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Hardoi News: गेहूं कटाई के बीच सांस के मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें, अस्पतालों में बढ़े रोगी
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फोटो-16- खेत में थ्रेसिंग से कटाई के दौरान निकल रहा भूसा, धूल-मिट्टी के कण। संवाद
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हरदोई। थ्रेसिंग और कंबाइन से हो रही गेहूं की कटाई का असर अब सेहत पर दिखने लगा है। मशीनों से उड़ने वाली धूल, मिट्टी और भूसे के कणों ने अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालत यह है कि सांस फूलने और खांसी की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मशीनों से निकलने वाले बारीक कण हवा में घुलकर सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने से लोग श्वास संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। फसलों के अवशेष जलाने से पैदा धुआं भी समस्या को और बढ़ा रहा है। अस्पतालों में सांस फूलने और सीने में जकड़न की शिकायत वाले मरीजों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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तंदुरुस्त व्यक्ति भी हो सकता है बीमार
मेडिकल कॉलेज के टीबी और चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि धूल और भूसे के बारीक कण एलर्जी पैदा कर अस्थमा को जन्म दे सकते हैं। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि दिखाई नहीं देते और सांस के साथ शरीर में पहुंच जाते हैं। ओपीडी में सांस लेने में दिक्कत के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।
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मुंह ढककर ही निकलें घर से बाहर
डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि जिन लोगों को पहले से श्वास या एलर्जी की समस्या है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मुंह ढककर रखें और बिना चिकित्सीय सलाह के दवा न लें।
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ये बरतें सावधानियां
- मास्क पहनें। सांस की दिक्कत होने पर घर में ही रहें। नियमित दवा लें। पर्याप्त पानी पीएं। धूल से बचाव करें।
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मशीनों से निकलने वाले बारीक कण हवा में घुलकर सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। लंबे समय तक ऐसे वातावरण में रहने से लोग श्वास संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। फसलों के अवशेष जलाने से पैदा धुआं भी समस्या को और बढ़ा रहा है। अस्पतालों में सांस फूलने और सीने में जकड़न की शिकायत वाले मरीजों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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तंदुरुस्त व्यक्ति भी हो सकता है बीमार
मेडिकल कॉलेज के टीबी और चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि धूल और भूसे के बारीक कण एलर्जी पैदा कर अस्थमा को जन्म दे सकते हैं। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि दिखाई नहीं देते और सांस के साथ शरीर में पहुंच जाते हैं। ओपीडी में सांस लेने में दिक्कत के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।
मुंह ढककर ही निकलें घर से बाहर
डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया कि जिन लोगों को पहले से श्वास या एलर्जी की समस्या है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मुंह ढककर रखें और बिना चिकित्सीय सलाह के दवा न लें।
ये बरतें सावधानियां
- मास्क पहनें। सांस की दिक्कत होने पर घर में ही रहें। नियमित दवा लें। पर्याप्त पानी पीएं। धूल से बचाव करें।
