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Hardoi News: मुनाफे का लालच देकर 28 लोगोें से 2.84 करोड़ रुपये की ठगी
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- हरियावां थाने में तीन अलग अलग प्राथमिकी दर्ज- बदायूं के दंपती ने खोली थी कंपनी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। निवेश पर हर माह आठ प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर दंपती ने अपनी कंपनी के जरिए 28 लोगों से 2,84,79,000 रुपये की ठगी कर ली। तीन अलग अलग शिकायतों पर पुलिस ने दंपती समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र की जांच एंटी फ्रॉड सेल से कराए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई है।
हरियावां थाना क्षेत्र के सुमई निवासी दान बहादुर सिंह ने बताया कि बदायूं के पुष्पेंद्र मौर्या उनकी पत्नी नीलम रानी और भाई सत्य प्रकाश मौर्या व लखीमपुर खीरी के मितौलली थाना क्षेत्र के राजेपुर निवासी जय प्रकाश मौर्या ने अपनी कंपनी होने का दावा किया। बताया कि वह लोग एबीएम पीएल मल्टी ट्रेड्स, प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक खुद को बताते थे। इन लोगों ने झांसा दिया था कि कंपनी में सीधे निवेश करने पर आठ प्रतिशत प्रतिमाह के हिसाब से मुनाफा दिया जाएगा।
कंपनी ने शुरूआत में भराेसा दिलाने के लिए कुछ रुपये भी वापस किए। रुपये वापस मिलने पर अन्य लोगों ने भी रुपये लगाना शुरू कर दिए। दान बहादुर सिंह ने बीस लाख रुपये का निवेश करा दिया। साथ ही दान बहादुर के कहने पर गोविंद ने आठ लाख रुपये, आरती ने 23 लाख रुपये, यूसुफ ने चार लाख रुपये, उज्ज्वल ने पांच लाख रुपये, सुभाष ने 15 लाख रुपये, रितुल सिंह ने दस लाख रुपये, कादिर ने एक लाख रुपये, आरिफ ने साढ़े पांच लाख रुपये, मुकेश ने सात लाख रुपये, प्रदीप ने साढ़े 12 लाख रुपये का निवेश किया था। इसके अलावा अरविंद ने साढ़े तीन लाख रुपये, अशोक कुमार ने साढ़े 14 लाख रुपये, रामनाथ ने साढ़े 14 लाख रुपये, विनय कुमार ने 1.97 लाख रुपये, अजय प्रताप सिंह ने सात लाख रुपये, अर्चना सिंह छह लाख रुपये, शीला सिंह ने पांच लाख रुपये, नकुल सिंह ने चार लाख रुपये निवेश किए थे। इसी तरह लिलवल निवासी विष्णु प्रताप सिंह ने इसी कंपनी में चालीस लाख रुपये का निवेश किया था।
ओदरा निवासी शिवदत्त ने 19 लाख रुपये, कौशल किशोर पाठक ने 25 लाख रुपये, सुबेक कुमार मिश्रा ने 6.32 लाख रुपये, ज्योती शुक्ला ने दस लाख रुपये, विवेक और कमलेश ने तीन तीन लाख रुपये, खुशीराम ने छह लाख रुपये, मनोज कुमार ने डेढ़ लाख रुपये और काव्या राठौर ने 3.5 लाख रुपये निवेश किए थे। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि एंटी फ्रॉड सेल से जांच कराने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें भी गठित की जा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। निवेश पर हर माह आठ प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर दंपती ने अपनी कंपनी के जरिए 28 लोगों से 2,84,79,000 रुपये की ठगी कर ली। तीन अलग अलग शिकायतों पर पुलिस ने दंपती समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र की जांच एंटी फ्रॉड सेल से कराए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई है।
हरियावां थाना क्षेत्र के सुमई निवासी दान बहादुर सिंह ने बताया कि बदायूं के पुष्पेंद्र मौर्या उनकी पत्नी नीलम रानी और भाई सत्य प्रकाश मौर्या व लखीमपुर खीरी के मितौलली थाना क्षेत्र के राजेपुर निवासी जय प्रकाश मौर्या ने अपनी कंपनी होने का दावा किया। बताया कि वह लोग एबीएम पीएल मल्टी ट्रेड्स, प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक खुद को बताते थे। इन लोगों ने झांसा दिया था कि कंपनी में सीधे निवेश करने पर आठ प्रतिशत प्रतिमाह के हिसाब से मुनाफा दिया जाएगा।
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कंपनी ने शुरूआत में भराेसा दिलाने के लिए कुछ रुपये भी वापस किए। रुपये वापस मिलने पर अन्य लोगों ने भी रुपये लगाना शुरू कर दिए। दान बहादुर सिंह ने बीस लाख रुपये का निवेश करा दिया। साथ ही दान बहादुर के कहने पर गोविंद ने आठ लाख रुपये, आरती ने 23 लाख रुपये, यूसुफ ने चार लाख रुपये, उज्ज्वल ने पांच लाख रुपये, सुभाष ने 15 लाख रुपये, रितुल सिंह ने दस लाख रुपये, कादिर ने एक लाख रुपये, आरिफ ने साढ़े पांच लाख रुपये, मुकेश ने सात लाख रुपये, प्रदीप ने साढ़े 12 लाख रुपये का निवेश किया था। इसके अलावा अरविंद ने साढ़े तीन लाख रुपये, अशोक कुमार ने साढ़े 14 लाख रुपये, रामनाथ ने साढ़े 14 लाख रुपये, विनय कुमार ने 1.97 लाख रुपये, अजय प्रताप सिंह ने सात लाख रुपये, अर्चना सिंह छह लाख रुपये, शीला सिंह ने पांच लाख रुपये, नकुल सिंह ने चार लाख रुपये निवेश किए थे। इसी तरह लिलवल निवासी विष्णु प्रताप सिंह ने इसी कंपनी में चालीस लाख रुपये का निवेश किया था।
ओदरा निवासी शिवदत्त ने 19 लाख रुपये, कौशल किशोर पाठक ने 25 लाख रुपये, सुबेक कुमार मिश्रा ने 6.32 लाख रुपये, ज्योती शुक्ला ने दस लाख रुपये, विवेक और कमलेश ने तीन तीन लाख रुपये, खुशीराम ने छह लाख रुपये, मनोज कुमार ने डेढ़ लाख रुपये और काव्या राठौर ने 3.5 लाख रुपये निवेश किए थे। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि एंटी फ्रॉड सेल से जांच कराने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश के लिए टीमें भी गठित की जा रही हैं।