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Hathras News: आगरा से लेकर कुंजलपुर तक चीत्कार, मातम में बदली जन्मदिन की खुशियां
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सादाबाद के गांव कुंजलपुर में विलाप करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Samvad
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सादाबाद के गांव कुंजलपुर के लोगों को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली तो गांव में कोहराम मच गया। मोहल्ले में चीत्कार ही सुनाई दे रही थी। परिजन फोन पर यमुना घाट पर मौजूद रिश्तेदारों से जानकारी ले रहे थे, मोहल्ले में रोने और बिलखने की आवाज गूंज रही थी। बच्चे सही सलामत हैं या नहीं, यह जानने के लिए परिजन झटपटा रहे थे।
परिवार व गांव के 10 से 12 लोग आगरा के लिए रवाना हो गए। नौहबत सिंह पांच भाई हैं। उनके ताऊ के बेटे नत्थीलाल व अन्य भी एक ही मोहल्ले में रहते हैं। सभी चचेरे-तहेरे भाइयों के घर अलग-अलग हैं, लेकिन रहते एक परिवार की तरह ही है। नौहबत सिंह ने दो साल पहले बेटी सोनिया की शादी सौरव निवासी शोभा नगर, आगरा से की थी।
सोनिया की बेटी 11 मई को एक साल की हुई थी। पहले जन्मदिन की खुशियां सभी के साथ मनाने के लिए घर पर ही कार्यक्रम रखा था। नौहबत सिंह अपने बेटे रजत कुमार, उनकी पत्नी बबीता के अलावा दूसरे नंबर के भाई कालीचरन की बेटी महक(18) व अंशुल(14), तहेरे भाई नत्थीलाल के नाती कान्हा(20) व अन्य भाइयों के बच्चों के साथ सोमवार को आगरा गए थे। गांव से करीब 12 लोग कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
मंगलवार को नौहबत सिंह व उनके बेटे काम पर जाने के लिए वापस आ गए, जबकि बच्चों ने शाम को आने की बात कही थी। इस पर नौहबत सिंह ने पुत्रवधु बबीता को वहीं रोक दिया और बच्चों के साथ आने की कहा। नौहबत सिंह ने बताया कि वे लोग काम पर थे, जब हादसे की जानकारी मिली। बच्चों के यमुना में डूबने की खबर से पैरों तले जमीन खिसक गई। महक व कान्हा की मौत की जानकारी पर कालीचरन व नत्थीलाल के परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग आगरा के लिए दौड़ पड़े। अशुंल भी डूब गया था, लेकिन उसे समय रहते निकाल लिया गया।
पीछे-पीछे आई मौत की खबर
नौहबत सिंह ने बिलखते हुए कहा कि ऐसा पता होता तो वे सभी को साथ लेकर आते, लेकिन बच्चों के मन की खातिर उन्होंने जिद नहीं की। हम गांव आए और पीछे-पीछे उनकी मौत की खबर। नौहबत ने बताया कि सोनिया के चचिया ससुर राकेश के इकलौते बेटे व उनके मथुरा वाले साढ़ू की बेटी की भी मौत हो गई। यह बताते हुए वे फफक रो पड़े।
भाई-बहनों में होनहार थी महक
कालीचरन की चार बेटी व एक बेटे में महक तीसरे नंबर की बेटी थी। इसी साल उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी तथा 75 फीसद अंक प्राप्त किए थे। कलीचरन ने बताया उनकी बेटी काफी समझदार थी। वे बिलखते हुए बोले की उनकी हर बात का ख्याल रखती थी। कालीचरन दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। महक से छोटी राधिका व छोटे भाई अंशुल के साथ वह माता-पिता का पूरा ध्यान रखती थी। हादसे के समय राधिका भी वहीं पर थी, लेकिन वह पानी में उतरी नहीं थी। अंशुल कालीचरन का इकलौता बेटा है, जो अब खतरे से बाहर है।
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परिवार व गांव के 10 से 12 लोग आगरा के लिए रवाना हो गए। नौहबत सिंह पांच भाई हैं। उनके ताऊ के बेटे नत्थीलाल व अन्य भी एक ही मोहल्ले में रहते हैं। सभी चचेरे-तहेरे भाइयों के घर अलग-अलग हैं, लेकिन रहते एक परिवार की तरह ही है। नौहबत सिंह ने दो साल पहले बेटी सोनिया की शादी सौरव निवासी शोभा नगर, आगरा से की थी।
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सोनिया की बेटी 11 मई को एक साल की हुई थी। पहले जन्मदिन की खुशियां सभी के साथ मनाने के लिए घर पर ही कार्यक्रम रखा था। नौहबत सिंह अपने बेटे रजत कुमार, उनकी पत्नी बबीता के अलावा दूसरे नंबर के भाई कालीचरन की बेटी महक(18) व अंशुल(14), तहेरे भाई नत्थीलाल के नाती कान्हा(20) व अन्य भाइयों के बच्चों के साथ सोमवार को आगरा गए थे। गांव से करीब 12 लोग कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
मंगलवार को नौहबत सिंह व उनके बेटे काम पर जाने के लिए वापस आ गए, जबकि बच्चों ने शाम को आने की बात कही थी। इस पर नौहबत सिंह ने पुत्रवधु बबीता को वहीं रोक दिया और बच्चों के साथ आने की कहा। नौहबत सिंह ने बताया कि वे लोग काम पर थे, जब हादसे की जानकारी मिली। बच्चों के यमुना में डूबने की खबर से पैरों तले जमीन खिसक गई। महक व कान्हा की मौत की जानकारी पर कालीचरन व नत्थीलाल के परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग आगरा के लिए दौड़ पड़े। अशुंल भी डूब गया था, लेकिन उसे समय रहते निकाल लिया गया।
पीछे-पीछे आई मौत की खबर
नौहबत सिंह ने बिलखते हुए कहा कि ऐसा पता होता तो वे सभी को साथ लेकर आते, लेकिन बच्चों के मन की खातिर उन्होंने जिद नहीं की। हम गांव आए और पीछे-पीछे उनकी मौत की खबर। नौहबत ने बताया कि सोनिया के चचिया ससुर राकेश के इकलौते बेटे व उनके मथुरा वाले साढ़ू की बेटी की भी मौत हो गई। यह बताते हुए वे फफक रो पड़े।
भाई-बहनों में होनहार थी महक
कालीचरन की चार बेटी व एक बेटे में महक तीसरे नंबर की बेटी थी। इसी साल उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी तथा 75 फीसद अंक प्राप्त किए थे। कलीचरन ने बताया उनकी बेटी काफी समझदार थी। वे बिलखते हुए बोले की उनकी हर बात का ख्याल रखती थी। कालीचरन दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। महक से छोटी राधिका व छोटे भाई अंशुल के साथ वह माता-पिता का पूरा ध्यान रखती थी। हादसे के समय राधिका भी वहीं पर थी, लेकिन वह पानी में उतरी नहीं थी। अंशुल कालीचरन का इकलौता बेटा है, जो अब खतरे से बाहर है।