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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Waiting for six months... neither has the pension arrived, nor has the running around come to an end.

Hathras News: छह माह से कर रहीं इंतजार...न पेंशन आई, न भागदौड़ थमी

Tue, 28 Jul 2026 01:44 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Tue, 28 Jul 2026 01:44 AM IST
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Waiting for six months... neither has the pension arrived, nor has the running around come to an end.
जिला प्रोबेशन अ​धिकारी के कार्यालय में पेंशन की जानकारी लेने पहुंचीं महिलाएं। संवाद - फोटो : Samvad
सरकार भले ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के जरिये असहाय, बुजुर्ग और विधवाओं को आर्थिक संबल देने का दावा करती हो, लेकिन धरातल पर प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की सुस्ती ने इन दावों की पोल खोलकर रख दी है। जिले में पिछले छह महीनों से सैकड़ों पात्र महिलाएं पेंशन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। बैंक के चक्कर काटने से लेकर तहसील परिसर में अधिकारियों के दफ्तर के बाहर घंटों इंतजार करने के बाद भी इन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
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केस-1
छह महीने से एक रुपया नहीं आया
सादाबाद क्षेत्र के गांव ऊघई की रहने वाली शकीना की विधवा पेंशन पिछले फरवरी माह से बंद है। बैंक के सात चक्कर काटने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सोमवार की सुबह सात बजे वे घर से निकलीं। टेंपो से सादाबाद चौराहा, फिर वहां से हाथरस के तालाब चौराहे और फिर ई-रिक्शा पकड़कर सुबह 9:30 बजे तहसील सदर पहुंचीं। अधिकारी के न मिलने पर उन्हें 10:30 बजे तक गेट पर ही बैठकर इंतजार करना पड़ा, तब जाकर मुलाकात हो सकी।
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केस 2-
बैंक वाले हाथरस तहसील भेज देते हैं
सिकंदराराऊ के अगसौली की रहने वाली त्रिवेणी की पेंशन होली के त्योहार से ही रुकी हुई है। स्थानीय बैंक के पांच चक्कर लगाने पर बैंक कर्मियों ने हाथरस तहसील जाने की सलाह दे दी। सुबह सवा सात बजे घर से निकलकर ट्रेन व अन्य साधनों से सफर करते हुए वह सुबह नौ बजे हाथरस सिटी स्टेशन उतरीं। वहां से ई-रिक्शा लेकर पौने 10 बजे जिला प्रोबेशन कार्यालय पहुंचीं। अधिकारी के न होने के कारण साढ़े 10 बजे तक दफ्तर के गेट पर ही बैठकर समय काटना पड़ा।
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छह महीने से सुन रही हूं...जल्द आ जाएगी
शहर के मौहल्ला नाई का नगला निवासी लक्ष्मी पेंशन नहीं आने से बेहद परेशान हैं। वह पिछले छह महीनों में 10 बार बैंक और पांच बार तहसील सदर स्थित जिला प्रोबेशन कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं। हर बार अधिकारी और कर्मचारी जल्द पेंशन आने का भरोसा देकर टाल देते हैं। छह महीने बीत जाने के बाद भी खाते में रुपये नहीं आने से उनके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
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ऐसा पहली बार हुआ कि छह माह से खाता खाली
पिछले दो दशकों से नियमित विधवा पेंशन प्राप्त कर रहीं सोन देवी बताती हैं कि उनके साथ 20 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि छह महीने तक पेंशन नहीं आई। दो महीने तक बैंक के दो चक्कर लगाने के बाद वह सोमवारको तहसील स्थित जिला प्रोबेशन कार्यालय पहुंचीं। वहां कर्मचारियों ने बताया कि कुछ लोगों की पेंशन आ गई है और बाकी महिलाओं की भी जल्द आ जाएगी।

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जिले में कुल 34 हजार विधवा पेंशन की लाभार्थी हैं। आधी से अधिक पात्र महिलाओं के खातों में पेंशन की राशि पहुंच चुकी है। तकनीकी व प्रक्रियात्मक कारणों से रुकी शेष पेंशन की धनराशि भी जल्द ही सभी लाभार्थियों के खातों में भेज दी जाएगी।
-सीमा मौर्य, जिला प्रोबेशन अधिकारी।
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