{"_id":"69f22e7f4455dc2579034864","slug":"two-accused-acquitted-in-sc-st-harassment-case-found-guilty-in-assault-case-hardoi-news-c-213-1-hra1001-148932-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: एससी-एसटी उत्पीड़न में दो आरोपी बरी, मारपीट में दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: एससी-एसटी उत्पीड़न में दो आरोपी बरी, मारपीट में दोषी करार
विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) उत्पीड़न और मारपीट के 17 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट ज्ञानेंद्र त्रिपाठी फैसला सुनाया है। उन्होंने दो आरोपियों को मारपीट का दोषी करार दिया और 3,000-3,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं एससी-एसटी उत्पीड़न का आरोप निराधार पाए जाने आरोपियों को इससे बरी किया है। वहीं प्राथमिकी दर्ज कराने वाले को सरकार से मिली आर्थिक मदद को ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। एडीजे ने इसके लिए डीएम को भी पत्र लिखा है।
लोनार कोतवाली क्षेत्र के गंगासिंह पुरवा निवासी गुड्डू ने छह अगस्त 2009 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि पांच अगस्त 2009 को वह हरदोई से अपने गांव आ रहा था। रास्ते में जगदीशपुर में हरीओम की दुकान के पास खड़ा था, तभी इसी कोतवाली क्षेत्र के पट्टापुरवा निवासी सनी व बावन निवासी लतीफ व सलीम ने घेर लिया। सनी ने थप्पड़ों से मारापीटा और सड़क पर पटक दिया था, इससे उसके शरीर में कई चोट आईं थीं। तहरीर के आधार पर पुलिस में तीनों के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी जाति उत्पीड़न की धारा में प्राथमिकी दर्ज की थी।
विवेचना में पुलिस ने लतीफ के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सलीम का नाम आरोप पत्र से निकाल दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग व गाली-गलौज का आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सका, इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को एससी-एसटी उत्पीड़न व धमकाने की धाराओं में दोषमुक्त कर दिया। सामान्य मारपीट की धारा में दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर जुर्माना लगाया है।
Trending Videos
लोनार कोतवाली क्षेत्र के गंगासिंह पुरवा निवासी गुड्डू ने छह अगस्त 2009 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि पांच अगस्त 2009 को वह हरदोई से अपने गांव आ रहा था। रास्ते में जगदीशपुर में हरीओम की दुकान के पास खड़ा था, तभी इसी कोतवाली क्षेत्र के पट्टापुरवा निवासी सनी व बावन निवासी लतीफ व सलीम ने घेर लिया। सनी ने थप्पड़ों से मारापीटा और सड़क पर पटक दिया था, इससे उसके शरीर में कई चोट आईं थीं। तहरीर के आधार पर पुलिस में तीनों के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी जाति उत्पीड़न की धारा में प्राथमिकी दर्ज की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विवेचना में पुलिस ने लतीफ के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सलीम का नाम आरोप पत्र से निकाल दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग व गाली-गलौज का आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सका, इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को एससी-एसटी उत्पीड़न व धमकाने की धाराओं में दोषमुक्त कर दिया। सामान्य मारपीट की धारा में दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर जुर्माना लगाया है।
