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Hathras News: हाथरस, सादाबाद व सासनी को मिलाकर बनेगा विकास प्राधिकरण
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:22 AM IST
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हाथरस जिले का नक्शा। स्रोत : इंटरनेट
- फोटो : internet
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प्रशांत भारती
हाथरस। जिले में प्रस्तावित हाथरस–सादाबाद–सासनी विकास प्राधिकरण के गठन की कवायद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के संयुक्त नियोजक द्वारा भेजे गए पत्र के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। डीएम ने संबंधित विभागों से क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, भूमि उपयोग और विकास संभावनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े तथा नक्शे तलब किए हैं।
डीएम अतुल वत्स ने संबंधित विभागों को दो दिन के भीतर आवश्यक आंकड़े और अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अगर यह योजना धरातल पर उतरी तो क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाएं, आवासीय एवं औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही निवेश आकर्षित होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
प्रस्तावित प्राधिकरण के गठन के बाद हाथरस, सादाबाद और सासनी में अनियोजित विस्तार पर नियंत्रण के साथ आधुनिक शहरी ढांचे का विकास संभव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में क्षेत्र को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उभरते औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है। विकास की नई इबारत लिखने की इस कवायद पर अब जिले की निगाहें टिकी हैं। संवाद
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इन तीन बिंदुओं पर मांगा गया है डाटा
- एक्सप्रेस-वे का विवरण : हाथरस जनपद की सीमाओं से होकर गुजरने वाले सभी वर्तमान और प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे का विस्तृत विवरण और उनके सजरा मानचित्र।
- हाईवे और मुख्य मार्ग : जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग तथा जिला मार्गों (वर्तमान और प्रस्तावित) का विवरण, जिसमें मानचित्र पर उनका पूरा संरेखण स्पष्ट हो।
- जनसंख्या के आंकड़े : जनपद के अंतर्गत स्थित सभी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों) की वर्तमान जनसंख्या व उससे संबंधित अन्य आवश्यक आंकड़े।
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इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
डीएम ने इस परियोजना के लिए उपजिलाधिकारी (हाथरस/सादाबाद/सासनी/सिकंदराराऊ), लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक (अलीगढ़/आगरा/बदायूं) को निर्देश जारी किए हैं। दो दिन के भीतर हर हाल में रिपोर्ट सौंप दें, ताकि प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर शासन को भेजा जा सके। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी को भी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने और आंकड़े उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्यों खास है यह कदम
अब तक हाथरस और उसके नजदीकी मुख्य कस्बे जैसे सादाबाद और सासनी बिना किसी एकीकृत और मास्टर प्लान के बढ़ रहे थे। नया विकास प्राधिकरण बनने से पूरे क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से विकास होगा।
- सुनियोजित शहरीकरण : आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों का निर्धारण मास्टर प्लान के तहत होगा, जिससे अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
-विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर : एक्सप्रेस-वे और नेशनल हाईवे कनेक्टिविटी का बेहतर उपयोग करते हुए चौड़ी सड़कों, पार्कों, सीवरेज सिस्टम और आधुनिक ड्रेनेज का विकास किया जा सकेगा।
-रोजगार और निवेश की बौछार : आगरा और अलीगढ़ के नजदीक होने के कारण इस प्राधिकरण क्षेत्र में नए उद्योगों, लॉजिस्टिक्स हब और बड़े व्यावसायिक केंद्रों की स्थापना के रास्ते खुलेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को जिले में ही रोजगार मिलेगा।
- नागरिक सुविधाएं : स्थानीय निकायों में रहने वाली जनता को बेहतर पेयजल, स्ट्रीट लाइट, मनोरंजन पार्क और सुव्यवस्थित परिवहन जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
विकास प्राधिकरण के लिए शासन से डाटा मांगा गया है। इस डाटा को एकत्रित जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
अतुल वत्स, डीएम।
हाथरस। जिले में प्रस्तावित हाथरस–सादाबाद–सासनी विकास प्राधिकरण के गठन की कवायद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के संयुक्त नियोजक द्वारा भेजे गए पत्र के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। डीएम ने संबंधित विभागों से क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, भूमि उपयोग और विकास संभावनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े तथा नक्शे तलब किए हैं।
डीएम अतुल वत्स ने संबंधित विभागों को दो दिन के भीतर आवश्यक आंकड़े और अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अगर यह योजना धरातल पर उतरी तो क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास, बेहतर आधारभूत सुविधाएं, आवासीय एवं औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही निवेश आकर्षित होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
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प्रस्तावित प्राधिकरण के गठन के बाद हाथरस, सादाबाद और सासनी में अनियोजित विस्तार पर नियंत्रण के साथ आधुनिक शहरी ढांचे का विकास संभव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में क्षेत्र को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उभरते औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है। विकास की नई इबारत लिखने की इस कवायद पर अब जिले की निगाहें टिकी हैं। संवाद
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- एक्सप्रेस-वे का विवरण : हाथरस जनपद की सीमाओं से होकर गुजरने वाले सभी वर्तमान और प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे का विस्तृत विवरण और उनके सजरा मानचित्र।
- हाईवे और मुख्य मार्ग : जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग तथा जिला मार्गों (वर्तमान और प्रस्तावित) का विवरण, जिसमें मानचित्र पर उनका पूरा संरेखण स्पष्ट हो।
- जनसंख्या के आंकड़े : जनपद के अंतर्गत स्थित सभी स्थानीय निकायों (नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों) की वर्तमान जनसंख्या व उससे संबंधित अन्य आवश्यक आंकड़े।
इन अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
डीएम ने इस परियोजना के लिए उपजिलाधिकारी (हाथरस/सादाबाद/सासनी/सिकंदराराऊ), लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक (अलीगढ़/आगरा/बदायूं) को निर्देश जारी किए हैं। दो दिन के भीतर हर हाल में रिपोर्ट सौंप दें, ताकि प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर शासन को भेजा जा सके। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी को भी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने और आंकड़े उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्यों खास है यह कदम
अब तक हाथरस और उसके नजदीकी मुख्य कस्बे जैसे सादाबाद और सासनी बिना किसी एकीकृत और मास्टर प्लान के बढ़ रहे थे। नया विकास प्राधिकरण बनने से पूरे क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से विकास होगा।
- सुनियोजित शहरीकरण : आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों का निर्धारण मास्टर प्लान के तहत होगा, जिससे अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
-विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर : एक्सप्रेस-वे और नेशनल हाईवे कनेक्टिविटी का बेहतर उपयोग करते हुए चौड़ी सड़कों, पार्कों, सीवरेज सिस्टम और आधुनिक ड्रेनेज का विकास किया जा सकेगा।
-रोजगार और निवेश की बौछार : आगरा और अलीगढ़ के नजदीक होने के कारण इस प्राधिकरण क्षेत्र में नए उद्योगों, लॉजिस्टिक्स हब और बड़े व्यावसायिक केंद्रों की स्थापना के रास्ते खुलेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को जिले में ही रोजगार मिलेगा।
- नागरिक सुविधाएं : स्थानीय निकायों में रहने वाली जनता को बेहतर पेयजल, स्ट्रीट लाइट, मनोरंजन पार्क और सुव्यवस्थित परिवहन जैसी आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
विकास प्राधिकरण के लिए शासन से डाटा मांगा गया है। इस डाटा को एकत्रित जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
अतुल वत्स, डीएम।