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ताबड़तोड़ एनकाउंटर का खौफ: गोली और गिरफ्तारी का डर, अपराधियों की टूटी कमर, नीचे गिरा लूट का ग्राफ

कमल वार्ष्णेय, अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 11 Jun 2026 03:24 PM IST
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सार

पिछले डेढ़ साल में पुलिस की कार्रवाई पर नजर डालें तो आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस और बदमाशों के बीच 40 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 56 अपराधी घायल हुए। इस साल जनवरी से मई तक हुई मुठभेड़ों में ही 24 अपराधी पुलिस की गोली का शिकार होकर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

Hathras encounter incidents
पुलिस मुठभेड़ - फोटो : पुलिस
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विस्तार

हाथरस जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख और ताबड़तोड़ एनकाउंटर का खौफ साफ देखने को मिला है। पुलिस की इसी सख्ती का असर है कि जिले में लूट का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। वर्ष 2017 से मई 2026 तक हाथरस पुलिस ने 259 मुठभेड़ को अंजाम दिया है। इसमें 766 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें से 81 अपराधियों के पैर में गोली लगी है।



पिछले डेढ़ साल में पुलिस की कार्रवाई पर नजर डालें तो आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस और बदमाशों के बीच 40 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 56 अपराधी घायल हुए। इस साल जनवरी से मई तक हुई मुठभेड़ों में ही 24 अपराधी पुलिस की गोली का शिकार होकर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। वर्ष 2024 में 17 लूट की घटनाएं हुईं, जो 2025 तक घटकर 10 रह गईं। वहीं इस साल दो लूट की घटनाएं हुई हैं। इन ढाई साल में लूट में शामिल 88 अपराधी जेल भेज गए, जबकि पिछले नौ साल में हुई पुलिस मुठभेड़ के आंकड़ों पर नजर डालें तो 81 अपराधियों में से 56 इस डेढ़ साल में पुलिस की गोली का शिकार हुए हैं।

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पिछले तीन वर्षों से आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिले के ऐसे अपराधी जो बाहर के जिलों या राज्यों में अपराध कर चुके हैं, उनकी भी निगरानी हो रही है। सक्रिय अपराधियों की साप्ताहिक निगरानी के लिए पुलिस उनके घरों पर दस्तक दे रही है। रियल टाइम मॉनिटरिंग व बीट पुलिसिंग से पुराने अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है, जिससे घटनाओं पर लगाम लगी है। यही नहीं जमानतियों पर भी पुलिस की नजर रहती है। इसके अलावा बदमाश जिस भाषा में समझ रहे हैं, उन्हें उस भाषा में समझाया जा रहा है।- चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी (हाथरस)

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आईसीजेएस डिजिटल प्लेटफॉर्म से अपराधियों पर नकेल
अपराधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम(आईसीजेएस) का प्रभावी उपयोग कर रही है। यह एक राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो पुलिस (सीसीटीएनएस), ई-प्रिजन (जेल), ई-कोर्ट (न्यायालय), ई-फॉरेंसिक और ई-प्रॉजिक्यूशन को आपस में जोड़ता है। इसके सटीक रिकॉर्ड व वन डेटा-वन एंट्री से जांच प्रक्रिया में तेजी आती है। यहां तक कि अपराधियों के जमानतियों तक पर शिकंजा कसना आसान हो जाता है।

इस साल हुई लूट की घटनाएं

  • केस 1 (सिकंदराराऊ) : 17 मार्च को गांव टटी निवासी जनसेवा केंद्र संचालक अमित कुमार दुकान बंद कर बाइक से घर जा रहे थे। तभी काली स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारकर ढाई लाख रुपये लूट लिए। पुलिस ने महज आठ दिन के भीतर 25 मार्च को मुठभेड़ के दौरान तीन बदमाशों को दबोच लिया, जिसमें दो के पैरों में गोली लगी।
  • केस 2 (सहपऊ) : 19 मार्च की रात बदमाशों ने सिखरा से गुतहरा मार्ग पर स्थित देसी शराब के ठेके के सेल्समैन से तमंचे के बल पर 78 हजार रुपये लूट लिए थे। इस मामले में भी 25 मार्च की रात को ही सहपऊ पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पैर में गोली लगने से घायल एक शातिर बदमाश को दबोच लिया।


वर्ष 2024 से 2026 तक दर्ज हुए मुकदमे
कोतवाली 2024 2025 2026 जेल भेजे आरोपी

कोतवाली सदर 2 1 0 4
हाथरस गेट- 2 1 0 5
सासनी -            1 0 0 3
सादाबाद में - 3 1 0 14
सहपऊ में - 2 2 1 17
चंदपा में - 2 1 0 10
मुरसान में - 1 2 0 09
सिकंदराराऊ में - 2 1 1 10
हाथरस जंक्शन में- 1 1 0 12
हसायन में            1 0 0 01
कुल             17 10 2 88

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