{"_id":"69d53fde6a21f58b5101a90b","slug":"storm-and-rain-uprooted-poles-snapped-wires-and-left-20-villages-without-power-for-50-hours-hardoi-news-c-213-1-hra1004-147680-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: आंधी-बारिश में उखड़े खंभे, टूटे तार, 50 घंटे तक 20 गांवों में बिजली गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: आंधी-बारिश में उखड़े खंभे, टूटे तार, 50 घंटे तक 20 गांवों में बिजली गुल
विज्ञापन
फोटो- 28- अतरौली उपकेंद्र पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
विज्ञापन
भरावन। शनिवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया। आंधी में कई जगह खंभे उखड़ने और तार टूटने से 20 गांवों की बत्ती 50 घंटे गुल रही। दो दिन से बिजली न मिलने और विद्युत कर्मियों के फोन बंद करने से गुस्साए ग्रामीणों ने उपकेंद्र का घेराव कर दिया। ग्रामीणों ने दूसरे फीडर पर आ रही लाइट का विरोध जताते हुए उसे भी बंद करा दिया। जानकारी पर पहुंचे अवर अभियंता ने किसी तरह दूसरे लाइनमैन को बुलाकर आपूर्ति सुचारू कराई।
बीते शनिवार शाम आए मौसम में बदलाव के बाद क्षेत्र की विद्युत लाइन में कई स्थानों पर फॉल्ट आ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली न आने की शिकायत करने के लिए जब उन्होंने लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों को फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। दो दिनों तक अंधेरे में रहने और पेयजल संकट गहराने के बाद ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार रात बड़ी संख्या में ग्रामीण अतरौली उपकेंद्र पहुंचे। वहां तैनात कर्मियों की बेरुखी देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए और भरावन ओल्ड फीडर को करीब एक घंटे के लिए बंद करा दिया। फीडर बंद होते ही आनन-फानन उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अवर अभियंता सूरज गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। उन्होंने कुकुरा फीडर के लाइनमैनों को बुलाकर आपूर्ति सुचारू करवाई। जेई ने बताया कि पूरे दिन काम करने के बाद लाइनमैन भी थक गए थे। इसलिए उन्होंने अगले दिन काम करने के लिए कहा।
लाइनमैनों पर लगाया आरोप
बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाजसेवी प्रशांत त्रिपाठी लाइनमैनों की कार्यशैली से नाराज दिखे। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के दोनों लाइनमैन बिना सुविधा शुल्क के काम नहीं करते हैं और इसी वजह से उन्होंने आपूर्ति सुचारू नहीं की। एसएसओ के अनुसार उन्होंने भी लाइनमैन लालाराम और लालजी को फोन किया लेकिन उन्होंने लाइन ठीक करने से मना कर दिया और मोबाइल बंद कर लिया।
20 गांवों के दो हजार उपभोक्ता परेशान
बिजली न आने से बनी, डांडा, सैयापुर, जीवनखेड़ा, पड़रिया, भटखेड़ा, शांतिखेड़ा, डेहुआ, प्रहलाद खेड़ा, बंगालपुर और अतरौलीहार समेत करीब 20 गांवों के 2000 उपभोक्ता 50 घंटे परेशान रहे। सोमवार रात करीब नौ बजे ग्रामीण राजन बाजपेई, कुलदीप त्रिपाठी, राजू, छोटू, नसीम, लुकमान, विपिन, मोंटी सिंह, अभय, उदय और बलराम सिंह विद्युत उपकेंद्र पर रात एक बजे तक डटे रहे। इसके बाद बनी गांव तक विद्युत लाइन दुरुस्त की गई। हालांकि, इसके बाद भी लो-वोल्टेज की समस्या से लोग ग्रसित रहे।
Trending Videos
बीते शनिवार शाम आए मौसम में बदलाव के बाद क्षेत्र की विद्युत लाइन में कई स्थानों पर फॉल्ट आ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली न आने की शिकायत करने के लिए जब उन्होंने लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों को फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। दो दिनों तक अंधेरे में रहने और पेयजल संकट गहराने के बाद ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार रात बड़ी संख्या में ग्रामीण अतरौली उपकेंद्र पहुंचे। वहां तैनात कर्मियों की बेरुखी देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए और भरावन ओल्ड फीडर को करीब एक घंटे के लिए बंद करा दिया। फीडर बंद होते ही आनन-फानन उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अवर अभियंता सूरज गुप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। उन्होंने कुकुरा फीडर के लाइनमैनों को बुलाकर आपूर्ति सुचारू करवाई। जेई ने बताया कि पूरे दिन काम करने के बाद लाइनमैन भी थक गए थे। इसलिए उन्होंने अगले दिन काम करने के लिए कहा।
लाइनमैनों पर लगाया आरोप
बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाजसेवी प्रशांत त्रिपाठी लाइनमैनों की कार्यशैली से नाराज दिखे। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के दोनों लाइनमैन बिना सुविधा शुल्क के काम नहीं करते हैं और इसी वजह से उन्होंने आपूर्ति सुचारू नहीं की। एसएसओ के अनुसार उन्होंने भी लाइनमैन लालाराम और लालजी को फोन किया लेकिन उन्होंने लाइन ठीक करने से मना कर दिया और मोबाइल बंद कर लिया।
20 गांवों के दो हजार उपभोक्ता परेशान
बिजली न आने से बनी, डांडा, सैयापुर, जीवनखेड़ा, पड़रिया, भटखेड़ा, शांतिखेड़ा, डेहुआ, प्रहलाद खेड़ा, बंगालपुर और अतरौलीहार समेत करीब 20 गांवों के 2000 उपभोक्ता 50 घंटे परेशान रहे। सोमवार रात करीब नौ बजे ग्रामीण राजन बाजपेई, कुलदीप त्रिपाठी, राजू, छोटू, नसीम, लुकमान, विपिन, मोंटी सिंह, अभय, उदय और बलराम सिंह विद्युत उपकेंद्र पर रात एक बजे तक डटे रहे। इसके बाद बनी गांव तक विद्युत लाइन दुरुस्त की गई। हालांकि, इसके बाद भी लो-वोल्टेज की समस्या से लोग ग्रसित रहे।