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Hathras News: स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी रफ्तार, मिले 16 करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 28 May 2026 02:21 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बजट के अभाव में पिछले काफी समय से वेंटिलेटर पर चल रहीं जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राहत भरी खबर है। शासन से जिले को 16 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। भारी-भरकम बजट मिलने के बाद अब न सिर्फ आंदोलनकारी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान होगा, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं भी पूरी तरह बहाल हो सकेंगी।
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत लगभग 600 संविदा कर्मचारी तैनात हैं, जिनका एक महीने का वेतन करीब 1.5 करोड़ रुपये बैठता है। दो महीने से वेतन न मिलने के कारण नाराज कर्मचारियों ने मोर्चा खोल रखा था। 20 मई से कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य बहिष्कार के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं थीं।
हालांकि आश्वसान पर तीन दिन बाद कार्य बहिष्कार वापस ले लिया गया था। इसके अलावा जिले की 1,395 आशा कार्यकर्ता और 179 एएनएम का मानदेय व प्रोत्साहन राशि भी अटकी हुई थी, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित हो रहे थे।
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ये योजनाएं हो रहीं थीं प्रभावित
जननी सुरक्षा योजना : इसके अंतर्गत लगभग आठ हजार गर्भवती महिलाओं के खाते में राशि नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीण क्षेत्र में 1400 और शहरी में 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
निक्षय पोषण योजना : इसमें 4,946 टीबी मरीज जुलाई 2025 से प्रभावित हैं। योजना के तहत मरीजों को पोषण के लिए मिलने वाले 1000 प्रतिमाह रुके हुए हैं, जो कि छह माह तक मिलते हैं। इनके साथ मरीजों का छह महीने का कोर्स पूरा कराने पर उपचार सहायकों को 1000 की राशि दी जाती है। इनमें अधिकतर आशा ही होती हैं। ये भी अटकी हुई हैं।
पीएमएसएसए : जिले में प्रत्येक माह की 1, 9, 16 व 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस लगता है। इसमें गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जांच सेवाएं दी जाती हैं। अल्ट्रासाउंड के लिए प्राइवेट क्लीनिकों से स्वास्थ्य विभाग को अनुबंध होता है। अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को भी योजना के तहत भुगतान नहीं हो पा रहा है।
जिले को एनएचएम के अंतर्गत बजट प्राप्त हो चुका है। हमारी पहली प्राथमिकता सभी कर्मचारियों की सैलरी और लाभार्थियों की रुकी हुई प्रोत्साहन राशि को क्लीयर करना है। इसके लिए विभागीय प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अगले सप्ताह तक शत-प्रतिशत राशि संबंधित लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
-डाॅ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ, हाथरस
जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत लगभग 600 संविदा कर्मचारी तैनात हैं, जिनका एक महीने का वेतन करीब 1.5 करोड़ रुपये बैठता है। दो महीने से वेतन न मिलने के कारण नाराज कर्मचारियों ने मोर्चा खोल रखा था। 20 मई से कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य बहिष्कार के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं थीं।
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हालांकि आश्वसान पर तीन दिन बाद कार्य बहिष्कार वापस ले लिया गया था। इसके अलावा जिले की 1,395 आशा कार्यकर्ता और 179 एएनएम का मानदेय व प्रोत्साहन राशि भी अटकी हुई थी, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित हो रहे थे।
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ये योजनाएं हो रहीं थीं प्रभावित
जननी सुरक्षा योजना : इसके अंतर्गत लगभग आठ हजार गर्भवती महिलाओं के खाते में राशि नहीं पहुंच सकी है। ग्रामीण क्षेत्र में 1400 और शहरी में 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
निक्षय पोषण योजना : इसमें 4,946 टीबी मरीज जुलाई 2025 से प्रभावित हैं। योजना के तहत मरीजों को पोषण के लिए मिलने वाले 1000 प्रतिमाह रुके हुए हैं, जो कि छह माह तक मिलते हैं। इनके साथ मरीजों का छह महीने का कोर्स पूरा कराने पर उपचार सहायकों को 1000 की राशि दी जाती है। इनमें अधिकतर आशा ही होती हैं। ये भी अटकी हुई हैं।
पीएमएसएसए : जिले में प्रत्येक माह की 1, 9, 16 व 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस लगता है। इसमें गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जांच सेवाएं दी जाती हैं। अल्ट्रासाउंड के लिए प्राइवेट क्लीनिकों से स्वास्थ्य विभाग को अनुबंध होता है। अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को भी योजना के तहत भुगतान नहीं हो पा रहा है।
जिले को एनएचएम के अंतर्गत बजट प्राप्त हो चुका है। हमारी पहली प्राथमिकता सभी कर्मचारियों की सैलरी और लाभार्थियों की रुकी हुई प्रोत्साहन राशि को क्लीयर करना है। इसके लिए विभागीय प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अगले सप्ताह तक शत-प्रतिशत राशि संबंधित लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
-डाॅ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ, हाथरस