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Hardoi News: मरने वाले का सुराग नहीं खोज पाई पुलिस, न्यायालय ने हत्या में रिक्शा चालक को दिया आजीवन कारावास

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:09 PM IST
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Police failed to find any clue about the deceased; court sentenced rickshaw driver to life imprisonment for murder.
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हरदोई। तकरीबन आठ साल पहले रेलवे ट्रैक के किनारे बाग में मिले शव की पहचान भले ही पुलिस न करा पाई हो लेकिन न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी कर ली है। अपर जिला जज (कोर्ट संख्या एक) प्रमेंद्र कुमार ने रिक्शा चालक को दोषी करार दिया। हत्या, लूट और साक्ष्य मिटाने के अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।




देहात कोतवाली क्षेत्र के महोलिया शिवपार निवासी संजय गांव का चौकीदार है। उन्होंने 26 मार्च 2018 को देहात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि 25 मार्च को बोदिलपुरवा में रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित आम के बाग में युवक का शव मिला था। सिर पर चोट के गंभीर निशान थे। शव की पहचान नहीं हो पाई थी। विवेचना में पता चला था कि हरियावां थानाक्षेत्र के लालापुरवा निवासी सुरेंद्र उर्फ बड़क्के रिक्शा चलाते हैं। 24 मार्च को शहर के नुमाइश चौराहे से उसने एक युवक को रेलवे स्टेशन ले जाने के लिए बैठाया था।
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रास्ते में ठेके पर युवक ने शराब खरीदी थी। इस दौरान रिक्शा चालक की नजर युवक की जेब में रखे छह हजार रुपये पर पड़ गई थी। आरोपी और युवक ने रास्ते में शराब पी। युवक के नशे में हो जाने पर रिक्शा चालक ने छह हजार रुपये लूट लिए। फिर घटना छिपाने के लिए युवक के सिर पर डंडे से कई वार कर हत्या कर दी। गले में पड़े गमछे से उसका गला भी कस दिया था। घटना को मोड़ देने के लिए आरोपी ने शव रेलवे ट्रैक के किनारे बाग में फेंक दिया।
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विवेचना में यह सब पता चलने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, बरामदगी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध किए। अदालत ने माना कि आरोपी ने लूट के बाद युवक की हत्या की और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। इस कारण अपर जिला जज प्रमेंद्र ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।





आठ साल में भी नहीं पता चला किसकी हुई थी हत्या
न्यायालय ने भले ही अभियुक्त को सजा दे दी हो लेकिन पुलिस मृतक की पहचान तक नहीं करा पाई। गिरफ्तारी के बाद रिक्शा चालक ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि युवक ने उसे बताया था कि वह बिहार का रहने वाला है। मिर्जापुर में मजदूरी करने की जानकारी भी दी थी। उसके पास कुछ अभिलेख और कपड़े थे। अभियुक्त ने इस सामान को अपने घर जाकर जला दिया था। इसकी राख नाली में बहा दी थी।
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