बालक की मौत पर बवाल: मुरसान में थाने पर पथराव के बाद पुलिस का खौफ, घरों पर ताले लगाकर भागे लोग
मुरसान थाने पर पथराव के उपद्रवियों में 14 पुरुष व 12 महिलाओं को गिरफ्तार किया। सभी महिलाओं और दो बुजुर्गों को थाने से ही नोटिस व मुचलके की कार्रवाई के बाद छोड़ दिया है। 12 पुरुषों को जेल भेज दिया गया।
विस्तार
मुरसान कस्बे में 8 फरवरी को सड़क हादसे में बालक यश की मौत के बाद हुए बवाल के बाद से पुलिस मोहल्ला किला मढ़ैया में लगातार दबिश दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ भी की है। पुलिस कार्रवाई के डर से लोग घरों पर ताले लगाकर भाग गए हैं। कुछ घरों में डरी-सहमी महिलाएं ही नजर आ रही हैं। लोग काम पर नहीं जा रहे और मोहल्ले व कस्बे में ढकेल तक नहीं लगी।
मोहल्ले में पुलिस तैनात है। 10 फरवरी को पुलिस ने पैदल मार्च भी किया है। इस मामले में 51 नामजद व 70 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। लोगों को डर है कि कहीं अज्ञात में उनका नाम शामिल न हो जाए। बच्चे और महिलाएं भी दहशत में हैं।
मोहल्ला किला मढ़ैया में मंगलवार को सन्नाटा पसरा रहा। मृतक बच्चे के घर पर गिने-चुने लोग मिले। दादी शकुंतला का रो-रो कर बुरा हाल था। आस-पास के घरों पर ताले लटके नजर आए। मोहल्ले के अलावा कस्बे में यहां के लोग ढकेल लगाते हैं। लोग सब्जी, नाश्ता, फल आदि की ढकेल रेलवे स्टेशन के सामने लगाते हैं। यह जगह पूरी तरह खाली पड़ी हुई है। इन्हें डर है कि पुलिस कहीं इन्हें भी गिरफ्तार न कर लें।
यह थी घटना
रविवार की दोपहर किला मढ़ैया में घर के बाहर खेल रहे ढाई साल के मासूम यश की कार की चपेट में आकर मौत हो गई थी। घटना से गुस्साए लोगों ने थाने को घेरकर मथुरा रोड पर जाम लगा दिया था। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो थाने पर पथराव कर दिया। इस घटना में एसएचओ सहित सात पुलिस कर्मियों के चोट आई थी।
12 को जेल भेजा, 12 महिलाओं और दो पुरुषों को नोटिस देकर छोड़ा
रविवार देर रात प्रकरण में 121 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। सोमवार देर रात उपद्रवियों में 14 पुरुष व 12 महिलाओं को गिरफ्तार किया और उनका परीक्षण कराया गया। सभी महिलाओं और दो बुजुर्गों को थाने से ही नोटिस व मुचलके की कार्रवाई के बाद छोड़ दिया है। 12 पुरुषों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस पर दबिश के दौरान दरवाजा तोड़ने का आरोप
मासूम यश की ताई कमलेश ने बताया कि उनका परिवार पथराव की घटना में शामिल नहीं था। कुछ अराजक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। सोमवार को पुलिस ने उनके घर दबिश दी थी, जब दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस कर्मियों ने उसे तोड़ दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार के सदस्यों पर पथराव का आरोप लगाते हुए मारपीट की गई। वीडियो में साक्ष्य दिखाने के लिए कहा तो अभद्रता भी की। पुलिस ने इनके पति के खिलाफ कार्रवाई की है।
शोक संवेदना जताने घर आने से कतरा रहे रिश्तेदार, नहीं चले चूल्हे
बच्चे की दादी शकुंतला ने बताया कि उपद्रव करने वाले कोई और थे, लेकिन पुलिस उनके रिश्तेदारों को भी धमका रही है। नाते-रिश्तेदार शोक जताने भी नहीं आ पा रहे। दोनों बेटियां भाई के बेटे की मौत की सूचना पर आई थीं। पुलिस ने उन्हें भी धमकाया, जिस कारण दोनों ससुराल लौट गईं।
पूरा घर व रिश्तेदार दहशत में हैं। शकुंतला का कहना है कि पथराव करने वाले लोग बाहर के थे। करीब 10-15 लोग आए और आते ही हमें फसाने के लिए पथराव कर दिया है। शकुंतला ने कहा कि घटना के बाद से घर में चूल्हा नहीं चला। पड़ोसी खाना दे रहे हैं, नाते रिश्तेदार आ नहीं पा रहे। लोगों के काम धंधे भी बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे की मौत से परिवार पहले ही टूटा हुआ है और अब पुलिस दहशत बना रही है।
कोतवाली पर चल रहा मरम्मत का कार्य
8 फरवरी की शाम को किला मढैया सहित अन्य लोगों के द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव से मुरसान कोतवाली के मुख्य द्वार पर लगा ग्लो साइन बोर्ड क्षतिग्रस्त तो हो गया था। दीवार पर भी निशान थे, जो पथराव की गवाही दे रहे थे। कई जगह पर दीवार का प्लास्टर भी टूट गया था। इसके चलते मंगलवार को कोतवाली गेट के मरम्मत का कार्य कराया गया। वहीं क्षतिग्रस्त बोर्ड को हटा दिया गया है।