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Hardoi News: गोमती और सहायक नदियों के प्रदूषण का पता लगाने को लिए नमूने
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फोटो-28-सई नदी के सर्वे के दौरान मौजूद विशेष दल के सदस्य। स्रोत स्वयं
- डीएम के निर्देश पर कछुआ तालाब का भी विशेष दल ने किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गोमती और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण और पुनरोद्धार की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में लखनऊ से आए एक विशेष दल ने गोमती की सहायक नदियों का सर्वे किया।
जिलाधिकारी के सुझाव पर टीम ने बिलग्राम के ककराखेड़ा में कछुआ तालाब का भी जायजा लिया। टीम के सदस्य कछुआ तालाब, सई नदी और बेहता के पानी का नमूना भी साथ ले गए हैं। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गोमती और उनकी सहायक नदियों के पुनरोद्धार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खासे गंभीर हैं। इसको लेकर अलग-अलग स्तर पर कार्य भी चल रहा है।
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. वेंकटेश दत्ता के नेतृत्व वाली एक टीम ने गोमती नदी के साथ ही सहायक नदियों का भी सर्वे किया। टीम ने बेहता, सरायन, कथाना और भैंसी की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। टीम में नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्रा, अवन अभियंता ऋषिराज, डॉ. प्रियंका, डॉ. राकेश कुशवाहा आदि शामिल रहे। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि सहायक नदियों के प्रदूषण के स्तर और अन्य पर्यावरणीय मानकों के परीक्षण के लिए पानी के नमूने लिए गए हैं। अन्य आवश्यक बिंदुओं पर भी चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर गोमती नदी व सहायक नदियों के संरक्षण की विस्तृत कार्य योजना तैयार होगी।
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- डीएम के निर्देश पर कछुआ तालाब का भी विशेष दल ने किया सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गोमती और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण और पुनरोद्धार की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में लखनऊ से आए एक विशेष दल ने गोमती की सहायक नदियों का सर्वे किया।
जिलाधिकारी के सुझाव पर टीम ने बिलग्राम के ककराखेड़ा में कछुआ तालाब का भी जायजा लिया। टीम के सदस्य कछुआ तालाब, सई नदी और बेहता के पानी का नमूना भी साथ ले गए हैं। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गोमती और उनकी सहायक नदियों के पुनरोद्धार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खासे गंभीर हैं। इसको लेकर अलग-अलग स्तर पर कार्य भी चल रहा है।
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बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. वेंकटेश दत्ता के नेतृत्व वाली एक टीम ने गोमती नदी के साथ ही सहायक नदियों का भी सर्वे किया। टीम ने बेहता, सरायन, कथाना और भैंसी की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। टीम में नमामि गंगे के जिला परियोजना अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्रा, अवन अभियंता ऋषिराज, डॉ. प्रियंका, डॉ. राकेश कुशवाहा आदि शामिल रहे। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि सहायक नदियों के प्रदूषण के स्तर और अन्य पर्यावरणीय मानकों के परीक्षण के लिए पानी के नमूने लिए गए हैं। अन्य आवश्यक बिंदुओं पर भी चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर गोमती नदी व सहायक नदियों के संरक्षण की विस्तृत कार्य योजना तैयार होगी।