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विवाहिता की मौत: चिता में बेटी का अधजला शव-हड्डियां देख फफक पड़े पिता, बोली थी गांव घूम जाओ
Sat, 01 Aug 2026 02:33 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:33 PM IST
सार
बेहाल पिता ने ससुरालियों पर बेटी की हत्या कर शव जलाने का आरोप लगाया है। निर्मला की ससुराल में सास, ससुर और देवर हैं और चचिया ससुर का परिवार भी पास में ही रहता है। घटना के बाद इन सभी के अलावा आस-पड़ोस के भी कुछ लोग भागे हुए हैं।
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निर्मला देवी की शादी का फाइल फोटो, मौके पर पहुंचे पिता व पुलिस
- फोटो : संवाद
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विस्तार
फिरोजाबाद से शाम पांच बजे पिता सुरेशचंद्र सहपऊ के गांव थरौरा पहुंचे तो पुलिस चिता के पास मौजूद थी। चिता पर पानी डाला जा रहा था। सिर व पैर पूरी तरह जल चुके थे। केवल हड्डियां शेष थीं। धड़ का जला हिस्सा मांस का लोथड़ा बन चुका था। अवशेष देख सुरेशचंद्र फफक पड़े। साथ आए लोगों ने उन्हें संभाला। जिस बेटी को नाजों से पाला, उसकी यह हालत देख उनका कलेजा फट पड़ा। बिलखते हुए कहा कि रविवार को आखिरी बार बेटी से बात हुई थीं। आज भी रह-रह कर उसकी आवाज सुनाई दे रही है।
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सुरेशचंद्र ने बताया कि तीन बेटियों में निर्मला दूसरे नंबर की थी। शादी के बाद से पति अमित का व्यवहार ठीक नहीं था। बड़ी होने के नाते वह उनकी लाडली थी। इसलिए वे उसे घर ले आए थे। 10 साल मुकदमा लड़ा। इस बीच दोनों छोटी बेटियों की शादी भी हो गई। सुरेशचंद्र ने कहा कि जब अन्य बेटियों के परिवार को देखते थे तो निर्मला की किस्मत पर रोना आता था। चार साल पहले जब कोर्ट से आदेश हुआ तो उन्होंने घर बसाने के लिए बेटी को ससुराल भेज दिया था। चचिया ससुर रामबरेश के हस्तक्षेप से उसे अलग कमरा भी मिला गया तथा उसके नाम चार बीघा खेत भी हो गया था। तब से वह ठीक रह रही थी। अमित बल्लभगढ़ में किसी फैक्टरी में काम करता था। वह कभी-कभार ही घर आता था। शुरुआत में कुछ महीने निर्मला वहां भी रही थी।
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पिता से बोली थी गांव घूम जाओ
पिता ने रोते हुए बताया कि उनकी पत्नी शारदा देवी की तबियत खराब थी। दोनों बेटियां रविवार को उन्हें देखने आई थीं। तभी बेटियों ने निर्मला को फोन मिलाया था। मां का हाल जानने के बाद बेटी ने उनसे बात की थी। उनकी तबियत पूछी और गांव घूम जाने के लिए कहा था। बेटी को एक-दो दिन में आने का आश्वासन भी दिया था। इसके बाद उसने चचिया ससुर से भी बात कराई थीं। सुरेशचंद्र ने बताया कि उन्होंने चचिया ससुर से बेटी का ध्यान रखने के लिए कहा था। तब बेटी ने कोई परेशानी नहीं बताई थी।
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थरौरा चौराहा से मनाकर लाए थे ससुराली
ग्रामीणों से पिता को मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह घर में कोई विवाद हुआ था। लोगों ने निर्मला को घर से जाते हुए देखा था। वह कोतवाली जाने की बात कहकर घर से निकली थी जिसके बाद ससुराली पीछे दौड़ते दिखे थे और थरौरा चौराहा से मनाकर वापस लाए थे। इसके बाद अचानक घर में उसकी मौत हो गई और आनन-फानन शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
डीजल डालकर शव जलाने की आशंका
पुलिस ने जब चिता के शांत करने का प्रयास किया तो उसमें से डीजल की बदबू आ रही थी। पुलिस के पहुंचने तक मोहल्ले में सन्नाटा छाया हुआ था। शव उसी खेत में जलाया गया जो महिला के नाम था। आनन-फानन लकड़ी एकत्रित की गईं तथा पड़ोसी खेत के बिटौरे से कंडा ले आए। जिस महिला के कंडे थे उसने मना भी किया था। पूरी संभावना है कि शव को जल्दी जलाने के लिए डीजल डाला गया।