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Hardoi News: तीन माह बीते, तकनीकी खामियों में फंसी पंचायतों की कार्ययोजना
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हरदोई। जिले की पंचायतों की विकास कार्ययोजना पिछले तीन माह से तकनीकी खामियों में उलझ गई है। तकनीकी खामियों के चलते पंचायतीराज विभाग का ई-ग्राम स्वराज पोर्टल जून बीतने के बाद भी नहीं चल पाया। मार्च से पहले ही पंचायतों की कार्ययोजनाओं को अनुमोदन मिल गया था लेकिन अब तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर इनकी फीडिंग नहीं हो सकी। इससे कार्यों को गति देने में परेशानी आ रही है।
गांवों में काम और खरीदारी के साथ ही पंचायत स्तर पर तैनात कार्मिकों के मानदेय के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये मिलते हैं। इन रुपयों से काम कराने और भुगतान का हिसाब ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर फीड करना होता है। 1,293 ग्राम पंचायतों, 19 क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायत को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से विकास आदि के लिए प्रत्येक साल करीब 100 करोड़ रुपये मिलते हैं।
इनमें सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण, पेयजल, स्वच्छता, संचारी रोग नियंत्रण और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम शामिल होते हैं। पंचायतीराज विभाग की तरफ से दी गई व्यवस्था में ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत को अपनी-अपनी कार्ययोजना ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर फीड करानी होती है। इसी के अनुसार काम और भुगतान किए जाते हैं।
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फैक्ट फाइल
. 1,293 ग्राम पंचायतें जिले में संचालित।
. 19 क्षेत्र पंचायतें शामिल।
. राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से पंचायतों को मिलती राशि।
. एक साल में मिलते हैं करीब 100 करोड़ रुपये।
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ई-ग्राम स्वराज पोर्टल अभी शुरू नहीं हो पाया है इससे फीडिंग नहीं हो पा रही है। राज्य स्तर पर इसकी जानकारी है। अब 16वें वित्त और छठवें वित्त आयोग की मद में कार्ययोजना की फीडिंग होनी है। -श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी
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गांवों में काम और खरीदारी के साथ ही पंचायत स्तर पर तैनात कार्मिकों के मानदेय के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये मिलते हैं। इन रुपयों से काम कराने और भुगतान का हिसाब ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर फीड करना होता है। 1,293 ग्राम पंचायतों, 19 क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायत को राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से विकास आदि के लिए प्रत्येक साल करीब 100 करोड़ रुपये मिलते हैं।
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इनमें सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण, पेयजल, स्वच्छता, संचारी रोग नियंत्रण और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम शामिल होते हैं। पंचायतीराज विभाग की तरफ से दी गई व्यवस्था में ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत को अपनी-अपनी कार्ययोजना ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर फीड करानी होती है। इसी के अनुसार काम और भुगतान किए जाते हैं।
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फैक्ट फाइल
. 1,293 ग्राम पंचायतें जिले में संचालित।
. 19 क्षेत्र पंचायतें शामिल।
. राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से पंचायतों को मिलती राशि।
. एक साल में मिलते हैं करीब 100 करोड़ रुपये।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल अभी शुरू नहीं हो पाया है इससे फीडिंग नहीं हो पा रही है। राज्य स्तर पर इसकी जानकारी है। अब 16वें वित्त और छठवें वित्त आयोग की मद में कार्ययोजना की फीडिंग होनी है। -श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी