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Hardoi News: तीन घंटे का रेलवे गैप जनपद के यात्रियों पर भारी, बसों में धक्के खाना मजबूरी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:04 PM IST
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The three-hour railway gap is a heavy burden on the passengers of the district, they are forced to jostle in buses.
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हरदोई। जनपद से लखनऊ के बीच दिन भर में भले ही 32 ट्रेनें गुजरती हैं लेकिन शाम के वक्त जब मुसाफिरों को सबसे अधिक जरूरत होती है तब एक भी ट्रेन नहीं है। दोपहर तीन के बाद शाम पौने सात बजे तक इस रूट पर एक भी ट्रेन न होने से दैनिक यात्रियों का बुरा हाल है। मजबूरी में यात्री डग्गामार वाहन व बसों और निजी साधनों से सफर करने को मजबूर हैं।
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हरदोई और लखनऊ के बीच रोजाना हजारों लोग नौकरी, व्यापार और इलाज के सिलसिले में आवाजाही करते हैं। विभिन्न स्टेशनों के बीच चलने वाली 32 ट्रेनें हरदोई और लखनऊ में रुकती हैं। इनमें कुछ साप्ताहिक भी हैं। बावजूद इसके दोपहर में ढाई बजे से अवध असम एक्सप्रेस के बाद पौने सात बजे काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के अतिरिक्त कोई ट्रेन नहीं है जबकि दैनिक यात्रियों की अधिक संख्या इसी दौरान होती है।
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उधर, लखनऊ से भी हरदोई के लिए सुबह 11:25 के बाद 2:55 बजे तक कोई ट्रेन नहीं है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने रेलवे बोर्ड से इस दौरान काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस के हरदोई में ठहराव की मांग की थी। यात्रियों को उम्मीद थी कि इस ट्रेन के रुकने से शाम का संकट दूर हो जाएगा लेकिन लंबे समय से यह मांग केवल कागजी कार्रवाई और आश्वासनों तक ही सीमित है।



डग्गामार वाहनों और बसों का महंगा सफर
लखनऊ के लिए तीन घंटे तक ट्रेन न होने से लोगों को डग्गामार वाहन या फिर बसों से महंगा सफर करना पड़ रहा है। इसमें लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भी दिक्कत होती है और जो लोग लखनऊ जाकर वापस आना चाहते हैं उन्हें भी आने में देर रात हो जाती है।





व्यापारी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि हरदोई से दोपहर तीन बजे के बाद कोई विकल्प नहीं है। अगर अवध-असम छूट गई तो समझो शाम बर्बाद। रेलवे को कम से कम एक मेमू ट्रेन इस बीच चलानी चाहिए।


दैनिक यात्री सालिम ने बताया कि उनको लखनऊ में कारोबार के काम से आना-जाना पड़ता है। कभी-कभार शाम को काम से खाली हो जाते हैं लेकिन ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर दो घंटे से ज्यादा बैठना पड़ता है। बस का किराया काफी अधिक होता है और समय भी ज्यादा लगता है।


रेलवे प्रशासन से मेमू चलाने की मांग
दैनिक यात्री संघ और स्थानीय नागरिकों ने उत्तर रेलवे प्रशासन से मांग की कि शाम के इस खाली अंतराल में एक अतिरिक्त मेमू ट्रेन चलाई जाए। यात्रियों का तर्क है कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाना बेहद जरूरी है ताकि लखनऊ और हरदोई के बीच का सफर सुलभ और सुरक्षित हो सके।
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