Hathras: बंदरों का मिले समाधान तो साल भर में पूरा होगा सूर्य घर का लक्ष्य, नुकसान के डर से हिचक रहे उपभोक्ता
दरअसल पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना है जिसका उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली उत्पादन बढ़ाना और लोगों के बिजली बिल में कमी करना है।
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अवारा कुत्तों के अलावा हाथरस में बंदर सरकारी योजनाओं की राह में रोड़ा बन रहे हैं। अगर बंदरों का समाधान मिले तो जिले में साल भर में सूर्य घर योजना का लक्ष्य पूरा हो सकता है। प्रदेश सरकार ने पूरे जिले को मार्च 2027 तक 5694 घरों को सौर ऊर्जा से लैस करने का लक्ष्य रखा है। अब तक 1840 घरों की छतों पर सोलर प्लेट स्थापित हुई हैं लेकिन दिन भर बंदर इन प्लेट्स पर उछल कूद कर रहे हैं जिससे प्लेट्स को काफी नुकसान भी हो रहा है।
लाभार्थियों की यह हालात देख अन्य घर इस योजना से जुड़ने में झिझक रहे हैं। हालांकि जागरूकता के लिए विभाग ने जन अभियान भी किया जिसका नतीजा है कि 3800 लोगों ने पीएम सूर्य घर योजना के लिए पंजीयन कराया जो पिछले साल की तुलना में करीब पांच गुना अधिक बताया जा रहा है। इसके बावजूद आधे से भी कम आवेदकों ने सोलर प्लेट्स लगवाई हैं। आवेदकों का कहना है कि बंदरों की उछलकूद के कारण सोलर प्लेट क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और कई बार वे तार भी काट देते हैं, जिससे सिस्टम खराब हो जाता है और उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
दरअसल पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना है जिसका उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली उत्पादन बढ़ाना और लोगों के बिजली बिल में कमी करना है। इस योजना के तहत सरकार सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने पर सब्सिडी देती है। दो किलोवाट तक के सोलर संयंत्र पर 60 और तीन किलोवाट तक के संयंत्र पर 40 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान है।
हमारे क्षेत्र में बंदरों का उत्पात कुछ ज्यादा है। कुछ महीने पहले ही मैंने घर पर सोलर पैनल लगवाया था, लेकिन बंदरों की उछलकूद के कारण सोलर प्लांट की प्लेट टूट गईं और तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। इससे मुझे काफी नुकसान उठाना पड़ा।-हरिओम शर्मा निवासी मीतई।
योजना अच्छी है और सब्सिडी भी मिल रही है, लेकिन बंदरों की समस्या के कारण हम सोलर प्लांट लगवाने से डर रहे हैं। यदि बंदरों की समस्या का समाधान हो जाए तो अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ लेने के लिए आगे आएंगे।-कमल शर्मा निवासी नाई का नगला।
29 वेंडर घर-घर कर रहे संपर्क
जिले में 29 वेंडरों की ओर से लगातार योजना का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है और यह भी बताया जा रहा है कि सोलर प्लांट लगवाने पर मात्र छह प्रतिशत की ब्याज दर पर तत्काल ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बावजूद उपभोक्ता सोलर लगवाने में हिचकिचा रहे हैं।
बीमा देकर मिल सकती है राहत
अधीक्षण अभियंता विद्युत अजीत कुमार सिंह ने बताया कि लोगों से संपर्क किया जा रहा है। पिछले साल की तुलना में इस साल सोलर प्लांट लगवाने वालों की संख्या पांच गुना बढ़ी है। यह बात भी सही है कि लोग बंदरों के उत्पात के चलते सोलर प्लांट लगवाने में पीछे हट रहे हैं। हालांकि लाभार्थी अगर बीमा करा ले तो सोलर प्लेट्स को हुए नुकसान की भरपाई हो सकती है। इसके लिए लाभार्थी को अलग से खर्च करना पड़ेगा।
बिजली का बिल भी हो रहा कम
सोलर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली का प्रयोग न होने पर इसे विद्युत विभाग वापस ले रहा है। स्मार्ट मीटर के जरिये यह सुविधा दी जा रही है। इसके तहत अगर किसी उपभोक्ता द्वारा एक माह में 300 रीडिंग खर्च की गई हैं और सोलर प्लांट से उत्पादित अतिरिक्त 200 रीडिंग विद्युत विभाग को चली गईं तो उपभोक्ता को सिर्फ 100 रीडिंग का ही बिल देना पड़ रहा है।
योजना पर एक नजर
- 2027 तक 5694 परिवारों को योजना से जोड़ने का मिला लक्ष्य
- 3800 लोगों ने कराया सोलर प्लांट लगवाने के लिए पंजीकरण
- 1840 घरों में ही लगे अभी तक सोलर प्लांट
- 29 वेंडरों को सौंपी गई है सोलर प्लांट लगवाने की जिम्मेदारी
- 06 फीसदी ब्याज दर पर दी जा रही ऋण की सुविधा
