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Hathras News: खेतों में लहलहाई खुशहाली की फसल, चार साल में आठ गुना बढ़ा मक्का का रकबा

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 02:47 AM IST
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A harvest of prosperity sways in the fields; maize acreage has increased eightfold in four years.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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प्रशांत भारती
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हाथरस। कभी रबी और खरीफ की फसल के बीच खाली रहने वाले हाथरस के खेतों में मक्का की फसल लहलहा रही है। इससे किसानों की आर्थिक हालात में भी बड़ा बदलाव आया है, साथ ही किसानों का रुझान भी बढ़ रहा है। पिछले चार साल में इसका रकबा करीब 8 गुना बढ़ गया है।

हाथरस के कृषि परिदृश्य में मक्का एक क्रांति बनकर उभरी है। मोटे अनाज की बढ़ती मांग ने भी किसानों को इस ओर आर्कषित किया है। हाथरस का किसान अब पारंपरिक फसलों के बजाय कम समय में अधिक मुनाफा देने वाली मक्का की ओर रुख कर रहा है। मंडी में भी इसकी आवक साल दर साल बढ़ रही है। मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में यहां मक्का की आवक एक लाख क्विंटल थी, जो 2025 में पांच लाख क्विंटल पर पहुंच गई है।
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यहां की मक्का की मिठास और अच्छी गुणवत्ता के कारण पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के व्यापारी भी यहां डेरा डाले रहते हैं। किसानों का कहना है कि मक्का की खेती ''''''''कम समय में ज्यादा कमाई'''''''' का जरिया बन गई है।



मात्र ढाई से तीन महीने के भीतर फसल कटकर बाजार में आ जाती है। इस फसल को सिंचाई की भी आवश्यकता कम होती है। इस समय जिले में मक्का की 9108 प्लस, 9208 और शहंशाह जैसी कई उन्नत किस्में मौजूद हैं, लेकिन हाथरस के किसान 1899 किस्म को प्रमुखता दे रहे हैं। एक बीघा में छह से आठ क्विंटल तक इसकी पैदावार निकल रही है। संवाद





बुवाई का बढ़ता ग्राफ

2023 -- 2145 हेक्टेयर

2024 - 5118 हेक्टेयर

2025 - 15584 हेक्टेयर

2026 --17105 हेक्टेयर





लागत और मुनाफा एक नजर में:

बीज का खर्च: 700 से 1000 रुपये प्रति बीघा

समय: महज 75 से 85 दिन में फसल तैयार।

बाजार भाव: 1500 सेव2000 रुपये प्रति क्विंटल।

(वर्ष 2025 के आंकड़े)





मक्का ने हमें रबी और खरीफ के बीच एक नया सहारा दिया है। पहले खेत खाली रहते थे, अब उन्हीं खेतों से हम पंजाब-हरियाणा की मंडियों तक अपनी फसल भेज रहे हैं।
-वीरपाल, किसान, निवासी झींगुरा।





आलू निकासी के बाद खेतों में मक्का बुवाई अच्छी तरीके से हो जाती है। बारिश होने के कारण मक्का की पैदावार भी अच्छी हो रही है।

धर्मेंद्र, किसान, निवासी गढ़ी जैनी।



मक्का की फसल का जिले में तेजी से रकबा बढ़ा है। किसानों को कम समय में मुनाफा देने वाली फसल साबित हो रही है। किसान इस फसल को करने के बाद दूसरी अन्य फसलें जल्दी बुवाई कर लेते हैं।

निखिल देव तिवारी, जिला कृषि अधिकारी
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