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Hardoi News: स्वरोजगार की खुली राह... समूहों को मिले 80 लाख
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फोटो 31: चूजापालन का प्रशिक्षण लेने के बाद मौजूद महिलाएं। स्रोत : आर्काइव
रिवॉल्विंग फंड के रूप में 267 स्वयं समूहों के खातों में भेजी गई धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को रुपयों की तंगी नहीं होगी। समूह से ही रुपये लेकर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों रिवॉल्विंग फंड के रूप में 30,000-30,000 रुपये दिए गए हैं। जिले के 14 विकास खंडों के नवगठित 267 स्वयं सहायता समूहों को 80 लाख 10 हजार रुपये उनके खातों में भिजवाए गए हैं।
उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से गांवों की महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूहों का गठन कराया जा रहा है। समूह से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक मजबूती भी दी जा रही है। महिलाओं को स्थानीय उत्पाद बनाने से लेकर विभिन्न उत्पादों और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है।
समूहों के गठन और महिलाओं के माध्यम से स्वयं से संचालन की अवधि पूरी किए जाने पर एक समूह को 30 हाज रुपये रिवॉल्विंग फंड के तौर पर दिए जाने की व्यवस्था है। चालू वित्तीय वर्ष में 14 विकास खंडों के 267 स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड की मद में 80 लाख 10 हजार रुपये होली पर उनके खातों में भेजे गए हैं। इससे समूह की महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए समूह से ही रुपये मिल जाएंगे।
समूहों की संख्या और दिए गए रुपये :
ब्लॉक : समूह : रुपये
अहिरोरी : 31 : 9,30,000
बावन : 10 : 3,00,000
बेहंदर : 15 : 4,50,000
भरावन : 19 : 5,70,000
भरखनी : 39 : 11,70,000
बिलग्राम : 9 : 2,70,000
हरपालपुर : 6 : 1,80,000
कोथावां : 12 : 3,60,000
माधौगंज : 4 : 1,20,000
पिहानी : 47 : 14,10,000
सांडी : 5 : 1,50,000
संडीला : 29 : 8,70,000
शाहाबाद : 26 : 7,80,000
टोडरपुर : 15 : 4,50,000
वर्जन
समूहों को आर्थिक तौर पर मजबूती दिए जाने से समूहों से जुड़ी महिलाओं को मजबूती मिलती है। रिवॉल्विंग फंड के रुपये समूह के खातों में भिजवा दिए गए हैं। इससे समूहों के पास अपनी बचत और रिवॉल्विंग फंड के रुपये हो जाने से महिलाएं स्थानीय उत्पाद बनाने का स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी। महिलाओं को आर्थिक आवश्यकता के लिए किसी का मुंह ताकना नहीं पड़ेगा।-सान्या छाबड़ा, सीडीओ
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रिवॉल्विंग फंड के रूप में 267 स्वयं समूहों के खातों में भेजी गई धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को रुपयों की तंगी नहीं होगी। समूह से ही रुपये लेकर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों रिवॉल्विंग फंड के रूप में 30,000-30,000 रुपये दिए गए हैं। जिले के 14 विकास खंडों के नवगठित 267 स्वयं सहायता समूहों को 80 लाख 10 हजार रुपये उनके खातों में भिजवाए गए हैं।
उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से गांवों की महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूहों का गठन कराया जा रहा है। समूह से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक मजबूती भी दी जा रही है। महिलाओं को स्थानीय उत्पाद बनाने से लेकर विभिन्न उत्पादों और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है।
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समूहों के गठन और महिलाओं के माध्यम से स्वयं से संचालन की अवधि पूरी किए जाने पर एक समूह को 30 हाज रुपये रिवॉल्विंग फंड के तौर पर दिए जाने की व्यवस्था है। चालू वित्तीय वर्ष में 14 विकास खंडों के 267 स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड की मद में 80 लाख 10 हजार रुपये होली पर उनके खातों में भेजे गए हैं। इससे समूह की महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए समूह से ही रुपये मिल जाएंगे।
समूहों की संख्या और दिए गए रुपये :
ब्लॉक : समूह : रुपये
अहिरोरी : 31 : 9,30,000
बावन : 10 : 3,00,000
बेहंदर : 15 : 4,50,000
भरावन : 19 : 5,70,000
भरखनी : 39 : 11,70,000
बिलग्राम : 9 : 2,70,000
हरपालपुर : 6 : 1,80,000
कोथावां : 12 : 3,60,000
माधौगंज : 4 : 1,20,000
पिहानी : 47 : 14,10,000
सांडी : 5 : 1,50,000
संडीला : 29 : 8,70,000
शाहाबाद : 26 : 7,80,000
टोडरपुर : 15 : 4,50,000
वर्जन
समूहों को आर्थिक तौर पर मजबूती दिए जाने से समूहों से जुड़ी महिलाओं को मजबूती मिलती है। रिवॉल्विंग फंड के रुपये समूह के खातों में भिजवा दिए गए हैं। इससे समूहों के पास अपनी बचत और रिवॉल्विंग फंड के रुपये हो जाने से महिलाएं स्थानीय उत्पाद बनाने का स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी। महिलाओं को आर्थिक आवश्यकता के लिए किसी का मुंह ताकना नहीं पड़ेगा।-सान्या छाबड़ा, सीडीओ
