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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Station House Officer fails to submit report to the court; SP directed to take action and ensure compliance with the order.

Hardoi News: कोतवाल ने नहीं दी न्यायालय को रिपोर्ट, एसपी को कार्रवाई और आदेश अनुपालन के निर्देश

Fri, 10 Jul 2026 10:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:56 PM IST
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Station House Officer fails to submit report to the court; SP directed to take action and ensure compliance with the order.
हरदोई। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग से अपहरण और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले का आरोप पत्र दो साल में भी न्यायालय नहीं पहुंचा। न्यायालय ने विवेचक को तलब किया। विवेचक ने बताया कि 21 अक्तूबर 2024 काे ही आरोप पत्र कोतवाली के मोहर्रिर को दे दिया था। इस पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश गौड़ (कोर्ट संख्या-14) ने बेनीगंज कोतवाल से पूरी रिपोर्ट तलब की। सात जुलाई को तलब रिपोर्ट कोर्ट नहीं पहुंची। इस पर नाराजगी जताते हुए अपर जिला जज ने एसपी से पूरे मामले में कार्रवाई करने को कहा। न्यायालय के आदेश का अनुपालन के निर्देश भी दिए।
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बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसकी पुत्री (15) 20 सितंबर 2024 की शाम शौच के लिए घर से गई थी। वापस न आने पर अगले दिन उगामऊ निवासी महेश पर किशोरी को बहलाकर ले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आशंका जताई कि आरोपी शादी करने की नीयत से किशोरी को ले गया है। जान का खतरा भी बताया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। महिला ने सुनवाई के दौरान न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि घटना के दो साल बीत गए लेकिन आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल नहीं हुआ है।
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पुनर्विवेचना, आवश्यक धाराएं जोड़ने और केस डायरी तलब किए जाने की मांग की थी। विवेचक फूल सिंह ने न्यायालय में उपस्थित होकर बताया कि 21 अक्तूबर 2024 को आरोप पत्र थाना मुहर्रिर को दे दिया था। इसके बाद की जानकारी उन्हें नहीं है। इस पर अदालत ने सात जुलाई को बेनीगंज कोतवाल को आरोप पत्र दाखिल किए जाने का पूरा विवरण और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई न होने का कारण बताने का निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कोई रिपोर्ट न्यायालय में नहीं दी गई। इसे गंभीर मानते हुए अपर जिला जज ने एसपी को पूरे मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने और न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश की प्रति डीआईजी लखनऊ रेंज और बाल कल्याण समिति को भी भेजने के आदेश दिए हैं।
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