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Hardoi News: पोषण भत्ते के भुगतान के लिए क्षय रोगियों का शुरू हुआ चेहरा प्रमाणीकरण
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फोटो-14- मेडिकल कॉलेज में स्थित क्षय रोग विभाग। संवाद
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फोटो-14- मेडिकल कॉलेज में स्थित क्षय रोग विभाग। संवाद
- अपात्रों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
- जिले के 14 हजार क्षय रोगियों में से 44 प्रतिशत का डाटा हुआ फीड
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। क्षय रोगियों को मिलने वाले पोषण भत्ते के भुगतान में अपात्र लोगों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चेहरा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत टीबी रोगियों का चेहरा स्कैन कर डाटा पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। प्रमाणीकरण के बाद ही लाभार्थियों को पोषण भत्ते का भुगतान किया जाएगा। जिले में भी करीब 44 प्रतिशत लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण किया जा चुका है और प्रक्रिया चल रही है।
क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निक्षय योजना से टीबी रोगियों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। इस राशि से मरीजों चिकित्सीय परामर्श के अनुसार भोजन करते थे। इससे मरीज की रोग प्रतिरोधक बढ़ जाती थी। लेकिन पिछले एक वर्ष से यह राशि मरीजों के खातों में नहीं पहुंच रही है। बता दें कि जिले में करीब 14057 क्षय रोगी चिह्नित किए गए हैं। अब इनमें से ही ऐसे मरीज की पहचान की जा रही है जो वास्तविक में पात्र हैं। इसके लिए विभाग ने चेहरा प्रमाणीकरण प्रक्रिया शुरू की है। डीबीटी पोर्टल पर क्षय रोगियों का चेहरा स्कैन कर अपलोड किया जाता है और इसके साथ ही अन्य विवरण भी भरा जा रहा है। बता दें कि जिले में अभी 44 प्रतिशत का काम पूरा हो गया है और आगे भी जल्द ही काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच सके।
डीबीटी का पोर्टल अपडेट होने से नहीं मिला पोषण भत्ता
क्षय रोगियों को बीते एक साल से पोषण भत्ता नहीं मिला है। बता दें कि बीते साल जुलाई माह में ही डीबीटी पोर्टल को अपडेट करने के निर्देश दिए गए थे। विभागीय अधिकारियों अपडेट किए गए एप के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने की बात कही। इसके लिए आधार और फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इसमें कई तकनीकी कमियों के चलते मरीजों के सत्यापन में समस्या हो रही है। कुछ के मोबाइल नंबर बदल गए तो कई लोगों के आधार अपडेट नहीं है। इसी के चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है और भुगतान अटका है।
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वर्जन
पात्र टीबी मरीजों का चेहरा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। एक बार यह काम पूरा हो जाएगा तो पात्र लाभार्थियों के खाते में सीधे धनराशि पहुंचने लगेगी। सिस्टम अपडेटेशन की वजह से भुगतान में देरी हुई है। डॉ. नोमानउल्ला, जिला क्षय रोग अधिकारी
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- अपात्रों पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
- जिले के 14 हजार क्षय रोगियों में से 44 प्रतिशत का डाटा हुआ फीड
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। क्षय रोगियों को मिलने वाले पोषण भत्ते के भुगतान में अपात्र लोगों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चेहरा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत टीबी रोगियों का चेहरा स्कैन कर डाटा पोर्टल पर फीड किया जा रहा है। प्रमाणीकरण के बाद ही लाभार्थियों को पोषण भत्ते का भुगतान किया जाएगा। जिले में भी करीब 44 प्रतिशत लाभार्थियों का चेहरा प्रमाणीकरण किया जा चुका है और प्रक्रिया चल रही है।
क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निक्षय योजना से टीबी रोगियों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। इस राशि से मरीजों चिकित्सीय परामर्श के अनुसार भोजन करते थे। इससे मरीज की रोग प्रतिरोधक बढ़ जाती थी। लेकिन पिछले एक वर्ष से यह राशि मरीजों के खातों में नहीं पहुंच रही है। बता दें कि जिले में करीब 14057 क्षय रोगी चिह्नित किए गए हैं। अब इनमें से ही ऐसे मरीज की पहचान की जा रही है जो वास्तविक में पात्र हैं। इसके लिए विभाग ने चेहरा प्रमाणीकरण प्रक्रिया शुरू की है। डीबीटी पोर्टल पर क्षय रोगियों का चेहरा स्कैन कर अपलोड किया जाता है और इसके साथ ही अन्य विवरण भी भरा जा रहा है। बता दें कि जिले में अभी 44 प्रतिशत का काम पूरा हो गया है और आगे भी जल्द ही काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच सके।
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डीबीटी का पोर्टल अपडेट होने से नहीं मिला पोषण भत्ता
क्षय रोगियों को बीते एक साल से पोषण भत्ता नहीं मिला है। बता दें कि बीते साल जुलाई माह में ही डीबीटी पोर्टल को अपडेट करने के निर्देश दिए गए थे। विभागीय अधिकारियों अपडेट किए गए एप के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने की बात कही। इसके लिए आधार और फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इसमें कई तकनीकी कमियों के चलते मरीजों के सत्यापन में समस्या हो रही है। कुछ के मोबाइल नंबर बदल गए तो कई लोगों के आधार अपडेट नहीं है। इसी के चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है और भुगतान अटका है।
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पात्र टीबी मरीजों का चेहरा प्रमाणीकरण की प्रक्रिया चल रही है। एक बार यह काम पूरा हो जाएगा तो पात्र लाभार्थियों के खाते में सीधे धनराशि पहुंचने लगेगी। सिस्टम अपडेटेशन की वजह से भुगतान में देरी हुई है। डॉ. नोमानउल्ला, जिला क्षय रोग अधिकारी