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Hardoi News: किशोरी के बयानों से उलट आरोपी को गिरफ्तार कर मांगी रिमांड, जज ने इन्कार कर दे दी जमानत
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हरदोई। न्यायालय में किशोरी के बयानों के बाद भी बहलाकर ले जाने और विवाह का दबाव बनाने के आरोप में युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। किशोरी के बयानों को पढ़ने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-दो मोहम्मद यूनुस ने आरोपी काे न्यायिक हिरासत में भेजने से इन्कार कर दिया। 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उसे रिहा करने का आदेश दिया।
हरियावां थाने की पुलिस ने संभल जनपद के चंदौसी निवासी एक शख्स को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि एक किशोरी को बहलाकर अपने साथ ले गया और विवाह का दबाव बनाया। किशोरी ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी। आरोपी ने उस पर विवाह का भी कोई दबाव नहीं बनाया। बावजूद इसके पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी थी।
आरोपी का कोई अधिवक्ता न्यायालय में न होने पर विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से असिस्टेंट लीगल डिफेंस काउंसिल को उसकी पैरवी के लिए नियुक्त किया गया। बयान के आधार पर अदालत ने प्रथम दृष्टया विवाह के लिए मजबूर न करने का मामला पाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश मोहम्मद यूनुस ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए आरोपी को राहत दे दी। 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
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हरियावां थाने की पुलिस ने संभल जनपद के चंदौसी निवासी एक शख्स को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि एक किशोरी को बहलाकर अपने साथ ले गया और विवाह का दबाव बनाया। किशोरी ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी। आरोपी ने उस पर विवाह का भी कोई दबाव नहीं बनाया। बावजूद इसके पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी थी।
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आरोपी का कोई अधिवक्ता न्यायालय में न होने पर विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से असिस्टेंट लीगल डिफेंस काउंसिल को उसकी पैरवी के लिए नियुक्त किया गया। बयान के आधार पर अदालत ने प्रथम दृष्टया विवाह के लिए मजबूर न करने का मामला पाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश मोहम्मद यूनुस ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए आरोपी को राहत दे दी। 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।