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Hathras News: खराश-खांसी ने किया बेहाल, अस्पताल में उमड़े मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 26 Mar 2026 02:41 AM IST
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बागला जिला अस्पताल में लगी मरीजों की कतार। संवाद
- फोटो : Samvad
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मौसम में आए बदलाव और बदलते तापमान के बीच जिले में वायरल का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इन दिनों बड़ी संख्या में लोग गले में खराश और खांसी की समस्या से जूझ रहे हैं। बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी से लेकर पैथोलॉजी लैब तक मरीजों की कतारें नजर आ रही हैं। बुधवार को काउंटर से 2263 पर्चे बनाए गए, जिनमें 80 फीसदी पर्चे ऑनलाइन रहे।
फिजिशियन डाॅ. अवधेश कुमार ने बताया कि बदलते मौसम का सबसे बुरा असर सांस के मरीजों पर पड़ रहा है। ओपीडी में सीओपीडी यानी क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। लोग वायरल बुखार व सर्दी-जुकाम की चपेट में आ रहे हैं।
धूल-धक्कड़ और हवा में नमी के कारण भी छाती में संक्रमण की समस्या बढ़ रही है, जिससे मरीजों को सांस लेने में कठिनाई और लगातार खांसी की शिकायत हो रही है। बुधवार को जिला अस्पताल का नजारा बदला हुआ था।
यहां सुबह आठ बजे से ही पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग गई। फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञों के कक्ष के बाहर लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। वायरल बुखार के साथ-साथ गले में इन्फेक्शन के मरीज सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं।
पैथोलॉजी पर बढ़ा जांच का दबाव
चिकित्सक सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षणों को देखते हुए खून की जांच और एक्स-रे की सलाह दे रहे हैं। बुधवार को अस्पताल की पैथोलॉजी लैब पर भी जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। पूरे दिन में 210 लोगों के खून के नमूने लिए गए।
इस मौसम में ठंडी चीजों के सेवन से बचें और गले में खराश होने पर गुनगुने पानी का प्रयोग करें। यदि सांस लेने में दिक्कत हो या कफ ज्यादा जमा हो तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं। खुद से एंटीबायोटिक दवाएं न लें।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस
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फिजिशियन डाॅ. अवधेश कुमार ने बताया कि बदलते मौसम का सबसे बुरा असर सांस के मरीजों पर पड़ रहा है। ओपीडी में सीओपीडी यानी क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। लोग वायरल बुखार व सर्दी-जुकाम की चपेट में आ रहे हैं।
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धूल-धक्कड़ और हवा में नमी के कारण भी छाती में संक्रमण की समस्या बढ़ रही है, जिससे मरीजों को सांस लेने में कठिनाई और लगातार खांसी की शिकायत हो रही है। बुधवार को जिला अस्पताल का नजारा बदला हुआ था।
यहां सुबह आठ बजे से ही पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लग गई। फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञों के कक्ष के बाहर लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। वायरल बुखार के साथ-साथ गले में इन्फेक्शन के मरीज सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं।
पैथोलॉजी पर बढ़ा जांच का दबाव
चिकित्सक सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षणों को देखते हुए खून की जांच और एक्स-रे की सलाह दे रहे हैं। बुधवार को अस्पताल की पैथोलॉजी लैब पर भी जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। पूरे दिन में 210 लोगों के खून के नमूने लिए गए।
इस मौसम में ठंडी चीजों के सेवन से बचें और गले में खराश होने पर गुनगुने पानी का प्रयोग करें। यदि सांस लेने में दिक्कत हो या कफ ज्यादा जमा हो तो तुरंत विशेषज्ञ को दिखाएं। खुद से एंटीबायोटिक दवाएं न लें।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस