Cyber Crime: केवाईसी की आड़ में हुआ ठगी का खेल, 200 से अधिक खातों में करोड़ों खपाए
इन सभी के खाते आगरा संजय पैलेस स्थित डीसीबी बैंक में खोले गए हैं। खाते खोलने का राज गिरोह के ही किसी सदस्य ने कस्बे में उजागर कर दिया। एक महीने से गिरोह को लेकर चर्चा थी, जो कि पुलिस तक पहुंच गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस-सहपऊ कस्बे में दो साल से संचालित साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। मोहल्ला बरीवाला के आकाश से हिरासत में पूछताछ में सामने आया है कि सहपऊ के कुछ युवकों ने केवाईसी की आड़ में 200 से अधिक खाते खुलवाए। इनका म्यूल खातों की तरह इस्तेमाल कर करोड़ों की राशि का हेरफेर किया गया है। आरोपी एक केवाईसी पर 300 रुपये का लालच देकर लोगों को झांसे में लेते थे।
सहपऊ पुलिस को जब पता चला कि आकाश किसान है और महज एक मोहरा है तो उसकी ओर से एफआईआर दर्ज की गई। आकाश की तहरीर पर प्रतीक, प्रसून व अनंत कौशिक सभी निवासी सहपऊ के खिलाफ धोखाधड़ी में रिपोर्ट दर्ज की है। आकाश की तरह कस्बे के ही गोपाल, जितेंद्र, हरि सिंह, करन आदि युवकों को हिरासत में लिया था, जिनमें कोई ढकेल वाला है तो कोई दिहाड़ी मजदूर है। इनसे पूछताछ की तो इन्हीं तीनों युवकों के नाम सामने आए।
इन सभी के खाते आगरा संजय पैलेस स्थित डीसीबी बैंक में खोले गए हैं। खाते खोलने का राज गिरोह के ही किसी सदस्य ने कस्बे में उजागर कर दिया। एक महीने से गिरोह को लेकर चर्चा थी, जो कि पुलिस तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने खाताधारकों की लिस्ट बनाई और फिर पूछताछ में यह राज खुला। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक संज्ञान में आए खातों में पांच से छह करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है। मामले को अब साइबर सेल ट्रांसफर किया जाएगा।
धोखाधड़ी कर खाते खुलवाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में कस्बा के अलावा अन्य गांवों के युवक भी शामिल हैं। पुलिस इसकी गहनता से छानबीन कर रही है। जितने भी युवक शामिल होंगे उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। - जेएन अस्थाना, सीओ सादाबाद
डेढ़ महीने पहले प्रतीक ने हरि के जरिये किया था आकाश से संपर्क
किसान आकाश की उम्र महज 26 वर्ष है। वह खेती के अलावा मजदूरी भी करता है। पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। घर की जिम्मेदारी उसके ही कंधे पर हे। आकाश ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले प्रतीक ने उसके पारिवारिक भाई हरि सिंह के जरिए उससे संपर्क किया था। हरि सिंह होली गेट पर चाऊमीन की ढकेल लगाता है।
आकाश के अनुसार प्रतीक व प्रसून पहले हरि सिंह के पास पहुंचे थे। दोनों ने ढकेल पर लगे यूपीआई पेटीएम की केवाईसी कराने के लिए कहा। प्रसून ने कहा कि अभी ऑफर चल रहा है। 300 रुपये कैश बैक मिलेंगे। हरि सिंह को 300 रुपये देकर केवाईसी की आड़ में डीसीबी बैंक में खाता खोला दिया। उसे फिर लालच देते हुए कहा कि वह अन्य लोगों की केवाईसी कराए और हर केवाईसी पर उसे कमीशन देंगे। इसी कारण हरि सिंह आकाश के पास पहुंचा।
आकाश ने बताया कि प्रतीक ने आधार कार्ड, पेन कार्ड और डिवाइस पर फिंगर प्रिंट ले लिए। इसके बाद प्रतीक ने उसका मोबाइल लेकर आकाश के ऑनलाइन स्लाइस बैंक के खाते में बार कोड के जरिए 500 रुपये डाले और फिर तुरंत अपने खाते में ले लिए और केवाईसी का कैशबैक बता कर 300 रुपये दे दिए। इसी बीच उसने बैंक में खाता खोल दिया था। लालच में आकार आकाश ने अपनी पत्नी, बहन, जीजा व मां के खातों की केवाईसी कराई थी। इसी दौरान उनके भी खाते खोल दिए थे।