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Hathras: युद्ध का हींग उद्योग पर पड़ा असर, हड्डा-हींगड़ा हींग के दाम बढ़ने से बिगड़ा कारोबार का जायका

विनीत चौरसिया, अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 19 Mar 2026 03:16 PM IST
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सार

सामान्य रूप से खाने में इस्तेमाल होने वाली पीनकसीर, उज्वैकी, नुकरा और तेजाकी हींग की आवक अभी सामान्य बनी हुई है। इन किस्मों के दामों में फिलहाल कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखी गई है।

impact of the war on Hathras asafoetida industry
हाथरस की एक फैक्टरी में तैयार होती हींग - फोटो : संवाद
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विस्तार

ईरान-इस्रायल के बीच जारी तनाव के बीच अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमले का असर हाथरस के हींग कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। ईरान से आने वाली हड्डा और हींगड़ा हींग के दामों में करीब 30 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों की निगाह इस समय अफगानिस्तान के हालात पर है। वहां अगर हालात बिगड़ते हैं तो कारोबार बुरी तरह प्रभावित होगा।

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स्थानीय कारोबारियों के अनुसार हड्डा और हींगड़ा हींग का उपयोग मुख्य रूप से आयुर्वेदिक दवाओं जैसे हींगवटी, चूर्ण आदि बनाने में होता है। पहले जहां हींगड़ा हींग करीब 28 हजार रुपये प्रति किलो तक मिल रही थी, वहीं अब इसके दाम बढ़कर 35 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इसी तरह हड्डा हींग के दाम भी 15 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
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शहर के हींग कारोबारियों ने बताया कि ईरान से आने वाली सप्लाई प्रभावित होने के कारण हींगड़ा और हड्डा की उपलब्धता कम हो गई है, कारोबारी फिलहाल पुराने स्टॉक से काम चला रहे हैं। रोजमर्रा में प्रयोग किए जाने की वाली पीनकसीर और तेजाकी व अन्य किस्मों की हींग अफगानिस्तान से आती है। अगर यहां हालात खराब हुए तो कारोबार प्रभावित हो सकता है। कारोबारियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले समय में हींग की अन्य किस्मों की आवक पर भी असर पड़ सकता है।

जनपद के उद्यमियों को फिलहाल राहत है, क्योंकि हींगड़ा व हड्डा हींग की हिस्सेदारी हींग कारोबार में महज 10 फीसदी ही है। ऐसे में इसके दामों में इजाफे का कोई असर कारोबार पर नहीं है। अन्य किसी भी किस्म की हींग पर किसी प्रकार की तेजी नहीं है। यदि हालात नहीं सुधरे तो आवक प्रभावित होगी।-मनोज अग्रवाल, हींग कारोबारी
भारत का ईरान से सीधा कारोबार नहीं है, लेकिन अगर अफगानिस्तान पर हमले की घटना के बाद अगर हालात और बिगड़ते हैं तो कारोबार पर असर पड़ सकता है। अफगानिस्तान के हॉस्पिटल पर हुए हमले के बाद हींग कारोबार में हलचल बढ़ गई है, लेकिन अभी दामों में कोई अंतर देखने को नहीं मिल रहा।-राजकुमार अग्रवाल, हींग कारोबारी


इन किस्मों पर नहीं कोई असर
सामान्य रूप से खाने में इस्तेमाल होने वाली पीनकसीर, उज्वैकी, नुकरा और तेजाकी हींग की आवक अभी सामान्य बनी हुई है। इन किस्मों के दामों में फिलहाल कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखी गई है।

 

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