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Hardoi News: होलिका माता का पूजन कर मांगा सुख-सौभाग्य, बाजारों में भी रही रौनक
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फोटो-13- नमकीन की खरीदारी करते लोग। संवाद
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हरदोई। होलिका माता का पूजन कर लोगों ने सुख-सौभाग्य की कामना की। होलिका माता को भोग-प्रसाद चढ़ाया और कच्चे सूत को लपेटकर परिक्रमा की। वहीं, बाजारों में खरीदारों के आने से रौनक रही। लोगों ने कपड़ों के साथ ही मैचिंग के जूते-सैंडल-स्लीपर पसंद किए। खासकर युवा वर्ग ने रेडीमेड कपड़ों में जींस, टी-शर्ट और हाफ शर्ट को वरीयता दी।
रंगों के त्योहार पर सोमवार को महिलाओं ने परिवार के सदस्यों के साथ होलिका माता का पूजन-अर्चन किया। जौ की बाली, गाय के गोबर के उपले, बल्ले आदि अर्पित किए। भोग-प्रसाद लगाया, धूप-दीप दिखाया और परिवार के सदस्यों के लिए दीर्घायु की कामना की। महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार होलिका दहन स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। दुलीचंद्र चौराहे पर 173वें होलिका माता पूजन के लिए मोहल्ले के साथ ही अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों ने भी पूजन किया। सीडीओ सान्या छाबड़ा ने परिवार के साथ पूजन किया। पारंपरिक पूजन-अर्चन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं भी दीं।
खरीदारों के आने से बाजारों में रौनक रही। व्यापारी भी अच्छी बिक्री की उम्मीद से उत्साहित नजर आए। त्योहार पर रंग-बिरंगे और ट्रेंडी फुटवियर की मांग रही। दुकानदारों ने भी नए डिजाइन और आकर्षक वैराइटी उपलब्ध कराईं। आधुनिक डिजाइनों और ब्रांडेड परिधानों की मांग अधिक रही।
सात बल्ले और सात जौ की बाली 10-10 रुपये में मिलीं
होली पर होलिका माता को अक्षत डालने में जौ का उपयोग किया जाता है। सोमवार को शहर के बाजारों में फुटपाथों पर जौ की बाली और गाय के गोबर के बल्ले, होलिका, परात आदि की दुकानें भी लगी रहीं। बाजारों में पूजन सामग्री की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने होलिका दहन के लिए सात बल्ले और सात जौ की बाली की खरीदारी की। दुकानदारों ने 10 रुपये की सात जौ की बाली और 10 रुपये में सात बल्ले आदि की बिक्री की।
रंग-पिचकारी और गुलाल की भी लोगों ने की खरीदारी
होली पर रंग-गुलाल के बिना धमाल अधूरा रहता है। लोगों ने अन्य सामग्री की खरीदारी के साथ ही बाजार में रंग, पिचकारी और गुलाल की खरीदारी की। बच्चों और युवाओं में रंग और पिचकारी को लेकर उत्साह दिखाई दिया। बाजार में प्रेशर वाले रंग को युवाओं ने अधिक पसंद किया। अलग-अलग डिजाइनों और आकार की पिचकारियां के साथ ही हर्बल और सुगंधित गुलाल दुकानों पर उपलब्ध रहा। पैकिंग के साथ ही लोगों ने खुला रंग और गुलाल भी खरीदा। दुकानों पर 50 रुपये लेकर 1,800 रुपये तक का स्प्रे रंग उपलब्ध रहा। 100 ग्राम गुलाल 30 से लेकर 60 रुपये के भाव का मिलता रहा।
पैकिंग में मिल रही गुझिया और मेवा समोसा
होली पर दुकानदारों ने भी लोगों की पसंद को समझा है। बाजार में मिठाई की दुकानों पर पैकिंग में गुझिया और मेवा समोसा उपलब्ध हैं। आकर्षक और सील बंद डिब्बों में सजी मिठाइयों को उपहार में देने के लिए भी लोगों ने खरीदारी की। लोगों के मुताबिक पैकिंग वाली गुझिया और मेवा समोसा स्वच्छता और गुणवत्ता का भरोसा दिलाते हैं। वहीं ले जाने में भी सुविधाजनक हैं। दुकानदारों ने अलग-अलग रेंज और वजन के पैकेट तैयार किए हैं। बाजार में 1200 रुपये की कीमत से लेकर इससे अधिक कीमत के आकर्षक गिफ्ट पैक उपलब्ध हैं। इन पैकों में गुझिया, मेवा समोसा, ड्राईफ्रूट और नमकीन आदि को सुंदर डिब्बों में सजाकर दिया जा रहा है।
