{"_id":"69d68df9775b3c439c0245dc","slug":"17-villages-in-darkness-for-120-hours-angry-farmers-surround-substation-hardoi-news-c-213-1-hra1004-147733-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: 17 गांवों में 120 घंटे से अंधेरा, भड़के किसानों ने उपकेंद्र घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: 17 गांवों में 120 घंटे से अंधेरा, भड़के किसानों ने उपकेंद्र घेरा
विज्ञापन
फोटो- 34- नायब तहसीलदार को ज्ञापन देते भाकियू कार्यकर्ता। संवाद
विज्ञापन
भरावन। क्षेत्र के 17 गांवों में पिछले पांच दिनों से छाए अंधकार ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया। बिजली आपूर्ति ठप होने से नाराज किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को अतरौली विद्युत उपकेंद्र पर फूट पड़ा। भाकियू मजदूर यूनियन (सर्वसमाज) के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपकेंद्र का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह तक बिजली न देने पर अनिश्चितकालीन धरना करने की चेतावनी दी।
यूनियन के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में दोपहर एक बजे ग्रामीण उपकेंद्र पहुंचे और धरना दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि चार अप्रैल शाम छह बजे से इलाके की बिजली गुल है। 120 घंटे बीतने के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी। बिजली न होने से नलकूप और मोटर बंद हैं इससे पानी की किल्लत हो गई है। घरों में रखे फ्रिज, कूलर और पंखे शोपीस बन गए हैं। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पाए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
भटपुर में तीन, सिकरी में तीन, राम मदारपुर में दो, बनी और गौढ़ी में एक-एक विद्युत पोल टूटे पड़े हैं। जब तक यह ठीक नहीं होंगे लाइन चालू होना नामुमकिन है। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद नायब तहसीलदार आकांक्षा अग्निहोत्री मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। यूनियन पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक आपूर्ति सुचारु करने की बात कही।
अवर अभियंता सूरज गुप्ता ने बताया कि मंगलवार शाम जनिगांव फीडर की ट्रॉली खराब होने से समस्या बढ़ी थी जिसे बुधवार को दुरुस्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि टूटे हुए पोल जल्द लगवाकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। धरना-प्रदर्शन में प्रशांत त्रिपाठी, दिलीप तिवारी, अरुण तिवारी, रजनीश मिश्रा, मयंक सिंह, छोटू और लालबाबू मौजूद रहे।
इन 17 गांवों में पसरा अंधेरा
बिजली संकट से जूझने वाले गांवों में सिकरी, बनी, कोल्हौरा, वृंदावन, कूड़ा, भटपुर, रसूलवा, कटका, देवरी, सियारामपुर, बसहिया, कसहिया, गौढ़ी, तुलसीपुर, बिशुनखेड़ा और रामकोटा शामिल हैं।
Trending Videos
यूनियन के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में दोपहर एक बजे ग्रामीण उपकेंद्र पहुंचे और धरना दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि चार अप्रैल शाम छह बजे से इलाके की बिजली गुल है। 120 घंटे बीतने के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी। बिजली न होने से नलकूप और मोटर बंद हैं इससे पानी की किल्लत हो गई है। घरों में रखे फ्रिज, कूलर और पंखे शोपीस बन गए हैं। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पाए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भटपुर में तीन, सिकरी में तीन, राम मदारपुर में दो, बनी और गौढ़ी में एक-एक विद्युत पोल टूटे पड़े हैं। जब तक यह ठीक नहीं होंगे लाइन चालू होना नामुमकिन है। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद नायब तहसीलदार आकांक्षा अग्निहोत्री मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। यूनियन पदाधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक आपूर्ति सुचारु करने की बात कही।
अवर अभियंता सूरज गुप्ता ने बताया कि मंगलवार शाम जनिगांव फीडर की ट्रॉली खराब होने से समस्या बढ़ी थी जिसे बुधवार को दुरुस्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि टूटे हुए पोल जल्द लगवाकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। धरना-प्रदर्शन में प्रशांत त्रिपाठी, दिलीप तिवारी, अरुण तिवारी, रजनीश मिश्रा, मयंक सिंह, छोटू और लालबाबू मौजूद रहे।
इन 17 गांवों में पसरा अंधेरा
बिजली संकट से जूझने वाले गांवों में सिकरी, बनी, कोल्हौरा, वृंदावन, कूड़ा, भटपुर, रसूलवा, कटका, देवरी, सियारामपुर, बसहिया, कसहिया, गौढ़ी, तुलसीपुर, बिशुनखेड़ा और रामकोटा शामिल हैं।