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Hardoi News: 24 घंटे में 60 मिलीमीटर बारिश, गर्मी से राहत पर सड़कें बनीं तालाब
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फोटो 23: हरियावां ब्लाॅक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी। संवाद
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फोटो-05- बारिश में छाता लेकर जाते लोग। संवाद
फोटो-06- महाराज सिंह पार्क के पास भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-07- रामदत्त चौराहा के पास सड़क पर भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-08- आर्यकन्या इंटर कॉलेज के पास सड़क पर भरा पानी। संवाद
फोटो 23: हरियावां ब्लाॅक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी। संवाद
- जलनिकासी व्यवस्था की खुली पोल, सरकारी कार्यालयों के परिसरों में भी भरा पानी, प्रमुख मार्गों पर पानी से होकर गुजरे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। करीब 60.4 मिलीमीटर बारिश से जलभराव हो गया। बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली और मौसम में नमी बढ़ी, लेकिन सड़कों पर घंटों पानी जमा रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। जलभराव ने एक बार फिर शहर की पानी निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी।
सोमवार की भोर से ही रुक-रुककर हुई बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में पानी भर गया। बड़ा चौराहा, महाराजा सिंह पार्क, डॉ. रामदत्त चौराहा, सब्जी मंडी और धर्मशाला रोड पर जलभराव की स्थिति रही। इसी के साथ कई सरकारी कार्यालयों के परिसर भी पानी से लबालब रहे। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ा। कार्यालय आने वाले कर्मचारियों और फरियादियों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। कई जगह नालियों से पानी की निकासी धीमी होने के कारण बारिश थमने के बाद भी काफी देर तक सड़कों पर पानी भरा रहा। बारिश से तापमान में कमी और मौसम में नमी बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि जलभराव ने राहत के साथ शहरवासियों की परेशानी भी बढ़ा दी। हरियावां प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से कस्बे की ब्लॉक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर जलभराव हो गया। इससे श्रद्धालुओं को शिवालयों तक जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नालों की सफाई के दावों की खुली पोल
नगर निकाय की तरफ से बारिश से पहले नाला-नालियों की सफाई कराई गई। सुचारु पानी निकासी के दावे किए गए। बावजूद पहली ही अच्छी बारिश में कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से इन दावों पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों के मुताबिक, नाला-नालियों की सफाई के साथ जलनिकासी की स्थाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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मानसून की बरसात ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ा
मानसून की बरसात ने अब तक पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। सोमवार को पिछले 24 घंटे में करीब 60.4 मिलीमीटर हुई बारिश के साथ अब 603.60 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरसी वर्मा के मुताबिक, इस साल बरसात अच्छी हो रही है। पिछले साल मानसून की बरसात अगस्त माह तक 369.80 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई थी। जबकि इस साल अभी अगस्त माह के 12 दिन शेष हैं। वहीं बर्षा का औसत जिले में प्रतिमाह 223 मिलीमीटर है।
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किसान फसलों में पानी न रुकने दें
मानसून की बरसात धान, मक्का और गन्ना के लिए लाभकारी है, जबकि दलहनी-तिलहनी और सब्जी की फसलों के लिए नुकसानदेय है। भिंडी, टमाटर और खीरा, बैगन, कद्दू, लौकी, ककड़ी, उर्द, मूंग और तिल की फसलों पर बरसात का अधिक असर दिखेगा। बरसात के पानी से इनके फूल गिर जाते हैं, उत्पादन प्रभावित होता है, साथ ही जल जमाव से फसलें सड़ने लगती हैं। किसानों से अपील है कि वह किसी भी फसल में पानी न जमा न होने दें। बरसात बंद होते ही खेतों से पानी निकालने का काम करें। - डॉ. एके तिवारी, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र तत्योरा
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फोटो-06- महाराज सिंह पार्क के पास भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-07- रामदत्त चौराहा के पास सड़क पर भरा बारिश का पानी। संवाद
फोटो-08- आर्यकन्या इंटर कॉलेज के पास सड़क पर भरा पानी। संवाद
फोटो 23: हरियावां ब्लाॅक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी। संवाद
- जलनिकासी व्यवस्था की खुली पोल, सरकारी कार्यालयों के परिसरों में भी भरा पानी, प्रमुख मार्गों पर पानी से होकर गुजरे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। करीब 60.4 मिलीमीटर बारिश से जलभराव हो गया। बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली और मौसम में नमी बढ़ी, लेकिन सड़कों पर घंटों पानी जमा रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। जलभराव ने एक बार फिर शहर की पानी निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी।
सोमवार की भोर से ही रुक-रुककर हुई बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में पानी भर गया। बड़ा चौराहा, महाराजा सिंह पार्क, डॉ. रामदत्त चौराहा, सब्जी मंडी और धर्मशाला रोड पर जलभराव की स्थिति रही। इसी के साथ कई सरकारी कार्यालयों के परिसर भी पानी से लबालब रहे। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ा। कार्यालय आने वाले कर्मचारियों और फरियादियों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। कई जगह नालियों से पानी की निकासी धीमी होने के कारण बारिश थमने के बाद भी काफी देर तक सड़कों पर पानी भरा रहा। बारिश से तापमान में कमी और मौसम में नमी बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि जलभराव ने राहत के साथ शहरवासियों की परेशानी भी बढ़ा दी। हरियावां प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से कस्बे की ब्लॉक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर जलभराव हो गया। इससे श्रद्धालुओं को शिवालयों तक जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नालों की सफाई के दावों की खुली पोल
नगर निकाय की तरफ से बारिश से पहले नाला-नालियों की सफाई कराई गई। सुचारु पानी निकासी के दावे किए गए। बावजूद पहली ही अच्छी बारिश में कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से इन दावों पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों के मुताबिक, नाला-नालियों की सफाई के साथ जलनिकासी की स्थाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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मानसून की बरसात ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ा
मानसून की बरसात ने अब तक पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। सोमवार को पिछले 24 घंटे में करीब 60.4 मिलीमीटर हुई बारिश के साथ अब 603.60 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरसी वर्मा के मुताबिक, इस साल बरसात अच्छी हो रही है। पिछले साल मानसून की बरसात अगस्त माह तक 369.80 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई थी। जबकि इस साल अभी अगस्त माह के 12 दिन शेष हैं। वहीं बर्षा का औसत जिले में प्रतिमाह 223 मिलीमीटर है।
किसान फसलों में पानी न रुकने दें
मानसून की बरसात धान, मक्का और गन्ना के लिए लाभकारी है, जबकि दलहनी-तिलहनी और सब्जी की फसलों के लिए नुकसानदेय है। भिंडी, टमाटर और खीरा, बैगन, कद्दू, लौकी, ककड़ी, उर्द, मूंग और तिल की फसलों पर बरसात का अधिक असर दिखेगा। बरसात के पानी से इनके फूल गिर जाते हैं, उत्पादन प्रभावित होता है, साथ ही जल जमाव से फसलें सड़ने लगती हैं। किसानों से अपील है कि वह किसी भी फसल में पानी न जमा न होने दें। बरसात बंद होते ही खेतों से पानी निकालने का काम करें। - डॉ. एके तिवारी, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र तत्योरा

फोटो 23: हरियावां ब्लाॅक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी। संवाद

फोटो 23: हरियावां ब्लाॅक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी। संवाद

फोटो 23: हरियावां ब्लाॅक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी। संवाद

फोटो 23: हरियावां ब्लाॅक कार्यालय से डाकघर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी। संवाद