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Hathras News: चीनी के दामों में बढ़ोतरी ने छीनी रसोई की मिठास
Wed, 05 Aug 2026 02:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:20 AM IST
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शहर के बाजार में एक दुकान पर रखे चीनी के बोरे। संवाद
- फोटो : Samvad
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बाजार में बीते महज तीन दिनों के भीतर थोक में चीनी के दामों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अचानक आई इस तेजी से थोक मंडी से लेकर फुटकर बाजार तक चिंता बढ़ गई है। आम लोगों की रसोई का बजट भी गड़बड़ा गया है।
यदि बीते एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो चीनी के दामों में लगातार उछाल देखने को मिला है। करीब एक माह पूर्व थोक बाजार में जो चीनी 4,400 रुपये प्रति कुंतल बिक रही थी, उसके दाम पहले बढ़कर 4,700 रुपये प्रति कुंतल हुए और अब यह छलांग लगाकर सीधे 5,000 रुपये प्रति कुंतल के स्तर पर पहुंच गए हैं।
थोक बाजार में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। थोक भाव पांच हजार रुपये कुंतल पहुंचने के बाद अब फुटकर बाजार में चीनी के दाम 51 से 52 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। भूरापीर निवासी थोक कारोबारी संजय कुमार ने बताया कि इस बार गन्ने की फसल में आई कमी और मिलों में उत्पादन प्रभावित होने की वजह से बाजार में आपूर्ति घटी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
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सप्लाई घटने और मिलों से उठान महंगा होने से बढ़ीं कीमतें
चीनी के थोक व्यापारी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पीछे चीनी मिलों से ही माल की आवक काफी कम हो रही है। इस बार देश में गन्ने का रकबा और पैदावार कम रहने के चलते मिलों ने कोटा कम जारी किया है और बेस प्राइस बढ़ा दिए हैं। मात्र तीन दिनों में ही थोक भाव में 300 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी हो चुकी है। अब जब थोक में ही चीनी पांच हजार रुपये कुंतल पड़ेगी तो उसमें ट्रांसपोर्टेशन, पल्लेदारी और आढ़त का खर्च जोड़कर फुटकर व्यापारी इसे 51 से 52 रुपये किलो में बेचने को मजबूर होंगे। यदि आने वाले दिनों में मिलों से आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो दामों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
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यदि बीते एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो चीनी के दामों में लगातार उछाल देखने को मिला है। करीब एक माह पूर्व थोक बाजार में जो चीनी 4,400 रुपये प्रति कुंतल बिक रही थी, उसके दाम पहले बढ़कर 4,700 रुपये प्रति कुंतल हुए और अब यह छलांग लगाकर सीधे 5,000 रुपये प्रति कुंतल के स्तर पर पहुंच गए हैं।
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थोक बाजार में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। थोक भाव पांच हजार रुपये कुंतल पहुंचने के बाद अब फुटकर बाजार में चीनी के दाम 51 से 52 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। भूरापीर निवासी थोक कारोबारी संजय कुमार ने बताया कि इस बार गन्ने की फसल में आई कमी और मिलों में उत्पादन प्रभावित होने की वजह से बाजार में आपूर्ति घटी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
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सप्लाई घटने और मिलों से उठान महंगा होने से बढ़ीं कीमतें
चीनी के थोक व्यापारी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पीछे चीनी मिलों से ही माल की आवक काफी कम हो रही है। इस बार देश में गन्ने का रकबा और पैदावार कम रहने के चलते मिलों ने कोटा कम जारी किया है और बेस प्राइस बढ़ा दिए हैं। मात्र तीन दिनों में ही थोक भाव में 300 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी हो चुकी है। अब जब थोक में ही चीनी पांच हजार रुपये कुंतल पड़ेगी तो उसमें ट्रांसपोर्टेशन, पल्लेदारी और आढ़त का खर्च जोड़कर फुटकर व्यापारी इसे 51 से 52 रुपये किलो में बेचने को मजबूर होंगे। यदि आने वाले दिनों में मिलों से आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो दामों में और तेजी देखने को मिल सकती है।