Drone Didi: ड्रोन उड़ाकर खेती-किसानों की तस्वीर बदल रहीं दीदी, प्रतिमाह 10 से 12 हजार की आमदनी
इस कार्य से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं। वर्तमान में एक एकड़ खेत में छिड़काव की दर 400 रुपये निर्धारित है। सामान्य तौर पर वह 10,000 से 12,000 रुपये प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर रही हैं।
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हाथरस जिले के सासनी विकास खंड की ग्रामीण महिलाएं अब सिर्फ घर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आसमान में ड्रोन उड़ाकर खेती-किसानों की तस्वीर बदल रही हैं। दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ''ड्रोन दीदी'' योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मार्ग प्रशस्त कर रही है।
जय श्रीराम स्वयं सहायता समूह की सदस्य क्रांति वर्मा ने तकनीक को अपनाकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यमुना प्रेरणा महिला संकुल संघ से जुड़ीं क्रांति अब एक कुशल ''ड्रोन दीदी'' के रूप में जानी जाती हैं। वह न केवल ड्रोन का संचालन कर रही हैं, बल्कि आधुनिक खेती में किसानों की मददगार भी बन रही हैं। भारत सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
ड्रोन दीदी बनाए जाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। जिले में महिलाओं को सशक्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।-प्रेमनाथ यादव, उपायुक्त स्वत: रोजगार।
खेती में ड्रोन के फायदे- ड्रोन के माध्यम से खेती में कई क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं
- उर्वरक व कीटनाशक का छिड़काव : कम समय में बड़े क्षेत्र में यूरिया और कीटनाशकों का सटीक छिड़काव।
- फसल की निगरानी : फसल की सेहत और विकास पर पैनी नजर।
- जमीन का सर्वेक्षण : भूमि की सटीक पैमाइश और सर्वेक्षण में आसानी।
प्रतिमाह 10 से 12 हजार की आमदनी
इस कार्य से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं। क्रांति वर्मा ने बताया कि किसानों द्वारा कार्य के आधार पर धनराशि दी जाती है। वर्तमान में एक एकड़ खेत में छिड़काव की दर 400 रुपये निर्धारित है। सामान्य तौर पर वह 10,000 से 12,000 रुपये प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर रही हैं।
ऐसे बन सकती हैं ड्रोन दीदी
आवेदक महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य होनी चाहिए। महिला के पास एंड्रॉइड स्मार्टफोन चलाने का कौशल होना चाहिए। प्रशिक्षण के लिए जिले से बाहर जाने की इच्छुक हो।
जिले से भेजे गए थे छह प्रस्ताव
जिले में छह ड्रोन दीदी बनाए जाने के प्रस्ताव भेजे गए थे। शासन की ओर से एक ड्रोन का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था। इसकी लागत करीब 10 लाख रुपये है। इसमें से अनुदान दिया जाता है।
