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Hardoi News: खाद्य और रसद विभाग को मिलेंगे 219 अन्नपूर्णा भवन
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फोटो 19: बेहंदर के रामपुर भटौली में नवनिर्मित अन्नपूर्णा भवन। स्रोत : विभाग
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हरदोई। गांवों में बनवाए गए अन्नपूर्णा भवनों का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों को नहीं बल्कि खाद्य और रसद विभाग को किया जाएगा। जिले में बनकर तैयार हो चुके 219 अन्नपूर्णा भवन जल्द ही खाद्य और रसद विभाग को सौंपे जाएंगे। इन भवनों को बनवाए जाने पर मनरेगा मद से करीब 21.19 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
गांवों में संचालित राशन की दुकानों को अपने भवन दिए जाने के उद्देश्य से मनरेगा मद से अन्नपूर्णा भवन बनवाए जा रहे हैं। मनरेगा मद से अब तक 219 भवन पूर्ण कराए जा चुके हैं। पिछले साल 75 अन्नपूर्णा भवन बनवाए गए थे। इस साल 144 अन्नपूर्णा भवन बनकर तैयार हो गए हैं। कुल 219 अन्नपूर्णा भवन बन गए हैं जिन पर मनरेगा मद से करीब 21.19 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। एक भवन बनवाए जाने पर औसतन 10 लाख रुपये की लागत आई है। मनरेगा मद से बनवाए गए अन्नपूर्णा भवनों की देखरेख अभी तक ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराई जा रही थी। वहीं, अन्नपूर्णा भवनों को लेकर शासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि अन्नपूर्णा भवनों का हस्तांतरण खाद्य और रसद विभाग को किया जाएगा। उन्होंने अन्नपूर्णा भवनों को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया पूरी किए जाने के लिए एक प्रारूप भी दिया है। प्रारूप से ही अन्नपूर्णा भवनों को हस्तांतरित करने के साथ ही आख्या तैयार कराई जाएगी। प्रारूप पर बीडीओ, डीएसओ और अपर जिलाधिकारी या संबंधित तहसील के एसडीएम को हस्ताक्षर भी करने होंगे। इससे अन्नपूर्णा भवनों में कोटे की दुकानों का संचालन किया जा सकेगा।
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आजादी के अमृत महोत्सव में ग्रामीण क्षेत्रों में 75 अन्नपूर्णा भवनों को बनवाया गया था। वहीं, अगले चरण में 144 अन्नपूर्णा भवन पूरे हो गए हैं। मुख्य सचिव के आदेश के क्रम में मनरेगा मद से जिले में बनवाए गए सभी अन्नपूर्णा भवनों को खाद्य और रसद विभाग को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। -सान्या छाबड़ा, मुख्य विकास अधिकारी
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गांवों में संचालित राशन की दुकानों को अपने भवन दिए जाने के उद्देश्य से मनरेगा मद से अन्नपूर्णा भवन बनवाए जा रहे हैं। मनरेगा मद से अब तक 219 भवन पूर्ण कराए जा चुके हैं। पिछले साल 75 अन्नपूर्णा भवन बनवाए गए थे। इस साल 144 अन्नपूर्णा भवन बनकर तैयार हो गए हैं। कुल 219 अन्नपूर्णा भवन बन गए हैं जिन पर मनरेगा मद से करीब 21.19 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। एक भवन बनवाए जाने पर औसतन 10 लाख रुपये की लागत आई है। मनरेगा मद से बनवाए गए अन्नपूर्णा भवनों की देखरेख अभी तक ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराई जा रही थी। वहीं, अन्नपूर्णा भवनों को लेकर शासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
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मुख्य सचिव एसपी गोयल की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि अन्नपूर्णा भवनों का हस्तांतरण खाद्य और रसद विभाग को किया जाएगा। उन्होंने अन्नपूर्णा भवनों को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया पूरी किए जाने के लिए एक प्रारूप भी दिया है। प्रारूप से ही अन्नपूर्णा भवनों को हस्तांतरित करने के साथ ही आख्या तैयार कराई जाएगी। प्रारूप पर बीडीओ, डीएसओ और अपर जिलाधिकारी या संबंधित तहसील के एसडीएम को हस्ताक्षर भी करने होंगे। इससे अन्नपूर्णा भवनों में कोटे की दुकानों का संचालन किया जा सकेगा।
आजादी के अमृत महोत्सव में ग्रामीण क्षेत्रों में 75 अन्नपूर्णा भवनों को बनवाया गया था। वहीं, अगले चरण में 144 अन्नपूर्णा भवन पूरे हो गए हैं। मुख्य सचिव के आदेश के क्रम में मनरेगा मद से जिले में बनवाए गए सभी अन्नपूर्णा भवनों को खाद्य और रसद विभाग को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। -सान्या छाबड़ा, मुख्य विकास अधिकारी