बार पांच-पांच घंटे करके नलकूपों का संचालन किया जाता था। कुछ नलकूपों पर अलग से जनरेटर भी लगवाए गए हैं।
जलकल विभाग के अनुसार, इन दिनों भूजल अधिक निकल रहा है। इस कारण पालिका के ओवरहेड टैंक तक नहीं भर पा रहे हैं। पानी अधिक निकलने के कारण कम प्रेशर की समस्या भी बनी हुई है। वहीं, लोग नहाने, सड़क पर छिड़काव, वाहनों को धोने में अधिक पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कारण पानी अधिक खर्च हो रहा है।
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इसके अलावा लोग सरकारी हैंडपंपों और सबमर्सिबल का इस्तेमाल भी अधिक कर रहे हैं। इससे भूजल का स्तर गिर रहा है, जो आने वाले समय में बड़ी समस्या बन सकता है।
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पिलखुवा में भी बढ़ी पानी की खपत
शहर में 25 वार्ड और 48 मोहल्ले हैं। नगर में 25 हजार से अधिक भवन बने हुए हैं, इनमें से वर्तमान में करीब 20 हजार भवनों में पालिका की ओर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पहले शहर के केवल करीब 60 प्रतिशत हिस्से में ही पाइपलाइन बिछी हुई थी, जबकि 40 प्रतिशत क्षेत्र पेयजल सुविधा से वंचित था। जल निगम की पेयजल पुनर्गठन योजना के अंतर्गत अब करीब 25 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्र को भी कवर कर लिया गया है। सर्वोदय नगर, न्यू आर्य नगर, बजरंगपुरी, मुंशी नगर, इस्लाम नगर, वैष्णव कालोनी और रजनी विहार जैसे क्षेत्रों में पहले पाइपलाइन नहीं थी, लेकिन अब इनमें से अधिकांश मोहल्लों में पाइपलाइन बिछा दी गई है। शहर में इस समय सात पानी की टंकियां और 25 ट्यूबवेल संचालित हैं। इस समय क्षेत्र में दोगुना तक पानी की अधिक खपत हो रही है।
गढ़ में बनने के बाद शुरू नहीं हुए ओवरहेड टैंक
गढ़ के 25 वार्डों में 12 नलकूप और छह ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति होती है। मीरा रेती और ब्रजघाट में दो नए ओवरहेड टैंकों का निर्माण कराया गया है, लेकिन यह अभी चालू नहीं हो सके हैं। स्थानीय लोग, इन्हें जल्द चालू कराने की मांग कर रहे हैं।
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कोट
पेयजल को लेकर पालिका अधिकारियों को सख्त आदेश हैं कि लोगों को एक दिन भी परेशान न होना पड़े। अधिक से अधिक पानी की आपूर्ति करें। जरूरी संसाधनों को अधिकारी जुटाकर लोगों को राहत दें।
- संदीप कुमार, एडीएम
पालिका का जलकल विभाग प्रतिदिन 70 नलकूपों के माध्यम से शहरवासियों को पेयजल पहुंचाता है। तय समय सीमा में इन नलकूपों का संचालन करके पहले प्रतिदिन 42 एमएलडी पानी जमीन से निकाला जा रहा था, जबकि उस समय 60 एमएलडी पानी की जरूरत थी। पिछले कुछ दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की खपत भी बढ़ी है। यह खपत डेढ़ गुना तक पहुंच गई है। इस कारण पालिका को अब नलकूपों का संचालन 20 घंटे तक करना पड़ रहा है, जबकि पहले दिन में तीन बार पांच-पांच घंटे करके नलकूपों का संचालन किया जाता था। कुछ नलकूपों पर अलग से जनरेटर भी लगवाए गए हैं।
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जलकल विभाग के अनुसार, इन दिनों भूजल अधिक निकल रहा है। इस कारण पालिका के ओवरहेड टैंक तक नहीं भर पा रहे हैं। पानी अधिक निकलने के कारण कम प्रेशर की समस्या भी बनी हुई है। वहीं, लोग नहाने, सड़क पर छिड़काव, वाहनों को धोने में अधिक पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस कारण पानी अधिक खर्च हो रहा है।
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इसके अलावा लोग सरकारी हैंडपंपों और सबमर्सिबल का इस्तेमाल भी अधिक कर रहे हैं। इससे भूजल का स्तर गिर रहा है, जो आने वाले समय में बड़ी समस्या बन सकता है।
पिलखुवा में भी बढ़ी पानी की खपत
शहर में 25 वार्ड और 48 मोहल्ले हैं। नगर में 25 हजार से अधिक भवन बने हुए हैं, इनमें से वर्तमान में करीब 20 हजार भवनों में पालिका की ओर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पहले शहर के केवल करीब 60 प्रतिशत हिस्से में ही पाइपलाइन बिछी हुई थी, जबकि 40 प्रतिशत क्षेत्र पेयजल सुविधा से वंचित था। जल निगम की पेयजल पुनर्गठन योजना के अंतर्गत अब करीब 25 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्र को भी कवर कर लिया गया है। सर्वोदय नगर, न्यू आर्य नगर, बजरंगपुरी, मुंशी नगर, इस्लाम नगर, वैष्णव कालोनी और रजनी विहार जैसे क्षेत्रों में पहले पाइपलाइन नहीं थी, लेकिन अब इनमें से अधिकांश मोहल्लों में पाइपलाइन बिछा दी गई है। शहर में इस समय सात पानी की टंकियां और 25 ट्यूबवेल संचालित हैं। इस समय क्षेत्र में दोगुना तक पानी की अधिक खपत हो रही है।
गढ़ में बनने के बाद शुरू नहीं हुए ओवरहेड टैंक
गढ़ के 25 वार्डों में 12 नलकूप और छह ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति होती है। मीरा रेती और ब्रजघाट में दो नए ओवरहेड टैंकों का निर्माण कराया गया है, लेकिन यह अभी चालू नहीं हो सके हैं। स्थानीय लोग, इन्हें जल्द चालू कराने की मांग कर रहे हैं।
कोट
पेयजल को लेकर पालिका अधिकारियों को सख्त आदेश हैं कि लोगों को एक दिन भी परेशान न होना पड़े। अधिक से अधिक पानी की आपूर्ति करें। जरूरी संसाधनों को अधिकारी जुटाकर लोगों को राहत दें।
- संदीप कुमार, एडीएम