{"_id":"6a415b2fb29bbc9ff90882b3","slug":"probe-into-handpump-repair-costs-in-utara-two-member-committee-constituted-hardoi-news-c-213-1-hra1001-152270-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: उतरा में हैंडपंप मरम्मत के खर्च की होगी जांच, दो सदस्यीय समिति गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: उतरा में हैंडपंप मरम्मत के खर्च की होगी जांच, दो सदस्यीय समिति गठित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। गांव में हैंडपंप मरम्मत सहित अन्य कार्यों में की गई गड़बड़ी की जांच के लिए जिलाधिकारी अनुनय झा ने दो सदस्यीय समिति गठित की। समिति से एक माह के अंदर हैंडपंप मरम्मत सहित अन्य काम और भुगतान जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
डीएम ने समिति का गठन हरियावां की ग्राम पंचायत उतरा निवासी धीरेंद्र कुमार सिंह की तरफ से आठ जून को दिए गए शिकायती पत्र पर किया है। समिति में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और नलकूप खंड के सहायक अभियंता को नामित किया है। वहीं शिकायतकर्ता ने हैंडपंप मरम्मत के फर्जी बिल-वाउचर लगाकर निवर्तमान प्रधान प्रशासक और पंचायत सचिव पर बड़ी मात्रा में रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। कहा कि हैंडपंप मरम्मत के साथ ही अन्य कामों में भी गड़बड़ी की गई है। वहीं आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गईं शिकायतों में निस्तारण की फर्जी आख्या लगाई गई हैं। फर्जी आख्या से शिकायतों को निस्तारित कराया जा रहा है ताकि अधिकारियों को वास्तविक गड़बड़ी की जानकारी न होने पाए।
डीएम ने जांच समिति नामित करते हुए निर्देश दिए कि पंचायतीराज अधिनियम के तहत आय-व्यय, काम और भुगतान की स्थलीय और अभिलेखीय जांच की जाए। निष्कर्ष सहित आख्या प्राप्त कराई जाए ताकि आख्या के परीक्षण के बाद दोषियों की जिम्मेदारी तय की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने समिति का गठन हरियावां की ग्राम पंचायत उतरा निवासी धीरेंद्र कुमार सिंह की तरफ से आठ जून को दिए गए शिकायती पत्र पर किया है। समिति में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और नलकूप खंड के सहायक अभियंता को नामित किया है। वहीं शिकायतकर्ता ने हैंडपंप मरम्मत के फर्जी बिल-वाउचर लगाकर निवर्तमान प्रधान प्रशासक और पंचायत सचिव पर बड़ी मात्रा में रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। कहा कि हैंडपंप मरम्मत के साथ ही अन्य कामों में भी गड़बड़ी की गई है। वहीं आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई गईं शिकायतों में निस्तारण की फर्जी आख्या लगाई गई हैं। फर्जी आख्या से शिकायतों को निस्तारित कराया जा रहा है ताकि अधिकारियों को वास्तविक गड़बड़ी की जानकारी न होने पाए।
विज्ञापन
डीएम ने जांच समिति नामित करते हुए निर्देश दिए कि पंचायतीराज अधिनियम के तहत आय-व्यय, काम और भुगतान की स्थलीय और अभिलेखीय जांच की जाए। निष्कर्ष सहित आख्या प्राप्त कराई जाए ताकि आख्या के परीक्षण के बाद दोषियों की जिम्मेदारी तय की जा सके।
विज्ञापन