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एडेड विद्यालय : जहां विद्यार्थी ज्यादा वहां शिक्षक कम, कहीं बिना विद्यार्थियों के ही शिक्षकों की फौज
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हरदोई। जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) इंटर कॉलेजों में पढ़ाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। लगभग 25 कॉलेजों में छात्र और शिक्षकों का अनुपात (छात्र-शिक्षक अनुपात) पूरी तरह बिगड़ चुका है। कहीं छात्र कम होने के बावजूद शिक्षकों की फौज तैनात है तो कहीं सैकड़ों बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा महज एक-दो शिक्षकों के भरोसे है।
जिले में 72 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इनमें हाईस्कूल के 43 और इंटर के 29 विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में 44 हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए 972 शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती में शिक्षक व छात्र अनुपात बिगड़ गया है। इससे शिक्षण कार्य में समस्या आ रही है।
कहीं शिक्षकों की मौज, कहीं पढ़ाई भगवान भरोसे
कई एडेड विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बमुश्किल दहाई का आंकड़ा पार कर पाती है। बावजूद इसके यहां स्वीकृत पदों पर शिक्षक तैनात हैं। इसके उलट, कुछ नामचीन कॉलेजों में बच्चों की भारी भीड़ है लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं हैं। सबसे बदतर स्थिति महत्वपूर्ण विषयों की है। कई कॉलेजों में अंग्रेजी, विज्ञान और इतिहास जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं। इंटरमीडिएट के छात्र बिना शिक्षकों के ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने को मजबूर हैं। विज्ञान जैसी प्रयोगात्मक और अंग्रेजी जैसी अनिवार्य भाषा की कक्षाएं महीनों से खाली चल रही हैं।
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यह है बानगी
-मनिया देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधौगंज में मात्र दो शिक्षक तैनात हैं। यहां 300 से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
-आदर्श इंटर कॉलेज में मात्र चार शिक्षक तैनात हैं। यहां पर 500 से अधिक विद्यार्थी हैं।
-शहर के एएसबीवी इंटर कॉलेज में 35 शिक्षक हैं। यहां छात्र संख्या 300 के आसपास है।
मामला संज्ञान में है। सभी एडेड इंटर कॉलेजों से छात्र संख्या और शिक्षकों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। शिक्षकों की तैनाती व समायोजन आयोग से किया जाता है। विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसके लिए सभी प्रबंधक व प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है। -बाल मुकुंद प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक
जिले में 72 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इनमें हाईस्कूल के 43 और इंटर के 29 विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में 44 हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए 972 शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती में शिक्षक व छात्र अनुपात बिगड़ गया है। इससे शिक्षण कार्य में समस्या आ रही है।
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कहीं शिक्षकों की मौज, कहीं पढ़ाई भगवान भरोसे
कई एडेड विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बमुश्किल दहाई का आंकड़ा पार कर पाती है। बावजूद इसके यहां स्वीकृत पदों पर शिक्षक तैनात हैं। इसके उलट, कुछ नामचीन कॉलेजों में बच्चों की भारी भीड़ है लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं हैं। सबसे बदतर स्थिति महत्वपूर्ण विषयों की है। कई कॉलेजों में अंग्रेजी, विज्ञान और इतिहास जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं। इंटरमीडिएट के छात्र बिना शिक्षकों के ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने को मजबूर हैं। विज्ञान जैसी प्रयोगात्मक और अंग्रेजी जैसी अनिवार्य भाषा की कक्षाएं महीनों से खाली चल रही हैं।
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-मनिया देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माधौगंज में मात्र दो शिक्षक तैनात हैं। यहां 300 से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
-आदर्श इंटर कॉलेज में मात्र चार शिक्षक तैनात हैं। यहां पर 500 से अधिक विद्यार्थी हैं।
-शहर के एएसबीवी इंटर कॉलेज में 35 शिक्षक हैं। यहां छात्र संख्या 300 के आसपास है।
मामला संज्ञान में है। सभी एडेड इंटर कॉलेजों से छात्र संख्या और शिक्षकों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। शिक्षकों की तैनाती व समायोजन आयोग से किया जाता है। विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसके लिए सभी प्रबंधक व प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है। -बाल मुकुंद प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक