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Hardoi News: आखिरकार पिहानी चुंगी से खेतुई तक सड़क चौड़ी होने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने किया स्वीकार, 67.97 करोड़ से बनेगा
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हरदोई। पिहानी चुंगी से सिनेमा चौराहा लखनऊ रोड होते हुए खेतुई तक मार्ग के चौड़ीकरण के प्रस्ताव को आखिरकार मंजूरी मिल ही गई। चालू वित्तीय वर्ष के खत्म होने से ठीक एक दिन पहले उक्त कार्य को मंजूरी दी गई है।
खास बात यह है कि इवैलुएट फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) यानी मूल्यांकन प्रभाग विभाग से स्वीकृति मिलने के पूरे एक साल बाद सड़क निर्माण का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। 67 करोड़ 97 लाख 86 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति देते हुए 332.97 लाख रुपये भी अवमुक्त किए गए हैं।
लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731 की लंबाई 260 किलोमीटर है। इस मार्ग का पिहानी चुंगी से घंटाघर सड़क होते हुए लखनऊ चुंगी और खेतुई तक का हिस्सा दो लेन का है। लखनऊ सड़क से शहर में घुसने से पहले ही सड़क की दशा बेहद खराब है। पिहानी चुंगी से खेतुई तक के बीच की सड़क का चौड़ीकरण कराने के साथ ही इस पर डिवाइडर बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। 10.500 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण की मंजूरी ईएफसी से 31 मार्च 2025 को हो गई थी। इसके बाद से ही न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि जनप्रतिनिधि और उनके समर्थक भी उक्त मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव मंजूर होने की उम्मीद लगाए थे। अंतत: वित्तीय वर्ष की समाप्ति से एक रोज पहले सोमवार रात उक्त कार्य की मंजूरी जारी हो गई है।
साढ़े चार साल एनएचएआई के हवाले रही सड़क, हो गई दुर्दशा
लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत हरदोई से लखनऊ के बीच की सड़क एनएचएआई के बरेली डिवीजन को सौंप दी गई थी। नौ सितंबर 2020 को यह सड़क लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड से एनएचएआई को चली गई थी। इसके बाद यह सड़क 23 जनवरी 2025 को फिर से प्रांतीय खंड को सौंपी गई, पूरी सड़क नहीं सौंपी गई बल्कि पिहानी चुंगी से खेतुई तक की 10 किलोमीटर लंबाई वाला हिस्सा ही प्रांतीय खंड को सौंपा गया। लगभग साढ़े चार साल सड़क का हिस्सा एनएचएआई के पास रहा लेकिन सड़क की स्थिति बेहतर होने की बजाय इसकी दुर्दशा हो गई।
71 करोड़ रुपये का तैयार हुआ था आगणन
लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पिहानी चुंगी से खेतुई तक के निर्माण कार्य का आगणन 71 करोड़ 27 लाख सात हजार रुपये का बना था। इसे मंजूरी के लिए 19 मार्च 2025 को शासन भेजा गया था। 31 मार्च 2025 को इसकी इवैलुएट फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) यानी मूल्यांकन प्रभाग विभाग से मंजूरी दे दी गई थी। बाद में आगणन में कुछ और संशोधन कर अब 67 करोड़ 97 लाख 86 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
...और फिर चल निकला श्रेय लेने का दौर
मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति और बजट जारी होने की जानकारी सोमवार देर रात ही जनप्रतिनिधियों को मिल गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसका श्रेय लेने का दौर शुरू हो गया। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल और सांसद जय प्रकाश ने उक्त मार्ग के निर्माण की स्वीकृति देकर बजट जारी करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। इसके साथ ही दोनों जनप्रतिनिधियों के समर्थकों ने भी इसे अपने-अपने नेता की उपलब्धि बताकर बधाइयां दीं। उल्लेखनीय यह भी है कि इस सड़क की मंजूरी हुए बिना भी कई बार श्रेय लेने की होड़ दोनों जनप्रतिनिधियों में लग चुकी है।
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खास बात यह है कि इवैलुएट फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) यानी मूल्यांकन प्रभाग विभाग से स्वीकृति मिलने के पूरे एक साल बाद सड़क निर्माण का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। 67 करोड़ 97 लाख 86 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति देते हुए 332.97 लाख रुपये भी अवमुक्त किए गए हैं।
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लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731 की लंबाई 260 किलोमीटर है। इस मार्ग का पिहानी चुंगी से घंटाघर सड़क होते हुए लखनऊ चुंगी और खेतुई तक का हिस्सा दो लेन का है। लखनऊ सड़क से शहर में घुसने से पहले ही सड़क की दशा बेहद खराब है। पिहानी चुंगी से खेतुई तक के बीच की सड़क का चौड़ीकरण कराने के साथ ही इस पर डिवाइडर बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। 10.500 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण की मंजूरी ईएफसी से 31 मार्च 2025 को हो गई थी। इसके बाद से ही न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि जनप्रतिनिधि और उनके समर्थक भी उक्त मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव मंजूर होने की उम्मीद लगाए थे। अंतत: वित्तीय वर्ष की समाप्ति से एक रोज पहले सोमवार रात उक्त कार्य की मंजूरी जारी हो गई है।
साढ़े चार साल एनएचएआई के हवाले रही सड़क, हो गई दुर्दशा
लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत हरदोई से लखनऊ के बीच की सड़क एनएचएआई के बरेली डिवीजन को सौंप दी गई थी। नौ सितंबर 2020 को यह सड़क लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड से एनएचएआई को चली गई थी। इसके बाद यह सड़क 23 जनवरी 2025 को फिर से प्रांतीय खंड को सौंपी गई, पूरी सड़क नहीं सौंपी गई बल्कि पिहानी चुंगी से खेतुई तक की 10 किलोमीटर लंबाई वाला हिस्सा ही प्रांतीय खंड को सौंपा गया। लगभग साढ़े चार साल सड़क का हिस्सा एनएचएआई के पास रहा लेकिन सड़क की स्थिति बेहतर होने की बजाय इसकी दुर्दशा हो गई।
71 करोड़ रुपये का तैयार हुआ था आगणन
लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पिहानी चुंगी से खेतुई तक के निर्माण कार्य का आगणन 71 करोड़ 27 लाख सात हजार रुपये का बना था। इसे मंजूरी के लिए 19 मार्च 2025 को शासन भेजा गया था। 31 मार्च 2025 को इसकी इवैलुएट फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) यानी मूल्यांकन प्रभाग विभाग से मंजूरी दे दी गई थी। बाद में आगणन में कुछ और संशोधन कर अब 67 करोड़ 97 लाख 86 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
...और फिर चल निकला श्रेय लेने का दौर
मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति और बजट जारी होने की जानकारी सोमवार देर रात ही जनप्रतिनिधियों को मिल गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसका श्रेय लेने का दौर शुरू हो गया। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल और सांसद जय प्रकाश ने उक्त मार्ग के निर्माण की स्वीकृति देकर बजट जारी करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। इसके साथ ही दोनों जनप्रतिनिधियों के समर्थकों ने भी इसे अपने-अपने नेता की उपलब्धि बताकर बधाइयां दीं। उल्लेखनीय यह भी है कि इस सड़क की मंजूरी हुए बिना भी कई बार श्रेय लेने की होड़ दोनों जनप्रतिनिधियों में लग चुकी है।