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रंगों के त्योहार पर सोमवार को महिलाओं ने परिवार के सदस्यों के साथ होलिका माता का पूजन-अर्चन किया। जौ की बाली, गाय के गोबर के उपले, बल्ले आदि अर्पित किए। भोग-प्रसाद लगाया, धूप-दीप दिखाया और परिवार के सदस्यों के लिए दीर्घायु की कामना की। महिलाओं और बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार होलिका दहन स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। दुलीचंद्र चौराहे पर 173वें होलिका माता पूजन के लिए मोहल्ले के साथ ही अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों ने भी पूजन किया। सीडीओ सान्या छाबड़ा ने परिवार के साथ पूजन किया। पारंपरिक पूजन-अर्चन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं भी दीं।
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खरीदारों के आने से बाजारों में रौनक रही। व्यापारी भी अच्छी बिक्री की उम्मीद से उत्साहित नजर आए। त्योहार पर रंग-बिरंगे और ट्रेंडी फुटवियर की मांग रही। दुकानदारों ने भी नए डिजाइन और आकर्षक वैराइटी उपलब्ध कराईं। आधुनिक डिजाइनों और ब्रांडेड परिधानों की मांग अधिक रही।
सात बल्ले और सात जौ की बाली 10-10 रुपये में मिलीं
होली पर होलिका माता को अक्षत डालने में जौ का उपयोग किया जाता है। सोमवार को शहर के बाजारों में फुटपाथों पर जौ की बाली और गाय के गोबर के बल्ले, होलिका, परात आदि की दुकानें भी लगी रहीं। बाजारों में पूजन सामग्री की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने होलिका दहन के लिए सात बल्ले और सात जौ की बाली की खरीदारी की। दुकानदारों ने 10 रुपये की सात जौ की बाली और 10 रुपये में सात बल्ले आदि की बिक्री की।
रंग-पिचकारी और गुलाल की भी लोगों ने की खरीदारी
होली पर रंग-गुलाल के बिना धमाल अधूरा रहता है। लोगों ने अन्य सामग्री की खरीदारी के साथ ही बाजार में रंग, पिचकारी और गुलाल की खरीदारी की। बच्चों और युवाओं में रंग और पिचकारी को लेकर उत्साह दिखाई दिया। बाजार में प्रेशर वाले रंग को युवाओं ने अधिक पसंद किया। अलग-अलग डिजाइनों और आकार की पिचकारियां के साथ ही हर्बल और सुगंधित गुलाल दुकानों पर उपलब्ध रहा। पैकिंग के साथ ही लोगों ने खुला रंग और गुलाल भी खरीदा। दुकानों पर 50 रुपये लेकर 1,800 रुपये तक का स्प्रे रंग उपलब्ध रहा। 100 ग्राम गुलाल 30 से लेकर 60 रुपये के भाव का मिलता रहा।
पैकिंग में मिल रही गुझिया और मेवा समोसा
होली पर दुकानदारों ने भी लोगों की पसंद को समझा है। बाजार में मिठाई की दुकानों पर पैकिंग में गुझिया और मेवा समोसा उपलब्ध हैं। आकर्षक और सील बंद डिब्बों में सजी मिठाइयों को उपहार में देने के लिए भी लोगों ने खरीदारी की। लोगों के मुताबिक पैकिंग वाली गुझिया और मेवा समोसा स्वच्छता और गुणवत्ता का भरोसा दिलाते हैं। वहीं ले जाने में भी सुविधाजनक हैं। दुकानदारों ने अलग-अलग रेंज और वजन के पैकेट तैयार किए हैं। बाजार में 1200 रुपये की कीमत से लेकर इससे अधिक कीमत के आकर्षक गिफ्ट पैक उपलब्ध हैं। इन पैकों में गुझिया, मेवा समोसा, ड्राईफ्रूट और नमकीन आदि को सुंदर डिब्बों में सजाकर दिया जा रहा है।

फोटो-13- नमकीन की खरीदारी करते लोग। संवाद

फोटो-13- नमकीन की खरीदारी करते लोग। संवाद

फोटो-13- नमकीन की खरीदारी करते लोग। संवाद

फोटो-13- नमकीन की खरीदारी करते लोग। संवाद

फोटो-13- नमकीन की खरीदारी करते लोग। संवाद

फोटो-13- नमकीन की खरीदारी करते लोग। संवाद
