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Hardoi News: दस साल बाद छेड़छाड़ में दोषी को तीन साल की सजा
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
हरदोई। लगभग दस साल पहले हुई छेड़छाड़ की घटना में एक शख्स को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनमोहन सिंह ने दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। 5500 रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 20 जून 2016 को दिन में करीब तीन बजे उसकी पुत्री गांव के बाहर बाग में बंधे बैल को खोलने गई थी। इसी बीच गांव का ही ऋृषिराम आ गया और छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर गाली-गलौज कर पीट दिया था। घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी आरोपी ने दी थी।
मामले की सुनवाई चल रही थी। अभियुक्त के अधिवक्ता ने निर्दोष बताते हुए बरी किए जाने का तर्क दिया। विशेष लोक अभियोजक ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने की बात कहते हुए तर्क दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही सात अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज मनमोहन सिंह ने सजा सुनाई है।
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हरदोई। लगभग दस साल पहले हुई छेड़छाड़ की घटना में एक शख्स को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनमोहन सिंह ने दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। 5500 रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 20 जून 2016 को दिन में करीब तीन बजे उसकी पुत्री गांव के बाहर बाग में बंधे बैल को खोलने गई थी। इसी बीच गांव का ही ऋृषिराम आ गया और छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर गाली-गलौज कर पीट दिया था। घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी आरोपी ने दी थी।
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मामले की सुनवाई चल रही थी। अभियुक्त के अधिवक्ता ने निर्दोष बताते हुए बरी किए जाने का तर्क दिया। विशेष लोक अभियोजक ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने की बात कहते हुए तर्क दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही सात अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज मनमोहन सिंह ने सजा सुनाई है।