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Hathras News: वाराही देवी मंदिर में लगा मेला, उमड़े श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 26 Mar 2026 02:11 AM IST
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सप्तमी को वाराही देवी मंदिर पर पूजा-अर्चना के दौरान झाड़ा लगवातीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Samvad
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नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को माता कालरात्रि की पूजा की गई। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का मेला लगा रहा। मुरसान गेट स्थित वाराही देवी के मंदिर पर लगे मेले में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां महिलाओं ने देवी की पूजा-अर्चना कर बच्चों की कुशलता की प्रार्थना की।
बुधवार को सुबह से ही घर-घर में श्रद्धालुओं ने मातारानी की अज्ञारी कर पूजा-अर्चना की। जिन भक्तों के यहां अष्टमी के दिन कन्या-लांगुरा जिमाए जाएंगे, उनके यहां सप्तमी को नवरात्र का आखिरी उपवास रखा गया।
यही कारण है कि मंदिरों में जबर्दस्त भीड़ दिखाई दी। शहर के किला गेट स्थित पथवारी देवी, चामड़ गेट स्थित चामुंडा देवी, रमनपुर स्थित चामुंडा देवी मंदिर, सुरंगपुरा स्थित हाथरसी देवी, मुरसान गेट स्थित बौहरे वाली व जिले के अन्य मंदिरों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
पूरे दिन देवी मंदिरों में देवी के जयकारे और घंटों की आवाजें गूंजती रहीं। शाम को देवी मंदिरों में देवी प्रतिमाओं का मनोहारी शृंगार किया गया और फूलबंगला सजाया गया। बौहरे वाली देवी मंदिर पर लगे मेले में बच्चे झूले व खेल-तमाशों का लुत्फ लेते नजर आए।
बच्चों की कुशलता के लिए की पूजा
नवरात्र की सप्तमी को परंपरागत तरीके से मुरसान गेट स्थित वाराही देवी मंदिर में मेले का आयोजन किया गया। यहां शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों से भी लोग बड़ी संख्या में मेला देखने पहुंचे। महिलाओं ने बच्चों की कुशलता के लिए उनका मुर्गे से उतारा भी कराया। शहर के तालाब चौराहा स्थित मशानी माता के मंदिर में भी मेला लगा रहा। संवाद
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बुधवार को सुबह से ही घर-घर में श्रद्धालुओं ने मातारानी की अज्ञारी कर पूजा-अर्चना की। जिन भक्तों के यहां अष्टमी के दिन कन्या-लांगुरा जिमाए जाएंगे, उनके यहां सप्तमी को नवरात्र का आखिरी उपवास रखा गया।
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यही कारण है कि मंदिरों में जबर्दस्त भीड़ दिखाई दी। शहर के किला गेट स्थित पथवारी देवी, चामड़ गेट स्थित चामुंडा देवी, रमनपुर स्थित चामुंडा देवी मंदिर, सुरंगपुरा स्थित हाथरसी देवी, मुरसान गेट स्थित बौहरे वाली व जिले के अन्य मंदिरों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
पूरे दिन देवी मंदिरों में देवी के जयकारे और घंटों की आवाजें गूंजती रहीं। शाम को देवी मंदिरों में देवी प्रतिमाओं का मनोहारी शृंगार किया गया और फूलबंगला सजाया गया। बौहरे वाली देवी मंदिर पर लगे मेले में बच्चे झूले व खेल-तमाशों का लुत्फ लेते नजर आए।
बच्चों की कुशलता के लिए की पूजा
नवरात्र की सप्तमी को परंपरागत तरीके से मुरसान गेट स्थित वाराही देवी मंदिर में मेले का आयोजन किया गया। यहां शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों से भी लोग बड़ी संख्या में मेला देखने पहुंचे। महिलाओं ने बच्चों की कुशलता के लिए उनका मुर्गे से उतारा भी कराया। शहर के तालाब चौराहा स्थित मशानी माता के मंदिर में भी मेला लगा रहा। संवाद