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Hardoi News: 10,784 परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने के साथ अब अंतिम दौर में मनरेगा
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हरदोई। मनरेगा अब अंतिम दिनों में है। भारत सरकार ने मनरेगा को वीबीजी रामजी किए जाने के साथ ही एक वित्तीय वर्ष में 120 दिन का रोजगार दिए जाने की प्राथमिकता दी है। चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा 10,784 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दे सकी है। मनरेगा के कामों और भुगतान को 20 अप्रैल तक पूरा कराया जाना है।
मनरेगा में वैसे तो एक साल में जॉबकार्ड धारक परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिए जाने की गारंटी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सक्रिय जॉबकार्ड धारक 2,11,000 परिवारों में से 45,482 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिए जाने का लक्ष्य रखा गया। मंगलवार को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 10,784 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिया गया जबकि 81 से 99 दिन तक काम 17,543 परिवारों को दिया गया है। 1,36,000 परिवारों को रोजगार से जोड़ते हुए 65,26,000 दिन का रोजगार दिया गया है।
इसमें से 35,40,000 दिन का काम एससी और एसटी परिवारों को दिलाया गया। वहीं 35 प्रतिशत महिला श्रमिकों और 759 दिव्यांगजन को भी जोड़ा गया। बताया गया कि मनरेगा मद से 12,300 कामों को कराया गया है इसमें जल संरक्षण, अपनी वाटिका, आंगनबाड़ी केंद्र भवन, अन्नपूर्णा भवन, खेल मैदान और कुओं का जीर्णोद्धार शामिल है।
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विकास खंडवार परिवारों के 100 दिन के दिए गए रोजगार पर एक नजर
विकास खंड : परिवारों की संख्या
माधौगंज : 133
हरपालपुर : 164
सुरसा : 523
अहिरोरी : 282
टोडरपुर : 508
टड़ियावां : 561
मल्लावां : 294
शाहाबाद : 375
बेहंदर : 288
बिलग्राम : 644
बावन : 849
हरियावां : 484
भरखनी : 2,357
कोथावां : 505
सांडी : 421
पिहानी : 761
संडीला : 896
भरावन : 399
कछौना : 340
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2.45 अरब रुपये खर्च किए गए
मनरेगा मद से कराए गए कामों में लगाई गई सामग्री और मजदूरी मद पर 2,45,37,80,000 रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें मजदूरी मद में 1,64,26,79,000 रुपये और सामग्री खरीदारी पर 71,93,26,000 रुपये खर्च किए गए हैं। अब मनरेगा अंतिम चरण में है। सभी कार्यक्रम अधिकारियों से कहा गया है कि 20 अप्रैल तक ही रोजगार दिए जाने के लिए ई-एमआर जारी किए जाएं। इसी अवधि तक का भुगतान किए जाने की भी प्रक्रिया पूरी करा ली जाएगी ताकि वीबीजी रामजी के क्रियान्वयन को नवीन गाइडलाइन के अनुसार प्रभावी बनाने में आसानी रहेगी। -रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त, श्रम रोजगार
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मनरेगा में वैसे तो एक साल में जॉबकार्ड धारक परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिए जाने की गारंटी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सक्रिय जॉबकार्ड धारक 2,11,000 परिवारों में से 45,482 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिए जाने का लक्ष्य रखा गया। मंगलवार को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 10,784 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिया गया जबकि 81 से 99 दिन तक काम 17,543 परिवारों को दिया गया है। 1,36,000 परिवारों को रोजगार से जोड़ते हुए 65,26,000 दिन का रोजगार दिया गया है।
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इसमें से 35,40,000 दिन का काम एससी और एसटी परिवारों को दिलाया गया। वहीं 35 प्रतिशत महिला श्रमिकों और 759 दिव्यांगजन को भी जोड़ा गया। बताया गया कि मनरेगा मद से 12,300 कामों को कराया गया है इसमें जल संरक्षण, अपनी वाटिका, आंगनबाड़ी केंद्र भवन, अन्नपूर्णा भवन, खेल मैदान और कुओं का जीर्णोद्धार शामिल है।
विकास खंडवार परिवारों के 100 दिन के दिए गए रोजगार पर एक नजर
विकास खंड : परिवारों की संख्या
माधौगंज : 133
हरपालपुर : 164
सुरसा : 523
अहिरोरी : 282
टोडरपुर : 508
टड़ियावां : 561
मल्लावां : 294
शाहाबाद : 375
बेहंदर : 288
बिलग्राम : 644
बावन : 849
हरियावां : 484
भरखनी : 2,357
कोथावां : 505
सांडी : 421
पिहानी : 761
संडीला : 896
भरावन : 399
कछौना : 340
2.45 अरब रुपये खर्च किए गए
मनरेगा मद से कराए गए कामों में लगाई गई सामग्री और मजदूरी मद पर 2,45,37,80,000 रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें मजदूरी मद में 1,64,26,79,000 रुपये और सामग्री खरीदारी पर 71,93,26,000 रुपये खर्च किए गए हैं। अब मनरेगा अंतिम चरण में है। सभी कार्यक्रम अधिकारियों से कहा गया है कि 20 अप्रैल तक ही रोजगार दिए जाने के लिए ई-एमआर जारी किए जाएं। इसी अवधि तक का भुगतान किए जाने की भी प्रक्रिया पूरी करा ली जाएगी ताकि वीबीजी रामजी के क्रियान्वयन को नवीन गाइडलाइन के अनुसार प्रभावी बनाने में आसानी रहेगी। -रवि प्रकाश सिंह, उपायुक्त, श्रम रोजगार