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Hathras: पोखर-सरकारी जमीन घेरकर बसाई कॉलोनी, डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई, कॉलोनाइजर पर रिपोर्ट दर्ज

Mon, 27 Jul 2026 10:48 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 27 Jul 2026 10:48 AM IST
सार

नगर पालिका प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्देश दिए, जिसके बाद मनोज यादव, मैसर्स वसुंधरा एस्टेट्स व उनके सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस एफआईआर से कॉलोनाइजरों में खलबली मच गई है। कॉलोनी में रह रहे लोग भी परेशान हैं कि कोई बड़ी कार्रवाई न हो जाए।

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Colony built by encircling pond-government land
हाथरस नगर पालिका - फोटो : संवाद

विस्तार

नगर पालिका परिषद हाथरस ने सरकारी जमीन, पोखर और रास्ते पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी बसाने के मामले में मथुरा रोड स्थित ग्लोरी गार्डन कॉलोनी के कॉलोनाइजर मनोज यादव पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रशासनिक जांच के बाद नगर पालिका के नजूल भूमि निरीक्षक ने कोतवाली हाथरस गेट में यह रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस जांच में जुट गई है।

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गांव हतीसा भगवंतपुर के रहने वाले मनोज यादव मैसर्स वसुंधरा एस्टेट्स में भागीदार हैं। ग्लोरी गार्डन को लेकर डीएम से गोपनीय शिकायत की गई थी। डीएम के निर्देश पर जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी में संयुक्त नियोजक (संभागीय नियोजन खंड आगरा), प्रभारी अधिकारी (द्वितीय कलेक्ट्रेट हाथरस) और अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व हाथरस) ने संयुक्त जांच की। स्थलीय निरीक्षण और राजस्व अभिलेखों की जांच में पाया गया कि ग्लोरी गार्डन कॉलोनी के निर्माण में बड़े पैमाने पर सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को घेरा गया है।

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प्रशासनिक जांच के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सरकारी जमीन को घेरकर चहारदीवारी के अंदर ले लिया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका हाथरस

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मामला सरकारी संपत्ति से जुड़ा है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।-हिमांशु माथुर, सीओ सिटी।

इन सरकारी जमीनों का बदला स्वरूप
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि गाटा संख्या 447 (रकबा 0.121 हेक्टेयर) भूमि अभिलेखों में नाली में दर्ज है। इसके अलावा गाटा संख्या 500 (रकबा 0.135 हेक्टेयर) नाली व रास्ते में अंकित है। गाटा संख्या 502 (रकबा 0.069 हेक्टेयर) पोखर में दर्ज है। इनके स्वरूप को बदलकर उस पर पक्की पटरी और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछा दी गईं। गाटा संख्या 503 (रकबा 0.055 हेक्टेयर) एवं 581 रास्तों के रूप में दर्ज भू-भाग हैं, जिसे कॉलोनी के विकास में उपयोग किया गया है।

बिना स्वीकृति बनाई चहारदीवारी
जांच रिपोर्ट के अनुसार, उक्त सभी सरकारी जमीनों को ग्लोरी गार्डन कॉलोनी की चहारदीवारी के भीतर शामिल कर निजी उपयोग में ले लिया गया। यही नहीं, इस कॉलोनी के निर्माण के बाद भी किसी सक्षम स्तर से आवश्यक वैधानिक विनियमन या अनुमोदन की प्रक्रिया भी पूर्ण नहीं कराई गई।

दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
नगर पालिका प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर नजूल भूमि निरीक्षक यशराज शर्मा को निर्देश दिए, जिसके बाद कोतवाली हाथरस गेट में मनोज यादव, मैसर्स वसुंधरा एस्टेट्स व उनके सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस एफआईआर से कॉलोनाइजरों में खलबली मच गई है। कॉलोनी में रह रहे लोग भी परेशान हैं कि कोई बड़ी कार्रवाई न हो जाए।

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